सीजन 2020-21 खरीफ की फसलों की खरीद के लिए घोषित समर्थन मूल्य किसानों के साथ धोखा, यह समर्थन मूल्य कुल लागत (सी-2) पर घोषित नहीं

आज की दिल्ली :



भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ0 राकेश टिकैत जी ने हाल में घोषित सीजन 2020-21 के लिए निर्धारित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को किसानों के साथ धोखा बताते हुए कहा कि एक बार फिर सरकार ने महामारी के समय आजीविका के संकट से जूझ रहे किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है। यह देश के भंडार भरने वाले और खाद्य सुरक्षा की मजबूत दीवार खडी करने वाले किसानों के साथ धोखा है। यह वृद्धि पिछले पांच वर्षों में सबसे कम वृद्धि है। सरकार ने कृषि विश्वविद्यालयों की लागत के बराबर ही समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है। किसानों को कुल लागत सी2 पर 50 प्रतिशत जोड़कर बनने वाले मूल्य के अलावा कोई मूल्य मंजूर नहीं है। सरकार महंगाई दर नियंत्रण करने के लिए देश के किसानों की बलि चढ़ा रही है। इसी किसान के दम पर सरकार कोरोना जैसी महामारी से लड़ पायी है। इस महामारी में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति का नहीं मांग का संकट बना हुआ है। सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य वर्ष 2016-17 में 4.3 प्रतिशत, 2017-18 में 5.4 प्रतिशत, 2018-19 में 12.9 प्रतिशत, 2019-20 में 3.71 प्रतिशत वृद्धि की गयी थी। वर्तमान सीजन 2020-21 में यह पिछले पांच वर्षों की सबसे कम 2.92 प्रतिशत वृद्धि है। सरकार द्वारा घोषित धान के समर्थन मूल्य में प्रत्येक कुन्तल पर 715 रुपये का नुकसान है। ऐसे ही एक कुन्तल फसल बेचने में ज्वार में 631 रुपये, बाजरा में 934रुपये, मक्का में 580 रुपये, तुहर/अरहर दाल में 3603 रुपये, मूंग में 3247 रुपये, उड़द में 3237 रुपये, चना में 3178 रुपये, सोयाबीन में 2433 रुपये, सूरजमुखी में 1985 रुपये, कपास में 1680 रुपये, तिल में 5365 रुपये का नुकसान है।
भारतीय किसान यूनियन सरकार से जवाब चाहती है कि आखिर इस वृद्धि के लिए कौन सा फार्मूला अपनाया गया। भारतीय किसान यूनियन किसानों से आह्वान करती है कि इस अन्याय के खिलाफ सामुहिक संघर्ष शुरू करें। भाकियू मांग करती है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी कानून बनाया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करने वाले व्यक्ति पर अपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज 

एनएसयूआई, एम्स, आरडीए, दिल्ली के महासचिव डॉ श्रीनिवास के निलंबन की कड़ी निंदा करता है

आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन :



एम्स, आरडीए के महासचिव डॉ. श्रीनिवास को डॉक्टरों को प्रदान किए गए नकली एन 95 मास्क की वास्तविकता को उजागर करने के बाद निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने AIIMS प्रशासन और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से स्मारकीय अक्षमता और घटिया N95 मास्क और PPE किट प्रदान करने में उनकी विफलता का खुलासा किया था और इसलिए उन्हें RDA से असंवैधानिक रूप से निष्कासित कर दिया गया था।


कोरोनावायरस महामारी के दौरान यह दूसरी घटना है जिसमें हमारे अग्रिम पंक्ति के  योद्धाओं की आवाज को दबा दिया गया है। दो महीने पहले, रोहतक, पीजीआई अस्पताल में भी  ऐसी  बात हुई थी, जहां एक डॉक्टर ने ट्वीट करके खट्टर सरकार के  एन 95 मास्क और पीपीई किट प्रदान करने में विफलता के बारे में चिंता व्यक्त की थी और डॉक्टरों को उचित उपकरण दिए जाने की मांग की थी । एक तरफ श्री नरेंद्र मोदी जी हमारे अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं का सम्मान  करने के लिए कहते हैं, लेकिन दूसरी तरफ, उनकी सरकार डॉक्टरों और नर्सों को ऐसे नकली उपकरण मुहैया करा रही है और आवाज उठाने पर  उनकी आवाज़ भी दबाई जा रही है।

 एनएसयूआई इस तरह के कृत्यों की निंदा करती है और हम एम्स प्रशासन से व  आरडीए से डॉ.  श्रीनिवास का निलंबन वापस लेने और डॉक्टरों की मदद के लिए आवश्यक आवश्यक कदम उठाने के लिए अनुरोध करते हैं क्योंकि वे हमारे अग्रिम पंक्ति के योद्धा हैं और  इस महामारी के दौरान उन्हें इससे लड़ने के लिए  उपयुक्त उपकरण प्रदान किए जाएं ।

एनएसयूआई ने गुरुग्राम के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अपने घर वापस जा रहे प्रवासी मजदूरों को भोजन के पैकेट वितरित किए l

आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन :




"एनएसयूआई प्रवासी मजदूरों और श्रमिकों की मदद करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है " - नीरज कुंदन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, एनएसयूआई

#Ladengeaurjeetenge

  हम सभी जानते हैं कि इस कठिन समय से गुजरना हम सभी के लिए कितना कठिन है। यह उन  लोगों के लिए और भी कठिन है जो अपनी जरूरतों  को पूरा करने और अपने गृहनगर तक पहुंचने के लिए इतनी कोशिश कर रहे हैं। यात्रा करते समय कई प्रवासी मजदूरों ने अपनी जान गंवाई है। उनके लिए चीजों को आसान बनाने के लिए, एनएसयूआई अपनी क्षमता के अनुसार सभी जरुरी  कार्य  करता है।

 श्री नीरज कुंदन जी और वरुण चौधरी, प्रभारी, एनएसयूआई, हरियाणा, राष्ट्रीय और राज्य पदाधिकारीगण गुड़गांव के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स गए और अपने घर वापस जाने वाले प्रवासियों को भोजन के पैकेट वितरित किए।

 श्री नीरज कुंदन  ने भी बच्चों को मास्क पहनाया । बच्चों के पास बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं और लॉकडाउन  के कारण कई चीजों से वंचित थे। वे पूरी तरह से असहाय थे।

 एनएसयूआई उन्हें शुभकामनाएं देती है और उम्मीद करती है कि प्रवासी मजदूर सुरक्षित रूप से अपने घरों तक पहुंचें।

भोजपुरी सेंशेसन अक्षरा सिंह का नया गाना ‘कोरा में आजा छोरा’ रिलीज के साथ हुआ वायरल

आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन :



भोजपुरी फीमेल सुपर स्‍टार सिंगर – एक्‍टर अक्षरा सिंह का एक और नया गाना कोरा में आजा छोरा’ रिलीज के साथ खूब वायरल हो रहा है। यह गाना अक्षरा सिंह ने खुद गया हैजिसकी तैयारी का वीडियो पिछले दिनों उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर भी किया था। अब यह गाना अक्षरा सिंह के ऑफिसयल यूट्यूब चैनल पर रिलीज कर दिया गयाजिसे उनके फैंस हाथों हाथ ले रहे हैं और गाने को खूब प्यार भी मिल रहा है। वैसे तो गाना कोरा में आजा छोरा’ का ऑडियो जारी हुआ हैलेकिन फिर भी लोग इस गाने को खूब पसंद कर रहे हैं। 

लिंक : https://youtu.be/3QgO-YSqs04

वहीं,‘कोरा में आजा छोरा’ गाने को मिल रही सफलता के बाद अक्षरा सिंह ने खुशी जाहिर की और उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसे फन सॉन्ग बताया है। अक्षरा सिंह ने कहा कि यह गाना लॉक डाउन की बोरियत को दूर करने वाली हैइसलिए लोग इसे पसंद कर रहे हैं। हालांकि अभी इसका वीडियो रिलीज नहीं हुआलेकिन फिर भी लोग इसे पसन्द कर रहे हैं। यह अच्छी बात है।।हम जल्द ही इस गाने का वीडियो भी लेकर आएंगे। अक्षरा अपने प्रोजेक्ट्स पर पूरी गंभीरता के साथ काम करती हैंतभी वे कहती हैं कि काम उनके लिए पूजा है और इस गाने को भी उन्होंने अपना शत प्रतिशत दिया है। तब जाकर मस्ती के बीच एक अच्छा गाना लेकर वे भोजपुरी म्यूजिक लोवर्स के सामने हैं।

बता दें कि इस गाने की स्‍ट्रीमिंग अमेजन प्राइम म्‍यूजिकएप्‍पल म्‍यूजिकजीयो सावनहंगामा म्‍यूजिकविंक म्‍यूजिक और resso पर भी हो रहा है। इस गाने का लिरिक्‍स कुंदन प्रीतम्‍यूजिक आशीष वर्माअरेंजर कैलाश पांडेय व आशीष वर्मा  और डिजिटल हेड विक्‍की यादव हैं। 

उपवास करना विषय निवृत्ति का अमोघ उपाय है--- प्रदीप शर्मा


आज की दिल्ली, योगराज शर्मा। 
प्रसिद्ध भगवान श्री परशुराम मंदिर पिपरी बाजार अंबाला शहर में निर्जला एकादशी के अवसर पर जरूरतमंदों को प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी मेलकम फार्मा के मालिक दविन्द्र शर्मा ने इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते इस वर्ष मीठे जल की छबील तथा विशाल भंडारे के आयोजन को स्थगित करके जरूरतमंदोंआ को राशन एवं शरबत बांटा तथा मीठे जल से सभी की प्यास बुझाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अंबाला जिला ब्राह्मण सभा के जिलाध्यक्ष प्रदीप शर्मा धर्मपरायणता के साथ-साथ गरीबों के उत्थान के लिए दूसरों को हमेशा प्रेरित करके समाज हित और धर्म के कार्यों में लगाकर रखते हैं। अद्वैत स्वरूप परम पूज्य आरती देवा जी की कृपा और उनकी कार्यकुशलता से  मुझे भी धर्म और समाज के कार्यों के लिए मौका दे रहे हैं। जिलाध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि जयेष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी निर्जला एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है यह एक विशुद्ध धार्मिक पर्व प्राय: संपूर्ण भारत में बड़ी धूमधाम एंव श्रद्धा के साथ मनाया जाता है यूं तो हिंदू परिवारों में प्रत्येक मास की एकादशी को व्रत रखने का नियम पुरातन है जो लोग वर्ष भर की अन्य एकादशी तिथियों में उपवास नहीं रख सकते वो केवल निर्जला एकादशी का व्रत करके शास्त्र दृष्टि से तत्फल  के भागी हो सकते हैं पुराणों में वर्णन किया गया है कि भगवान वेदव्यास से इस एकादशी के महत्व को श्रवण करके भीम ने भी इस एकादशी को निर्जल उपवास करने का कष्टपूर्ण साहस किया था तब से इसका अवान्तर नाम भीमसेनी एकादशी भी है जब गर्मी अपनी चरम सीमा पर होती है हाथ से पानी का गिलास छूटे नहीं  छूटता लोग तरह-तरह के शीतल जल पीकर अपनी प्यास को शांत करने प्रयत्न  करते हैं ऐसे समय में बिना जल के दिन भर उपवास करना तप और सहिष्णुता की परायणता है भारतीय संस्कृति तपोवन की संस्कृति है उसका उदगम तप से हुआ है आत्मविश्वास की प्राप्ति इस व्रत की सबसे बड़ी विशेषता है दिनभर उपवास नियम निभाने से हमारे हृदय में यह विश्वास दृढ़ हो जाता है कि यदि इतने समय तक हमें अन्न जल की प्राप्ति ना हो तो भी हम जीवित रह सकेंगे जीवन में अनेकों बार ऐसी कठिनाइयों के अवसर आने पर मनुष्य घबरा उठता है परंतु एक आस्तिक मानव के लिए उस समय आत्मविश्वास ही  महान बल सिद्ध होता है जो उसे कठिनाइयो से उबार देता है उपवास विषय निवृत्ति का अमोघ उपाय है अभी तो आनंदकंद श्रीकृष्णचंद्र ने श्रीमद् भगवत गीता में यह घोषणा की है कि "विषया विनिवर्तंन्ते निराहारस्य देहिन:!"  निराहार उपवास व्रत धारण करने से मनुष्य के सब विषय सुगमता से निवृत्त हो जाते हैं। सभा के मुख्य सलाहकार एवं मार्गदर्शक मास्टर वेद प्रकाश कौशिक, सुभाष शर्मा एवं जोगिंद्र पाल कौशल ने दविद्र शर्मा तथा उनके परिवार द्वारा दिए जा रहे भरपूर सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा की उनके सहयोग और सेवाओं को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।

आदेश कुमार गुप्ता को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त करने पर दिल्ली में खुशी की लहर: दयानंद वत्स


अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आठवले दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता दयानंद वत्स ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के पूर्व महापौर श्री आदेश कुमार गुप्ता को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त करने पर श्री आदेश कुमार गुप्ता को बधाई देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्ढा का आभार जताया है। वत्स ने कहा कि आदेश गुप्ता की नियुक्ति से समूची दिल्ली में खुशी की लहर दौड गयी है। आदेश गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व में पार्टी नई उंचाईयां छूएगी। आदेश गुप्ता बेहद मिलनसार, ईमानदार और जुझारु और मृदुभाषी नेता हैं। महापौर रहते हुए उन्होने जनहित के नेकों कार्य किए। कोरोना आपदा में भी वे लगातार जरुरतमंद लोगों को भोजन सुलभ कराते रहे हैं। सादा जीवन उच्च विचार के सिद्धांत पर चलते हुए श्री आदेश गुप्ता ने भाजपा में.अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

Kia Motors ला रही है 'मेड इन इंडिया' छोटी एसयूवी, Brezza, Venue, Nexon को देगी टक्कर

आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन :



Kia Motors India (किआ मोटर्स इंडिया) आंध्र प्रदेश स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में लगभग 54 मिलियन डॉलर (करीब 408 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। यह निवेश ऐसे समय में किया जा रहा है जब पूरा ऑटोमोबाइल उद्योग कठिन दौर से गुजर रहा है। लॉकडाउन के बाद सामाजिक दूरी बरतने और आर्थिक कारणों की वजह से इस सेक्टर में बड़ी गिरावट आई है। 

अनंतपुर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में नए निवेश की घोषणा किआ मोटर्स इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुकिंन शिम ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। दक्षिण कोरियाई ऑटोमोबाइल निर्माता ने भारतीय कार बाजार में अगस्त 2019 में SUV कार Seltos (सेल्टोस) के रूप में अपना पहला उत्पाद पेश किया। mid-size SUV (मिड साइज एसयूवी) सेगमेंट में कुछ ही समय में यह गाड़ी लोकप्रिय हो गई। 

सेल्टॉस ने इस सेगमेंट में चार सालों से बादशाहत रखने वाली Hyundai Creta (ह्यूंदै क्रेटा) को सीधी टक्कर दी। सेल्टोस ने अपने पहले ही महीने में क्रेटा को पछाड़ दिया और दिसंबर 2019 तक हर महीने इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी रही। आने वाले महीनों में इन दोनों एसयूवी के बीच मुकबाला और गहरा होगा क्योंकि नई जेनरेशन क्रेटा आ चुकी है और इसकी अच्छी खासी बिक्री भी हो रही है। इस साल के शुरुआती महीनों में सेल्टॉस की बिक्री की वजह से किआ मोटर्स देश की तीसरी सबसे बड़ी कार निर्माता बनने का गौरव हासिल कर सकी। 
सेल्टॉस की बिक्री ब्रांड को मार्च 2020 में पैसेंजर UV (यूटिलिटी व्हीकल्स) की सेल्स चार्ट पर सबसे टॉप पर रखने के लिए काफी थी। अपनी लोकप्रियता को भुनाते हुए, किआ मोटर्स इस साल की दूसरी छमाही में एक और एसयूवी पेश करने वाली है। सॉनेट कॉन्सेप्ट पर आधारित यह सब-4-मीटर एसयूवी Maruti Suzuki Vitara Brezza (मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा), Hyundai Venue (ह्यूंदै वेन्यू), Tata Nexon (टाटा नेक्सन), Ford EcoSport (फोर्ड इकोस्पोर्ट) और Mahindra XUV300 (महिंद्रा एक्सयूवी 300) जैसी एसयूवी कारों को टक्कर देगी। 

इस कार की भी हो सकती है लॉन्चिंग
सेल्टॉस और ग्रैंड कार्निवल के बाद नई एसयूवी की लॉन्चिंग भारत में किआ के लाइन-अप को और मजबूत करेगी। ह्यूंदै के स्वामित्व वाली कंपनी किआ मोटर्स हर छह महीनें में एक नई कार लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा किआ मोटर्स इंडिया नई कार Kia Soul (किआ सॉल) को भारत में लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस कार को दोनों पेट्रोल और इलेक्ट्रिक मॉडल में लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी ने इस कार को भारत में 2020 ऑटो एक्सपो में पेश किया था जिसे काफी सराहा गया। इस कार का पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वर्जन कंपनी दोनों लॉन्च करेगी। यह कार भारतीय ऑटो एक्सपो में पेश की चुकी है जिसे भारत में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।