प्रयागराज। माघ मेला विवाद के बाद अब गौ रक्षा के मुद्दे पर Swami Avimukteshwaranand Saraswati एक बार फिर चर्चा में हैं। शंकराचार्य ने एक पोस्टर जारी कर ‘धर्म युद्ध’ का ऐलान किया है और 1 मार्च को औपचारिक घोषणा करने की बात कही है।
जारी पोस्टर में महाभारत की शैली में दो पक्ष दर्शाए गए हैं—
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एक ओर गौ रक्षा के समर्थन में खड़े लोग
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दूसरी ओर विरोध करने वालों को दिखाया गया है
शंकराचार्य ने इसे धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई बताया है। उनके मुताबिक, यह अभियान गौ रक्षा के समर्थन में जनजागरण के उद्देश्य से चलाया जाएगा।
पोस्टर में Ravindra Puri, जो Akhil Bharatiya Akhara Parishad के अध्यक्ष हैं, को विपक्ष की सूची में दर्शाया गया है। शंकराचार्य ने उन्हें ‘कालनेमि’ की संज्ञा दी है।
इस कदम के बाद साधु-संत समाज में मतभेद की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
गौ रक्षा के मुद्दे पर यह पोस्टर सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। समर्थक इसे आस्था और परंपरा की रक्षा का अभियान बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे अनावश्यक टकराव की स्थिति मान रहे हैं।
फिलहाल, 1 मार्च को प्रस्तावित घोषणा के बाद इस मामले की दिशा और स्पष्ट हो पाएगी।

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