Vikram Bhatt को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उदयपुर सेंट्रल जेल से रिहाई मिल गई। जेल से बाहर आते ही उन्होंने शिव मंदिर में दर्शन किए और फिर मीडिया से बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया दी।
विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्होंने करीब ढाई महीने जेल में बिताए और उन्हें शुरू से विश्वास था कि सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने मेवाड़ की धरती का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे यहां एक मित्र ने बताया कि मेवाड़ की मिट्टी में सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। मैं उसी मिट्टी का टीका लगाकर यहां से जा रहा हूं।”
जेल में बिताए 2 महीने 11 दिन के अनुभव पर उन्होंने आध्यात्मिक अंदाज में कहा, “मैं श्रीकृष्ण का भक्त हूं। जेल मेरे लिए पांचवां धाम है। मैं वहीं रह रहा था जहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। पहले से बेहतर और दोगुना मजबूत बनकर बाहर आया हूं। अब श्रीकृष्ण की तरह एक नया संघर्ष करना है।”
कानून व्यवस्था पर सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और जो भी निर्णय होगा, वह सबके हित में होगा।

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