नई दिल्ली. यूनियन बजट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों की सच्चाई को लेकर पीआईबी फैक्ट चेक ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि वायरल की जा रही इमेजेस में से एक असल में यूनियन बजट 2025-26 की वास्तविक तस्वीर है, जिसे डिजिटल तरीके से एडिट कर भ्रामक बनाया गया है. इस इमेज में फ्रंट पेज पर लिखे वर्ष को 2025-26 से बदलकर 2026-27 कर दिया गया है.
पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, इस तरह की डिजिटल छेड़छाड़ कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है. वहीं, दूसरी वायरल इमेज को पूरी तरह से फेक बताया गया है, जिसका यूनियन बजट से कोई संबंध नहीं है. जांच में स्पष्ट हुआ कि यह तस्वीर न तो किसी आधिकारिक दस्तावेज का हिस्सा है और न ही सरकार द्वारा जारी की गई है.
पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी बजट से जुड़ी जानकारी या तस्वीर पर बिना पुष्टि भरोसा न करें. गलत और भ्रामक सूचनाएं न केवल भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि सार्वजनिक विश्वास को भी नुकसान पहुंचाती हैं.
फैक्ट चेक एजेंसी ने यह भी कहा कि यूनियन बजट से जुड़ी सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल सरकारी स्रोतों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए. सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
.jpg)
No comments:
Post a Comment
Note: Only a member of this blog may post a comment.