गोरखपुर के नौका विहार इलाके में इन दिनों साउथ इंडियन स्वाद का जादू देखने को मिल रहा है। सूर्य दिनेश रेड्डी, जो मूल रूप से साउथ इंडिया से हैं, अपने परिवार की पारंपरिक रेसिपी से बनाए गए डोसा, इडली और चटनी से स्थानीय लोगों का दिल जीत रहे हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ डोसा बेचना नहीं, बल्कि गोरखपुरवासियों को असली और ऑथेंटिक साउथ इंडियन टेस्ट का अनुभव कराना है।
सूर्य के स्टॉल पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। उनका कहना है कि उनकी रेसिपी किसी होटल या यूट्यूब से कॉपी नहीं की गई, बल्कि यह पीढ़ियों से परिवार में चल रही पारंपरिक रसोई की विधि है। खास बात यह है कि उनके डोसे का स्वाद मसालों के सही मिश्रण और प्याज के पेस्ट के सीक्रेट टच से और भी अद्वितीय बन जाता है।
सूर्य की बनाई चटनी भी ग्राहकों में बहुत लोकप्रिय है। इसे एक बार चखने के बाद ही लोग इसका ऑथेंटिक स्वाद पहचान लेते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि नौका विहार में अब उनका स्टॉल साउथ इंडियन व्यंजन का नया केंद्र बन गया है, जहां हर कोई सुबह-सुबह पहुंचकर डोसा और चटनी का आनंद लेता है।
सूर्य दिनेश रेड्डी का यह प्रयास सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साउथ इंडिया की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक खाने की कला को उत्तर भारत में ले जाने का भी प्रयास है।

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