नई दिल्ली। योगराज शर्मा। राष्ट्रीय दलित नेता व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयकिशन को दिल्ली पुलिस ने बीती रात से ही घर मे नजरबंद किए जाने से दलित समाज में खासा रोष है। बीती रात दस बजे से सुबह 11 बजे तक घर के चारो तरफ घेराबंदी करके जयकिशन को सुबह कहीं जाने की इजाजत नहीं दी गई। सुबह पांच बजे जब वो भगवान वाल्मीकि मंदिर में पूजा करने व इंदिरा गांधी और सरदार पटेल की की स्माधि पर पुष्पांजली अर्पित करने के लिए घर से निकले तो उनको वहीं रोक दिया गया। और बताया गया कि वो किसी समारोह में हिस्सा लेने नहीं जा सकते।
जयकिशन ने पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी और एक दलित नेता के वाल्मीकि जयंती पर पूजा अर्चना तक नहीं किए जाने का समाचार जब मीडिया पर चलना शुरु हुआ तो 11 बजे पुलिस के कुछ अधिकारी आकर उनसे मिले और स्थानीय मंदिरों में जाने की इजाजत दी। लेकिन पुलिस के कुछ कर्मचारी सादी वर्दी मे और कुछ वर्दी में घर पर दिन भर तैनात रहे। ऐसे में जयकिशन ने घर के पास ही के मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की और घर पर ही भगवान वाल्मीकि और स्व, इंदिरा गांधी और सरदार पटेल की फोटो पर माला अर्पित की। उनके साथ इलाके के सैंकड़ो दलित नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। इस सारे घटनाक्रम पर श्री जयकिशन ने दुखी व मायूस मन से आंखो में आंसू आते हुए कहा कि आज देश में दलितों पर किस तरह से अत्याचार हो रहा है, ये आज मीडिया के कैमरो ने भी सामने देख लिया। एक वाल्मीकि जाति के बेटे को अपने भगवान की पूजा अर्चना करने तक को रोक दिया गया। एक कांग्रेसी को अपनी मां जैसी नेता इंदिरा जी की स्माधि तक नहीं जाने दिया गया। एक देशभक्त को अपने प्रिय नेता सरदार पटेल की स्माधि तक नही जाने दिया गया। जो लोकतंत्र का गला घोटने और संविधान मे दिए मूल अधिकारो का हनन है जो पुलिस ने किया।
श्री जयकिशन ने कहा कि पुलिस केंद्र की मोदी और दिल्ली की केजरीवाल सरकार के हाथों की कठपुतली बनी हुई है और उनके इशारे पर काम करते हुए जनविरोधी कार्य कर रही है। जिसका उदाहरण आज उनकी नजरबंदी और उनके अधिकारो के हनन की इस घटना ने साबित कर दिया। उन्होने कहा कि जहां आज वाल्मीकि जयंती के दिन पूरे देश में धूम धाम ने शोभायात्राएं निकाली जाती थी, आज दलितो को
उनके अराध्यय भगवान की जयंती मनाने से रोका गया, जिसे लेकर दलित समाज में रोष है। साथ ही जयकिशन ने कहा कि इस करोनाकाल में अगर राम मंदिर का समारोह हो सकता था, तो आज वाल्मीकि जयंती समारोह पर रोक क्यों। उन्होने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग की।

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