एपस्टीन फाइल्स को लेकर सियासत गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर कांग्रेस के हमलों के बाद अब भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने एक दस्तावेज साझा करते हुए दावा किया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल वर्ष 2010 में एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जिसका संबंध कथित तौर पर उन्हीं सर्किल्स से जोड़ा जा रहा है जिनका नाम एपस्टीन फाइल्स में सामने आया है।
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस पहले तथ्यों को स्पष्ट करे, उसके बाद दूसरों पर आरोप लगाए। पार्टी प्रवक्ताओं ने सवाल उठाया कि क्या उस कार्यक्रम की प्रकृति और उसमें शामिल लोगों की पृष्ठभूमि की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी?
वहीं कांग्रेस का कहना है कि भाजपा मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है और असली सवालों का जवाब देने से बच रही है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स में जिन नामों का जिक्र है, उनका भारत से क्या संबंध है और क्या किसी जांच की आवश्यकता है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। किसी भी दस्तावेज या दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। लेकिन साफ है कि एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा अब भारतीय राजनीति में भी सियासी हथियार बन चुका है।

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