केंद्रीय गृह मंत्री
अमित शाह ने गांधीनगर से कांग्रेस नेता
राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें किसानों के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी। शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी को लगता है कि केंद्र सरकार की नीतियों से किसानों को नुकसान हुआ है, तो वे किसी भी मंच पर बहस के लिए तैयार हैं।
शाह ने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी से बहस करने के लिए मैं नहीं, भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष ही काफी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसानों के नाम पर देश को गुमराह कर रही है।
गांधीनगर में सीबीडीसी आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उद्घाटन के दौरान शाह ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ हुई ट्रेड डील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को “सफेद झूठ” करार दिया।
शाह ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि डंकल ड्राफ्ट जैसे समझौतों के जरिए किसानों के हितों से समझौता किया गया था। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की और कृषि बजट में भी कई गुना इजाफा किया है।
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए, फिर किसानों के नाम पर राजनीति करनी चाहिए।
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