कर्तव्य भवन में जनजातीय विकास योजनाओं पर उच्चस्तरीय चर्चा


नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में हाल ही में जनजातीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मनीष ठाकुर (आईएएस), अतिरिक्त सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय से मुलाकात एवं विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान डॉ. राजा डोडुम, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, अरुणाचल प्रदेश सरकार, तथा थ. विपुनी रुमाई, सचिव, एसटी मोर्चा, भाजपा दिल्ली प्रदेश भी उपस्थित रहे।

बैठक में जनजातीय समुदायों के समग्र विकास हेतु मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें ट्राइबल सब-स्कीम (TSS) के अंतर्गत विशेष केंद्रीय सहायता (SCA), संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत अनुदान, तथा TRIFED के माध्यम से जनजातीय उत्पादों के विपणन समर्थन जैसी योजनाएं प्रमुख रहीं।

इसके अतिरिक्त, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के विकास, जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) को अनुदान, तथा अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए कार्यरत स्वैच्छिक संगठनों को सहायता प्रदान करने पर भी विचार किया गया।

डिजिटल एवं कौशल विकास पहल के अंतर्गत GOAL (Going Online As Leaders) कार्यक्रम, ‘आदि प्रशिक्षण’ क्षमता निर्माण पहल, ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ (नेतृत्व एवं सुशासन) तथा ‘आदि वाणी’ (एआई आधारित जनजातीय भाषा उपकरण) जैसी योजनाओं की प्रगति पर भी समीक्षा की गई।

वहीं सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास के तहत जनजातीय त्योहारों, कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं दस्तावेजीकरण कार्यक्रमों तथा जनजातीय भाषाओं एवं विरासत के संरक्षण से संबंधित योजनाओं पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जनजातीय क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-भागीदारी को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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