₹1.19 लाख
करोड़
की डिफेंस डील से IAF को नई ताकत, 220 तेजस फाइटर जेट से आसमान का ‘सिकंदर’ बना HAL
भारत
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में
लगातार मजबूत कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में HAL का
तेजस
फाइटर
जेट
प्रोजेक्ट
भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत का
बड़ा आधार बनकर उभरा है। कभी जिस परियोजना को ज्यादा तवज्जो
नहीं मिलती थी, वही तेजस आज ₹1.19 लाख
करोड़
की डिफेंस डील के साथ देश
की वायु शक्ति का मजबूत स्तंभ
बन गया है।
अब
तक HAL को
कुल
220 तेजस
फाइटर
जेट्स
का ऑर्डर मिल चुका है, जिनमें Mk1, Mk1A जैसे एडवांस वेरिएंट शामिल हैं। तेजस Mk1A में आधुनिक AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, हवा में ईंधन भरने की क्षमता और ज्यादा स्वदेशी
तकनीक का इस्तेमाल किया
गया है। इससे वायुसेना को पुराने मिग-21
स्क्वाड्रनों को हटाने में
बड़ी मदद मिलेगी।
हालांकि,
इंजन
सप्लाई
चेन
में
आ रही दिक्कतों के कारण उत्पादन
की रफ्तार पर असर पड़ा
है, लेकिन सरकार और HAL उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे
रहे हैं। नासिक में नई प्रोडक्शन लाइन
शुरू होने से आने वाले
वर्षों में तेजस की डिलीवरी तेज
होने की उम्मीद है।
तेजस
प्रोजेक्ट से न सिर्फ
IAF को मजबूती मिल रही है, बल्कि 500 से ज्यादा MSME और निजी कंपनियों को भी बड़ा
फायदा हुआ है। आगे चलकर तेजस Mk2 और 5th जेनरेशन AMCA फाइटर जेट के जरिए भारत
वैश्विक डिफेंस मार्केट में भी मजबूत दावेदारी
पेश कर सकता है।
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