सोने-चांदी के रेट पर टकराव, बुलियन और ज्वैलरी मार्केट में दाम अलग क्यों? एक्सपर्ट से समझें


 सोने-चांदी के दाम को लेकर इन दिनों आम लोगों में काफी कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है। ऑनलाइन बुलियन मार्केट और सराफा दुकानों के रेट में बड़ा अंतर होने से ग्राहक हैरान हैं। फरीदाबाद के एक ग्राहक ने बताया कि टीवी पर देखे गए चांदी के रेट से दुकान पर करीब 30 हजार रुपये ज्यादा कीमत बताई गई, जिससे वह बिना खरीदारी किए लौट आए।

अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली के मुताबिक बुलियन मार्केट और ज्वैलरी मार्केट की कीमतों में फर्क होना सामान्य बात है। बुलियन मार्केट में जो रेट दिखता है वह बेस या वर्चुअल रेट होता है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार, इंपोर्ट ड्यूटी और वैश्विक मांग-आपूर्ति पर आधारित होता है। वहीं सराफा बाजार में मेकिंग चार्ज, वेस्टेज, जीएसटी, स्टोरेज और सिक्योरिटी जैसी अतिरिक्त लागत जुड़ने से कीमत बढ़ जाती है।

इसके अलावा अलग-अलग शहरों में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और स्थानीय बाजार की स्थिति के कारण भी रेट में अंतर देखने को मिलता है। जैसे चेन्नई में अक्सर कीमतें दिल्ली और मुंबई से ज्यादा रहती हैं क्योंकि धातु वहां तक पहुंचने में अतिरिक्त खर्च जुड़ता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि सोना-चांदी के दाम मुख्य रूप से डिमांड और सप्लाई से तय होते हैं, जिसे प्राइस डिस्कवरी कहा जाता है। आजकल वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क के कमोडिटी एक्सचेंज का प्रभाव ज्यादा माना जाता है। ऐसे में ग्राहकों को खरीदारी से पहले बाजार की वास्तविक कीमत और अतिरिक्त चार्ज जरूर समझ लेने की सलाह दी जा रही है।

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