जीके ने आजतक चैनल के खिलाफ डाली जनहित याचिका
मामला चैनल द्वारा सिखों के खिलाफ चलाई जा रही फर्जी खबरों का
नई दिल्ली, 29 जनवरी 2021ः लाल किले पर 26 जनवरी को हुई घटना के बाद मीडिया के एक हिस्से द्वारा किसान आंदोलन को निशान साहिब के चलते धार्मिक रंगत देने के मामले के बाद जागो पार्टी चौकन्नी हो गई है। जागो पार्टी द्वारा लगातार मीडिया रिपोर्टो की समीक्षा करने के दौरान हिन्दी के बड़े खबरी चैनल आजतक के द्वारा बिना तथ्यों के सिखों के खिलाफ किए जा रहे प्रचार का खुलासा हुआ था। जिसे लेकर आज जागो पार्टी के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके एवं राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींडसा द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डी.एन. पटेल ने मामले की अगली सुनवाई 1 फरवरी को करने का ऐलान किया। जागो पार्टी द्वारा दाखिल की गई याचिका में पार्टी ने आजतक द्वारा 26 जनवरी की परेड में शामिल राम मंदिर की झांकी के गुंबद और केदारनाथ मंदिर की मूर्ति को एक खास समुदाय के लोगों द्वारा तोडने की चलाई गई खबर पर सवाल उठाए हैं।
इस बारे जानकारी देते हुए जीके ने बताया कि आजतक जिम्मेदार मीडिया एजेंसी की भूमिका निभाने की बजाए एकतरफा जहरीला प्रचार एक समुदाय के खिलाफ चला रहा है। साथ ही आजतक प्रसारण के आर्दश सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहा है। जिसे न्यूज ब्राडकास्टर्स एसोसिएशन जरूरी बताता है। आजतक द्वारा सिखों के खिलाफ किये जा रहे प्रचार से सिखों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है और इसका सिख भाईचारे की रोजी रोटी पर भी असर पड़ सकता है। आजतक द्वारा चलाई गई खबर के कारण सिखों के खिलाफ दूसरे समुदाय को उकसाने, भड़काने की शंका पैदा हो गई है। जिससे दंगे आदि हो सकते हैं। यह सीधे तौर पर केबल टैलीविजन नेटवर्क रेगूलेशन एक्ट 1995 का उल्लंघन है। जीके ने कहा कि हमने कोर्ट को विनती की है कि खबरें चलाने के निर्धारित कानूनों की पालन ना करते हुए आजतक द्वारा की गई कोताही पर मीडिया घरानों को खबरें प्रसारण की आचार संहिता मानने की हिदायत दी जाये। आजतक के साथ जीके के द्वारा न्यूज ब्राडकास्टर एसोसिएशन, सचिव प्रैस काउन्सिल आफ इंडिया एवं केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार को पार्टी बनाया गया है।

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