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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार के नेतृत्व में आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन अली मेंहदी व सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तब्लीकी जमात व मुस्लिम समुदाय पर आप पार्टी व केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा कोरोना फैलाने के आरोप को दिल्ली हाई कोर्ट के द्वारा सभी आरोप से मुक्त किए जाने पर आप पार्टी व भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया।
v तब्लीगी जमात के खिलाफ झूठे प्रचार के लिए अमित शाह और मुख्यमंत्री अरविंद को माफी मांगनी चाहिए- चौ. अनिल चैधरी
v निजामुद्दीन मरकज को अब फिर से खोला जाना चाहिए क्योंकि अब अन्य धार्मिक स्थलों को देश भर में और दिल्ली में भक्तों के प्रवेश की अनुमति दी जा चुकी है-चौ. अनिल कुमार।
नई दिल्ली, 24 दिसम्बर, 2020 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार के नेतृत्व में आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन अली मेंहदी ने तब्लीकी जमात व मुस्लिम समुदाय पर आप पार्टी व केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा कोरोना फैलाने के आरोप को दिल्ली हाई कोर्ट के द्वारा सभी आरोप से मुक्त किए जाने पर आप पार्टी व भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन अली मेंहदी, उनके सहयोगी और तमाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जैसे ही आप पार्टी व भाजपा मुख्यालय का घेराव करने के लिए अपने कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन से आगे की ओर प्रस्थान किया तो दिल्ली पुलिस ने इन सभी को कांग्रेस कार्यालय के मुख्य द्वार पर ही बैरीगेट लगाकर रोक दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ता, मुस्लिम समुदाय और दलित संगठनों के लोग, डीपीसीसी कार्यालय, राजीव भवन, राऊस एवेन्यू में AAP कार्यालय और भाजपा मुख्यालय के घेराव से पहले इकट्ठे हुए, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए, जिन्होंने मोदी विरोधी नारेबाजी की और अरविंद सरकार विरोधी नारे भी लगाए। घेराव में भाग लेने वालों में डीपीसीसी के उपाध्यक्ष श्री जय किशन व मुदित अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री मतीन अहमद, पूर्व विधायक श्री वीर सिंह धींगान, अमरीश गौतम, श्री अली मेहंदी और देवली से पूर्व विधायक अरविंदर सिंह लवली, दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुश्री अमृता धवन, जिला अध्यक्ष मदन खोरवाल, निगम पार्षद सुरेश कुमार, सुशीला खोरवाल, श्री परवेज आलम, जे.एस. नियोल, प्रदीप पांडे, अब्दुल वाहिद कुरैशी और रमेश पंडित आदि शामिल थे।
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि मोदी सरकार और अरविंद सरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय पर कोविड़-19 महामारी फैलाने का जानबूझकर दोष लगाने का प्रयास किया गया है, जिससे सांप्रदायिक जुनून पैदा हो गया। उन्होंने कहा कहा हालांकि सच्चाई तो यह है कि केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली की अरविन्द सरकार दोनों ने ही सांप्रदायिक दंगा फैलाने की कोशिस की और कोविड़-19 महामारी को रोकने के उपयों में देरी की, इनही की अक्षमता के कारण वायरस और उच्च मृत्यु दर में बुरी तरह से इजाफा हुआ। उन्होंने कहा कि जो देश भर में और दिल्ली में डॉक्टरों और अन्य “कोरोना वारियर्स” के बहुमूल्य जीवन का दावा करते है उन्हीं की नेतृत्व वाली सरकार में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मियों सहित स्वास्थ्य कर्मचारियों को उचित उपकरणों के बिना तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी काम करना पड़ा। चौ. अनिल कुमार ने कहा कि कोरोना वारियर्स के प्रति अरविंद सरकार की असंवेदनशीलता इस तथ्य से स्पष्ट है कि उन्होंने जो कोरोना ड्यूटी पर मारे गए कोरोना योद्धाओं को जो 1 करोड़ देने की घोषणा की थी वों 1 करोड़ रूपया भी उन्हें नहीं दिया गया ।
अनिल कुमार ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम अरविंद को तब्लीगी जमात के खिलाफ झूठी अफवाहें फैलाने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि निजामुद्दीन मरकज को फिर से खोल दिया जाए, अब जब देश में और दिल्ली में अन्य धार्मिक स्थलों में भक्तों के प्रवेश की अनुमति दी जा चुकी है।
श्री अली मेहंदी ने कहा कि कोरोना के लिए तबलीगी जमात को कोरोना फैलाने के लिए दोषी ठहराना घोर अनुचित था, मोदी सरकार देश भर में और दिल्ली में अरविंद सरकार कोविड़-19 वायरस के फैलने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रसार और मृत्यु चार्ट में शीर्ष पर होने के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद हमारा देश भारत जल्दी ही दुनिया का दूसरा राष्ट्र बन जाऐगा, क्योंकि मोदी सरकार की यह शासन विफलताएँ रही है कि शुरू में महामारी के वास्तविक प्रसार को छिपाने की कोशिश की और मृत्यु दर कवर करने में भी विफल रही।
DPCC के उपाध्यक्ष और दलित समुदाय के नेता श्री जयकिशन ने कोरोना के फैलने के कारणों और उच्च मृत्यु दर के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारों को दोषी ठहराते हुऐ कहा कि केन्द्र और दिल्ली सरकारें शुरुआत में फैले वायरस की तीव्रता का सही आकलन नहीं कर पाए और ये दोनों सरकारें हमेशा एक भ्रम की दुनिया में ही रहती है। उन्होंने कहा कि झूठ बोलना नौटंकी करना इन दोनों सरकारों के लिए आम बात हो गई है यह इसी का नतीजा है कि कोरोना मामलों में बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि जिन्होंने महामारी के नियंत्रण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, अरविंद सरकार ने उन स्वच्छता कर्मियों के वेतन को भी रोक दिया और कोरोना ड्यूटी पर मारे गए स्वच्छता कर्मचारियों को 1 करोड़ मुआवजे से पुरस्कृत करने से भी इनकार कर दिया।
श्री मतीन अहमद ने कहा कि अरविंद सरकार ने कोरोना परीक्षण के लिए निजी प्रयोगशालाओं को स्थापित किया और कोरोना परीक्षण तब बढ़ाया गया जब दिल्ली कांग्रेस ने अति विशवस्निय RT-PCR टेस्टों के माध्यम से कोरोना परीक्षण को एक लाख प्रति दिन तक बढ़ाने की मांग की। प्रतिदिन 1 लाख कोरोना परीक्षण की अनुमति मिल जाने के बाद भी अरविंद सरकार अभी तक 1 लाख प्रतिदिन कोरोना पीरक्षण नहीं करा सकी। उन्होंने कहा कि दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक परिवहन और शराब की दुकानों का खुलना, बिना कोरोना रोकथाम दिशा निर्देशांे के, तथा लॉक और अनलॉक ने कोरोना प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया, न कि तब्लीगी जमात और मुस्लिम समुदाय ने, मुस्लिम समुदाय तो भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा गलत तरीके से दोषी ठहराऐं गए है।
मुख्य संवाददाता,
..........................नई दिल्ली।
- डीपीसीसी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने सीएम अरविंद से अपील की कि वे मंडोली जेल में बन्द कांग्रेस नेता इशरत जहां की सुरक्षा सुनिश्चित करें ताकि उन पर हमला व उत्पीड़न न हो ।
नई दिल्ली, 24 दिसंबर, 2020 --दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद से अपील की है कि वे पूर्व मिगमपार्षद इशरत जहां को मंडोली जेल में परेशान, दुर्व्यवहार और आहत न किया जाऐ। चौ. अनिल कुमार ने कहा कि इशरत जहां, जिसे सीएए व एनआरसी के खिलाफ विरोध करने के लिए मंड़ोली महिला जेल में बंद किया गया है ने इस सम्बन्ध में माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, कड़कड़डूमा कोर्ट (शाहदरा) से अपनी याचिका में मांग की कि को मानसिक व शारीरिक तौर पर उत्पीड़न न किया जाऐ।
चौ. अनिल कुमार ने सीएम अरविंद से जेल में बन्द इशरत जहां की सुरक्षा सुनिश्चित करने ककी मांग की। उन्होंने कहा कि इशरत जहां एक राजनीतिक कार्यकर्ता है वें कोई अपराधी नहीं है और उन पर हमला और उनका उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्य संवाददाता,
..........................नई दिल्ली।
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