अदालत के आदेश के बावजूद भुगतान में लगातार देरी पर अब न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है


 अदालत के आदेश के बावजूद भुगतान में लगातार देरी पर अब न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल 16 मई को कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर संबंधित भुगतान करने का निर्देश दिया था। तय समयसीमा पूरी होने से पहले सरकार ने फंड की कमी का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा, जिस पर अदालत ने मानवीय आधार पर छह महीने की मोहलत दे दी थी।

हालांकि इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने स्पष्ट कहा कि अदालत के आदेशों को नजरअंदाज करना स्वीकार नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब अंतिम समयसीमा तय कर दी है और निर्देश दिया है कि तय अवधि के भीतर भुगतान हर हाल में पूरा किया जाए।

न्यायालय ने चेतावनी भी दी है कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो संबंधित विभाग और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है और भुगतान प्रक्रिया को तेज करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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