निर्माता निर्देशक एक्टर रतन औलख को विश्व शांति व मानवता पुरुस्कार मिला




मोहाली, 23 जून। मोहाली चंडीगढ के विख्यात फिल्म अभिनेता निर्माता निर्देशक रतन औलख को वर्ल्ड ह्यूमन राइटस ओर्गेनाइजेशन इंडिया व यूरोप की तरफ से मानवता, शांति पुरुस्कार “ यूनिवर्सल राईट्स एंड पीस अवार्डस 2025” से सम्मानित किया गया। ये पुरुस्कार उन्हें मोहाली में ओर्गेनाइजेशन के चेयरमैन योगराज शर्मा ने दिया। इस मौके पर पंजाबी फिल्म कलाकार तरसेम पॉल, सतवंत कौर और नेहा पंवार के साथ समाजसेवी हैरी संधू भी मौजूद थे। आपको बता दे कि रतन औलख मोहाली सेक्टर 65 मे स्थित दारा फिल्म स्टूडियो के डायरेक्टर और स्वर्गीय पहलवान दारा सिंह जी के रिश्तेदार है। पंजाबी फिल्मो में उनके विलेन के रुप में किरदार को उनकी पहचान माना जाता रहा है जबकि निजि जीवन में उतने ही सज्जन और सदहर्दय व्यक्ति हैं।


इस पुरुस्कार के बारे में चेयरमैन योगराज शर्मा ने बताया कि रतन औलख जी द्वारा पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को करीब 40 साल से ज्यादा योगदान देने के साथ साथ उनके पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासो के लिए भी दिया गया है। इस पुरुस्कार को उनके लाइफटाईम अचीवमेंट अवार्डस के रुप भी कहा गया है। उन्होने बताया कि रतन औलख जी करीब एक लाख से ज्यादा पेड लगाकर पर्यावरण संरक्षण की स्वेच्छा को सजीव किया है।

रतन औलख का जन्म अमृतसर, पंजाब, भारत में हुआ था। सिनेमा में आने से पहले उन्होंने थिएटर अभिनेता के रूप में शुरुआत की थी। औलख ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 1973 में हिंदी फिल्म मेरा देश मेरा धर्म से की थी उन्हें पंजाब फिल् मामला गडबड़ है से पहचान मिली, जहां उन्होने गुरदास मान के साथ विलेन मिकि की भूमिका निभाई इस भूमिका ने उन्हें पंजाबी सिनेमा में एक प्रमुख अभिनेता के रूप में स्थापित किया। औलख ने फिल्म उद्योग में विभिन्न पदों पर काम किया है, जिसमें अभिनय, निर्देशन, लेखन और निर्माण शामिल हैं। वह हिंदी फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं को पंजाबी सिनेमा में लाने का काम करते हैं। उनके प्रोजेक्ट 'मित्तर प्यारे नू हाल मुरीदां दा कहना' में अक्षय कुमार ने अभिनय किया था । रतन ने 1990 के दशक में जुनून, युग, मै दिल्ली हूं और विष्णु पुराण शो के साथ टेलीविजन में काम करना शुरू किया। रतन ने फ्रीस्टाइल कुश्ती और पेशेवर कुश्ती के प्रमोटर और रेफरी के रूप में काम किया है।

रतन औलख जी की फिल्मो के यादगार नाम है मेरा देश मेरा धर्म, सवा लाख से एक लडाउं, बजरंग बली, ध्यानु भग्त भक्ति में शक्ति, मै इंतकाम लूंगा, सरपंच, मामला ग़डबड है, शूरवीर, आखिरी निश्चय, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र, अमावस की रात, शेरा दे पुत्त शेर, सरपंच, मौत की सजा, रुहानी ताकत, पगड़ी संभाल जट्टा, यारा नाल बहारां, बैचेन, रखवाले, जुनून, युग, ट्रक ड्राइवर, करण, रब दिया राखां, सरदारी, मै दिल्ली हूं, जालसाज, विष्णु पुराण,स मित्र प्यारेनू, हाल मुरीदां दा कहना, जट्ट जेम्स बांड, देसी जादू, बाजरे दा सिट्टा, मजदूर, निरादर, मेरा सुपना, नानक नाम जहाज है और रौनक।

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