हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि अंग्रेजों के नक्शे कदम पर चलकर भाजपा सरकार कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन में उठने वाली हर आवाज को दबाना चाहती है। लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सकती। पूरा देश भाजपा के षड्यंत्र को पहचान चुका है। राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाल रहे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेना भाजपा सरकार की तानाशाही है। सरकार यह समझ ले कि वह किसानों के समर्थन में कांग्रेस की आवाज को नहीं दबा सकती है। भाजपा सरकार को काले कानून रद्द करने ही होंगे।
बता दें कि कि गुरुवार को राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाल रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा समेत कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया था। दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत से छोड़े जाने के उपरांत हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने यह बातें कहीं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के समर्थन में उठने वाली हर आवाज को कुचल देना चाहती है। जिन किसानों के हितों का दावा भाजपा सरकार करती आई है, उन्हीं किसानों की आवाज को नहीं सुन रही है। किसान पिछले एक महीने से सड़कों पर हैं। इस आंदोलन में 40 से ज्यादा किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन सरकार जानबूझकर इसे अनदेखा कर रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ उन्हें व अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेना इस सरकार की तानाशाही है। उन्होंने कहा कि सरकार के लगातार ऐसे तानाशाही रवैये ने अंग्रेजी शासन की याद ताजा कर दी हैं। देश में अंग्रेजों द्वारा गोपनीय तरीके से काले कानूनों को पास करा दिया जाता था और जब जनता विरोध करती थी तो जनता की आवाज को अस्त्रों-शस्त्रों समेत अन्य हथकंडों द्वारा कुचलने का कार्य किया जाता था। उसी प्रकार आज यह सरकार इन काले कानूनों के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को दबा देना चाहती है। भाजपा सरकार अंग्रेजों के नक्शे कदम पर चल रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार किसान की रोजी-रोटी को खत्म कर देना चाहती है। अपने कुछ पूंजीपति मित्रों की खातिर सरकार ने कृषि क्षेत्र को लूटने का षड्यंत्र रचा है। सरकार इसमें सफल हो पाती, इससे पहले ही देश के अन्नदाताओं ने सरकार की इस साजिश को पहचान लिया। भाजपा सरकार को किसानों की वकालत करनी चाहिए थी, पूंजीपतियों की नहीं। किसान व मजदूरों के हितों की बलि देकर पूंजीपतियों का भला नहीं किया जा सकता है। भाजपा सरकार को अन्नदाताओं की मांगें माननी ही होंगी और काले कानून रद्द करने होंगे

No comments:
Post a Comment
Note: Only a member of this blog may post a comment.