खालिस्तानी अमृतपाल सिंह को सांसद के रूप में एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया शपथ नहीं लेने देगा: वीरेश शांडिल्य


 अगर शपथ के लिए अमृतपाल आया बाहर तो दिखाएँगे नए संसद के बाहर काले झंडे: शांडिल्य 


 शांडिल्य बोले- यदि अमृतपाल सिंह लोकसभा की सदस्यता लेना चाहता है तो वह भारतीय संसद की दहलीज पर माथा टेक कर माफी मांगे और कहे कि उसे तिरंगा व संविधान प्यारा है और अमृतपाल सिंह कभी जीवन में जरनैल सिंह भिंडरावाला या खालिस्तानी मुहिम नहीं चलाएगा तो उनका संगठन अमृतपाल सिंह का सम्मान खुद करेगा 

चंडीगढ़: एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्टीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने या लोकसभा स्पीकर ने खालिस्तानी और आईएसआई के एजेंट अमृतपाल सिंह को लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ दिलाई तो उनका संगठन केंद्र सरकार का विरोध करेगा। शांडिल्य ने घोषणा की कि यदि अमृतपाल सिंह डिबरूगढ़ जेल से दिल्ली शपथ लेने आएगा तो एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के सदस्य उसे काले झंडे दिखाएंगे व उसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि अमृतपाल सिंह को किसी अदालत ने भी लोकसभा सदस्यता की शपथ के लिए इजाजत दी तो वह उस राज्य के हाईकोर्ट में उस आदेश को एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया की तरफ से चुनौती देंगे। वीरेश शांडिल्य ने दिल्ली में संसद भवन के बाहर जाकर घोषणा की कि वह किसी कीमत पर भी खालिस्तानी अमृतपाल सिंह को लोकसभा की शपथ नहीं लेने देंगे और देश के गृह मंत्र अमित शाह उनके संगठन एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया का समर्थन करें और वीरेश शांडिल्य ने संसद भवन के बाहर आने से पहले कॉन्सिट्यूशन क्लब में फ्रंट के सदस्यों की बैठक ली और रूप रेखा तैयार की। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि अमृतपाल सिंह को वोट देने वाले कट्टरपंथी हैं जो पंजाब में खालिस्तान चाहते हैं लेकिन किसी कीमत पर भी पंजाब में खालिस्तानी मुहिम को सिर उठाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2022 में सबसे पहले उनके संगठन एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया ने पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को ज्ञापन देकर अमृतपाल सिंह को आईएसआई का एजेंट बताया था और उसे देशद्रोह में गिरफ्तार करने की मांग की थी। और लगातार पंजाब में अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब में प्रदर्शन किए थे। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने कहा कि संविधान को, तिरंगे को, कानून को चेतावनी देने वाला भले ही अमृतपाल सांसद बन गया लेकिन उस खालिस्तानी अमृतपाल सिंह को जो पंजाब में फिर जरनैल सिंह भिंडरावाला की तरह तबाही मचाना चाहता था उसे लोकसभा सदस्य के रूप में एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया शपथ नहीं लेने देगी। इसके लिए चाहे उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा या अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े वह पीछे नहीं हटेंगे। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वह पिछले 25 साल से पाकिस्तानी आतंकवाद, बब्बर खालसा के आतंकवादियों सहित जरनैल सिंह भिंडरावाला के साहित्य व खालिस्तानी मुहिम का हाईकोर्ट से लेकर सड़कों तक विरोध कर रहे हैं। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया देश का एक मात्र ऐसा संगठन है जो आज से 22 साल पहले 2002 में दिल्ली से जम्मू कश्मीर तक आतंकवाद के खिलाफ रथ यात्रा लेकर गए और आतंकवाद के खिलाफ उनका संगठन आग उगलता गया और भारत माता व शहीदों के जयघोष करता गया ऐसे में उनके लिए अमृतपाल जैसी सोच रखने वाले सही मायनों में जेल में रहने के हकदार हैं। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने कहा कि यदि अमृतपाल सिंह लोकसभा की सदस्यता लेना चाहता है तो वह भारतीय संसद की दहलीज पर माथा टेक कर माफी मांगे और कहे कि उसे तिरंगा व संविधान प्यारा है और अमृतपाल सिंह कभी जीवन में जरनैल सिंह भिंडरावाला या खालिस्तानी मुहिम नहीं चलाएगा तो उनका संगठन अमृतपाल सिंह का सम्मान खुद करेगा।

कैप्शन ; 
नई संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए वीरेश शांडिल्य व प्रदर्शन के लिए संसद का मुआयना करते हुए ।

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