झुग्गी झौपड़ी की बर्बादी पर दिल्ली कांग्रेस द्वारा पूछे गए 10 सवालों पर केजरीवाल की चुप्पी गरीबों के साथ उनके विश्वासघात को उजागर करती है - देवेंद्र यादव
नई दिल्ली, विशाखा पाल छजलान - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि अरविन्द केजरीवाल के सत्ता में रहते हुए 11 साल से अधिक समय तक झुग्गीवासियों की दुर्दशा और बदहाली की अनदेखी करने के कारण जब दिल्ली के लोगों ने भ्रष्ट आम आदमी पार्टी को सत्ता से बेदखल कर दिया तब केजरीवाल 4 महीनों तक दिल्ली को बेसहारा छोड़ पंजाब चले गए और भाजपा द्वारा हजारों झुग्ग्यिं को ध्वस्त करने के बाद अचानक केजरीवाल झुग्गी वालों के प्रति सहानूभूति प्रकट करके गरीब लोगों की आंखों में धूल झौंक रहे है।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि जब रेखा गुप्ता सरकार ने भाजपा की बी टीम आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर झुग्गी झौपड़ी बस्तियों पर बुलडोजर चलाकर उजाड़ना शुरु किया तब केजरीवाल ने जानबूझकर चुप्पी साधे रखी जबकि मीडिया के सामने बड़े-बड़े दावे किए और दिल्ली कांग्रेस द्वारा पूछे गए 10 सवालों का जवाब देने से वह भाग रहे है।
प्रदेश कार्यालय “राजीव भवन में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने न तो 2015 में राजीव रत्न आवास योजना के तहत निर्मित किए गए 45000 फ्लैट्स के आवंटन की परवाह की जो झुग्गी वालों के पुनर्वास के लिए बनाए गए थे और न ही उनकी सरकार ने गरीबों के लिए एक भी फ्लैट का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार द्वारा जे.जे. कलस्टर पर बुलडोजर चलाने की हिम्मत नही पड़ती अगर आम आदमी पार्टी की सरकार अदालत के सामने जेजे कलस्टर के ध्वस्तीकरण के मामल को सही ढंग से प्रस्तुत किया होता और वादा किया होता कि गरीबों के पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि जब रेलवे लाईन के नजदीक बसी झुग्गी-झोपड़ियों को उजाड़ने का प्रयास किया गया तब कांग्रेस पार्टी ने कोर्ट में जाकर एक स्टे ऑर्डर लिया। उन्होंने कहा कि 2015 से 2025 के बीच झुग्गी-झोपड़ी की जनसंख्या कई गुना बढ़ गई। अगर आम आदमी पार्टी और भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार द्वारा कालकाजी और जेलरवाला बाग में शुरू की गई जहां झुग्गी वहीं मकान की योजना के तहत निर्माण की संवेदनशीलता से पहल की होती तो गरीबों की झुग्गी-झोपड़ी बिना सोचे-समझे नही उजाड़ते और गरीब सड़कों पर नहीं आते। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार झुग्गी-झोपड़ी की बर्बादी को रोकने के लिए अध्यादेश भी ला सकती थी, लेकिन केजरीवाल हमेशा लोगों की आँखों में धूल झोंकते रहे और वोट बैंक की राजनीति के तहत उन्हें इस्तेमाल करने के लिए उन्हें भटकाते रहे। केजरीवाल झुग्गी-झोपड़ी के निवासियों के साथ सिर्फ खोखले वादे किए।
श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने भी विधानसभा चुनावों से पहले जेजे क्लस्टरों में रहकर बड़े-बड़े वादे करने की रणनीति अपनाई, लेकिन सत्ता में बैठकर भाजपा ने भी झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टरों पर बुलडोजर चलाकर अपना असली गरीब विरोधी चेहरा दिखाना शुरू कर दिया। भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली से गरीबों को बाहर निकालने की एक समान नीति ने इनके बीच आपसी संबंध को उजागर किया।
श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि जब मानसून आया तो दिल्ली में “ट्रिपल इंजन“ भाजपा सरकार की निष्क्रियता और अक्षमता उजागर हो गई, क्योंकि उसके सभी वादे फेल दिखाई दिए। दिल्ली को मजबूत योजना के साथ नालियों और सीवरों के पूर्ण पुनर्गठन की आवश्यकता है, न तुच्छ अकाल्पिक समाधान की। भाजपा सरकार के पास दूरदर्शिता, योजना और चुनौतीपूर्ण कार्यों को अंजाम देने के लिए अभियान के काम करने की आवश्यकता है जैसा कि श्रीमती शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने किया था।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी में बिजली और पानी का संकट जारी है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भाजपा की सरकार होने के बावजूद रेखा गुप्ता सरकार पानी के बंटवारे की कोई व्यवस्था नहीं कर सकी और न ही दिल्ली में पानी के 58 प्रतिशत रिसाव को रोक सकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनाव पूर्व के वादे पिछली केजरीवाल सरकार की तरह खोखले साबित हुए हैं।
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