यादव महासभा के दिल्ली युवा प्रदेश अध्यक्ष दीपक यादव को किया सम्मानित
बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन
अखिल भारतीय यादव महासभा बागपत के तत्वावधान में गुरुवार को बालैनी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इसमें सभी ने रेजागंला के वीर शहीदों की कुर्बानियो को याद किया और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में कई पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान अखिल भारतीय यादव महासभा के दिल्ली युवा प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाज सेवी दीपक यादव को भी प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने हाल ही में अहीर रेजिमेंट सॉन्ग लॉन्च किया है। कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने सैनिकों के ऊपर सॉन्ग बनाया है। इस मौके पर सपा महिला सभा बागपत की जिला अध्यक्ष डॉ सीमा यादव, अखिल भारतीय यादव महासभा बागपत के जिला अध्यक्ष महिपाल यादव, कृष्णपाल यादव, चाहेराम यादव, नेपाल सिंह, विलम सिंह एडवोकेट, राजन यादव, छोटू यादव आदि समेत काफी लोग मौजूद थे।
मुख्य संवाददाता,
योगराज शर्मा
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गांधीवादी आंदोलन ने केन्द्र की तानाशाही भाजपा सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया
तीन कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ पिछले एक साल से चलाये जा रहे किसानों के गांधीवादी आंदोलन ने केन्द्र की तानाशाही भाजपा सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया है। हमारे नेता श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी व अन्य विपक्षी दलों ने भी मोदी सरकार के तीन काले कानूनों के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। किसानों, मजदूरों और आढ़तियों की मांगों को लेकर श्री राहुल गांधी ने पंजाब व हरियाणा में ट्रैक्टर-ट्राली यात्रायें तथा जनसभायें भी की। हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा श्री राहुल गांधी को हरियाणा में प्रवेश न करने देने के लिए षडयंत्र रचे गए परंतु हमारे नेता ने हार नहीं मानी और घंटों पंजाब-हरियाणा बार्डर पर डटे रहे, आखिरकार हरियाणा की खट्टर सरकार को झुकना पड़ा और श्री राहुल गांधी ने हरियाणा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षा कुमारी सैलजा के साथ ट्रैक्टर-ट्राली यात्रा की। मैं आज हमारे किसान भाईयों और श्री राहुल गांधी का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने हठधर्मी मोदी सरकार को किसानों के आगे नतमस्तक होने पर मजबूर किया।
ये विचार हरियाणा के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व प्रदेश कांग्रेस कार्यालय प्रभारी चौ. रामकिशन गुज्जर ने चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांगेे्रस कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में रखे। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक जीत को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 20 नवंबर 2021 को किसान विजय दिवस के रूप में मना रही है। इस अवसर पर शनिवार को समस्त हरियाणा में कैंडल मार्च निकाल कर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी और किसान विजय सभाओं का आयोजन किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे गांधीवादी आंदोलन के बाद आज देश के 62 करोड़ किसानों-खेत मजदूरों के संघर्ष की जीत हुई है। इस आंदोलन में लगभग 700 किसान शहीद हो गए परंतु किसान सत्य, न्याय और अहिंसा के सहारे आगे बढ़ते रहे, यह उनकी इच्छाशक्ति की जीत है। मोदी सरकार ने किसानों के आंदोलन को कुचलने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाये, कभी इन्हें आंदोलनजीवी, कभी गुंडा तो कभी आतंकवादी कहा गया परंतु किसानों की दृढ़-शक्ति को प्रणाम है जो अपनी जायज मांगों को लेकर विपरीत परिस्थितियों में भी डटे रहे। इस आंदोलन में श्री राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस पार्टी शुरू से ही किसानों के साथ एकजुट होकर खड़ी रही। राहुल गांधी के निर्देश पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षा कुमारी सैलजा ने प्रदेश भर में किसान आंदोलनों में शामिल होकर किसानों का समर्थन किया और वे नव वर्ष के आगमन पर 31 दिसंबर 2020 की रात को हरियाणा कांग्रेस नेताओं और कार्यकत्र्ताओं के साथ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के बीच रहीं। इस आंदोलन को शुरू से ही कांग्रेस पार्टी का नैतिक समर्थन था। श्री राहुल गांधी ने विपक्ष के सभी सांसदों को इक्_ा किया और संसद से जंतर-मंतर तक किसानों के धरने में जाकर उनके आंदोलन को भरपूर समर्थन दिया।
चौ. रामकिशन ने कहा कि भाजपा सरकार अपने कुछ पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए पिछले सात सालों से किसानों का दमन किया जा रहा है। श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही किसान को उनकी फसल पर दिए जाने वाला बोनस बंद कर दिया। राज्यों को स्पष्ट तौर पर कह दिया गया कि अगर बोनस दोगे तो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होगी। इतना ही नहीं कांग्रेस जो किसानों के लिए उचित मुआवजा अधिकार कानून लेकर आई थी मोदी सरकार द्वारा उसे भी खत्म करने का षडयंत्र रचा गया।
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पहले किसानों से वादा किया था कि उनकी लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा दिया जायेगा, परंतु सत्ता हथियाने के बाद मोदी जी ने माननीय सुप्रीम कोर्ट में शपथ-पत्र देकर कहा कि लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा किसी भी हालात में नहीं दिया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने कुछ निजी बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से फसल बीमा योजना लागू की और इन निजी बीमा कंपनियों को 27 हजार करोड़ रूपए का मुनाफा कमवाया। कृषि की लागत 25000 रूपए प्रति हेक्टेयर बढ़ा दी। खेती, खाद, कीटनाशक दवाईयों, ट्रैक्टर, खेती के उपकरणों पर टैक्स लगाकर और डीजल पर 3 रूपए 56 पैसे से टैक्स 28 रूपए प्रति लीटर बढ़ा देने से किसानो की आय दोगुनी होने की बजाए मात्र 27 रूपए प्रतिदिन रह गई है। मोदी सरकार की किसानो-विरोधी नीतियों के चलते आज किसान पर औसत कर्ज 74000 रूपए हो गया है।
चौ. राम किशन गुज्जर ने किसानों को उनकी ऐतिहासिक जीत पर पुन: बधाई देते हुए कहा कि इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि केन्द्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी पर बिल लाये, जिन किसानों ने इस आंदोलन में प्राण गवायें हैं उनके परिवारों को मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी मिले, प्रधानमंत्री जान गंवाने वाले किसान परिवारों से माफी मांगे, जिन किसानों को प्रधानमंत्री आंदोलनजीवी कह कर बदनाम करते रहे उसके लिए भी माफी मांगे और इस आंदोलन के दौरान जितने भी किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं उन्हें तुरंत रद्द किया जाये।
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गुरु साहिब की रहमत के चलते सरकार ने तीन कृषि कानून वापिस लेने का फैसला किया: मनजिंदर सिंह सिरसा
दिल्ली की संगत ने किसान मोर्चे के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया
केन्द्र सरकार द्वारा कृषि कानून वापिस लेने का फैसला प्रंशसनीय: हरमीत सिंह कालका
नई दिल्ली, 19 नवंबर: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा पहली पातशाही साहिब श्री गुरु नानक देव जी का 552वां प्रकाश पर्व आज पूरी श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया।
इस मौके पर कमेटी के गुरुद्वारा साहिबान में सुबह से ही कीर्तन दरबार सजाये गए जिसमें रागी सिंह ने गुरबाणी कीर्तन संगतों को श्रवण करवाया। बड़ी संख्या में संगत आज गुरुघरों में नतमस्तक हुई और गुरु साहिब का आर्शीवाद प्राप्त किया।
गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के लख्खीशाह वणजारा हॉल में विशेष समागम आयोजित किया गया जहां कोरोना काल में सेवाएं देने वाले सभी वॉलंटियर्स का सम्मान किया गया। यहां भाई चमनलाल जी व अन्य रांगी सिंहों के जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया।
समागम को संबोधित करते हुए कमेटी के अध्यक्ष स. मनजिंदर सिंह सिरसा ने संगत को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए कहा कि आज महान गुरु साहिब का प्रकाश दिवस है जिन्होंने अंधकार में डूबी हुई मानवता को प्रकाश का मार्ग दिखाया था। ठीक इसी प्रकार आज भारत सरकार ने भी प्रकाश दिवस पर तीन कृषि कानून वापिस लेने का ऐलान किया है जो गुरु साहिब की रहमत की बदौलत संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पवित्र दिवस पर यह खुशखबरी देशवासियों को दी है। चाहे लोगों के लिए कानून वापिस हुए हैं पर एक सिख के लिए अकाल पुरख प्रमात्मा के आगे अरदास स्वीकार हुई है और सिखी के प्रण की जीत हुई है। सिखों ने ही प्रण किया था कि जब तक जीत नहीं होती वापसी नहीं होगी। जब सिखों द्वारा गुरु चरणों में अरदास की जाती है तो फिर दुनिया की कोई ताकत सिखों को मार्ग से विचलित नहीं कर सकती। हालांकि किसी को झुकाना हमारा मकसद नहीं था हमनें तो केवल इन्साफ के लिए आवाज़ बुलंद की थी। यह जीत गुरु नानक देव जी ने स्वयं कृपा करते हुए सेवकों की झोली में डाली है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की संगत का खेती से कोई संबंध नहीं है पर इसके बावजूद भी दिल्ली की संगत ने बार्डर पर डटे किसानों के संघर्ष में बढ़-चढ़ कर सेवा की है। संगत के सहयोग के कारण ही दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने पहले दिन से ही बार्डर पर लंगर की सेवा शुरु की जो निरंतर जारी है। उन्होंने लंगर सेवा करने वाले सेवादारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कौम के असली हीरे हैं।
कोरोना काल में लोगों की सेवा करने वालों की प्रशंसा करते हुए स. सिरसा ने कहा कि दुनिया भर में पवित्र आत्माएं बैठी हैं। दुनिया भर की अनेक संगतों ने कोरोना काल में स्वयं आगे आकर मानवता की सेवा की है। मानवता की सेवा के लिए लोगों ने हमेशा बढ़-चढ़ कर दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी का भरपूर साथ दिया।
इस दौरान संबोधित करत हुए कमेटी के महासचिव स. हरमीत सिंह कालका ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा कृषि कानून वापिस लेने का फैसला प्रंशसनीय है। इस संघर्ष के प्रारंभ से ही शरारती तत्वों द्वारा भरपूर कोशिश की गई पर यह गुरु साहिब की रहमत व कृपा थी जिसकी बदौलत आंदोलन कायम रहा और आज गुरुपर्व के शुभ दिवस पर केन्द्र सरकार ने तीन कृषि कानून वापिस लेने का फैसला किया है। समागम में कोरोना काल में सेवाएं देने वाली सभी शख्सीयतों का सिरोपा डाल कर सम्मान किया गया।
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दिल्ली के ‘घोषणा मंत्री’ अरविंद केजरीवाल को यमुना सफाई की घोषणा करने पर बधाई-आदेश गुप्ता
नई दिल्ली, 18 नवम्बर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा एक बार फिर यमुना की सफाई कराने की घोषणा करने पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली के ‘घोषणामंत्री’ अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से चुनाव से ठीक पहले यमुना नदी की सफाई कराने की घोषणा की है। श्री गुप्ता ने कहा कि लगातार चुनाव से पहले एक ही राग अलापना केजरीवाल की आदत बन गई है।
श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि साल 2013 से लेकर लगातार एक ही बात सुनने को मिलता है कि यमुना को अब साफ करके डुबकी लगाने लायक बना दिया जाएगा और यमुना लंदन की टेम्स नदी जैसी हो जाएगी, लेकिन साल 2013, 2014, 2015, 2017, 2019 और 2020 में यमुना सफाई की बात करने के बावजूद आज यमुना पहले से बदतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि यमुना जब हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करती है तो जल का बीओडी लेवल 2 होता है जबकि दिल्ली में 22 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बीओडी लेवल 50 हो जाता है। यमुना की गंदगी का 80 प्रतिशत भाग का कारण दिल्ली के औद्योगिक संस्थानों से निकलने वाली जहरीली पानी और गंदे नालें हैं।
श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से यमुना सफाई के लिए 2409 करोड़ रुपये देने के बावजूद, उन रुपयों का क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी किसी को नहीं दी गई। इतने दिनों से केजरीवाल को प्रदूषण की याद नहीं आई और आज उन्हें याद आई है तो यमुना सफाई की बात कर रहे हैं। घरों में साफ पीने का पानी तक नहीं पहुंचा पाने वाले केजरीवाल को उनकी बनाई ‘दिल्ली’ के लिए बधाई।
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जत्थेदार अवतार सिंह हित ने मोदी सरकार का आभार प्रकट किया
नई दिल्ली 19 नवम्बर: तख्त पटना साहिब कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह हित ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट किया जिन्होंने आज गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर तीनों किसानी कानून वापिस लेकर देश भर के किसानों को एक बड़ी राहत दी है जिसके लिए मोदी सरकार बधाई की पात्र है। इसके साथ ही करतारपुर कोरीडोर खोलने के सरकार के फैसले का भी जत्थेदार हित ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा यह किसानों की बड़ी जीत है जिन्होंने गुरु महाराज के दिखाए रास्ते पर चलते हुए अनेक समस्याओं के बावजूद पूरे धैर्य से काम लिया और संघर्ष को एकजुट होकर सफल बनाया जिसके चलते आखिरकार प्रधानमंत्री को लाईव होकर देश की जनता से माफी भी मांगनी पड़ी और तीनों कानून वापिस लेने का ऐलान भी करना पड़ा, किसानी संघर्ष की यह बड़ी सफलता है।
जत्थेदार अवतार सिंह हित ने कहा पिछले एक साल से देश का अन्नदाता अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर बैठा था और सरकार उनकी मांगो को अनदेखा कर रही थी, आज देर से ही सही पर मोदी सरकार ने किसानों की मांगो को ध्यान में रखते हुए काले किसानी कानून वापिस लेने का जो फैसला लिया और वह भी गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व वाले दिन लिया गया इसलिए इसका महत्व और भी बड़ गया। उन्हांेने कहा तख्त पटना साहिब की समुची कमेटी इस फैसले का स्वागत करती है। जत्थेदार हित ने कहा अब सरकार को चाहिए कि जैसे कानून वापिस लिये हैं वैसे ही किसानों की जो और मांगे रह गई हैं उन्हें भी ध्यानपूर्वक सुनकर उसका भी हल निकाला जाये ताकि किसान धरने प्रदर्शन समाप्त कर अपने घरों में परत सकें। उन्होंने कहा किसान देश का अन्नदाता है और उसे किसी भी तरह की समस्या हो यह समुचे देश के लिए शर्मनाक है क्योंकि किसान द्वारा पैदा किये गये अन्न को खाकर ही देशवासी अपना जीवन बसर करते हैं।
जत्थेदार अवतार सिंह हित ने करतारपुर कोरीडोर खोलने के लिए भी मोदी सरकार का आभार प्रकट किया। उन्होंने मोदी सरकार के यह दोनों फैसले इतिहासिक हैं और गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व मौके पर इन फैसलों को करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिखों का दिल जीत लिया है, समुचा सिख जगत मोदी सरकार के फैसले के लिए उन्हें बधाई देता है।
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योगराज शर्मा
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Ø श्री राहुल गांधी के मजबूत समर्थन के तीनो कृषि काले कानून वापस लेने पड़े - चौ. अनिल कुमार
लौह महिला स्वः श्रीमती इन्दिरा गांधी जी की 104वीं जयन्ती के उपलक्ष में कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
Ø श्री राहुल गांधी के मजबूत समर्थन के तीनो कृषि काले कानून वापस लेने पड़े - चौ. अनिल कुमार
Ø श्रीमती इन्दिरा गांधी जी ने दिल्ली के जेजे क्लस्टर्स में रहने वाले गरीब लोगों को आवासीय भूखंड देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जिससे लाखों गरीब लोगों के पास अपना घर है- मुकुल वासनिक
नई दिल्ली-19 नवम्बर, 2021- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में लौह महिला स्वः श्रीमती इन्दिरा गांधी जी की 104वीं जयन्ती के उपलक्ष में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता व कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। इन्दिरा गांधी जी के जन्मदिवस पर आज सशक्त भारत निर्माण में इन्दिरा जी के योदान के विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन श्री सत्य सांई ऑडिटोरियम, लोधी रोड़ नई दिल्ली में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री मुकुल वासनिक तथा वक्ता के रूप में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री मोहन प्रकाश, इतिहासविद श्री अशोक कुमार पाण्डेय तथा सेन्टर फॉर मीडिया स्टडीज, जवाहर लाल नेहरू युनिवर्सिटी प्रौ. राकेश बटब्याल उपस्थित थे। इस अवसर पर लौह महिला स्वः श्रीमती इन्दिरा गांधी जी की जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुऐ ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी कांग्रेसियों को उनकी जीवन शैली पर एक वीडियों भी दिखाई गई।
इस संगोष्ठी में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार के अलावा भारतीय स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ आयोजन समिति के चैयमेन एवं पूर्व मंत्री डा. नरेन्द्र नाथ व संयोजक राजेश गर्ग, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष श्री अभिषेक दत्त, पूर्व सांसद संदीप दीक्षित व रमेश कुमार, पूर्व मंत्री राकान्त गोस्वामी, पूर्व विधायक श्री वीरसिंह धिंगान व श्री सिशपाल, जिला अध्यक्ष श्री गुरचरण सिंह राजू व कांग्रेस कार्यकता भी मौजूद थे।
श्री अनिल कुमार ने श्री सत्य सांई ऑडिटोरियम, लोधी रोड़ नई दिल्ली में इन्दिरा जी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कांग्रेस नेताआंे व कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि केवल श्रीमती इन्दिरा जी ही अपने समय में एक ऐसी नेता थी जिन्होंने धर्मनिरपेक्षता व समानता के आधार पर भारत को विश्व में शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। इन्दिरा जी ने परमाणु परीरक्षण कर दुनिया को यह आभास कराया कि भारत के वैज्ञानिक तकनीक के मामले में किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर इन्दिरा जी नहीं होती तो क्या पाकिस्तान विभाजन व बांग्लादेश बन सकता था? क्या सिक्कित का भारत में विलय हो सकता था?
चौ. अनिल कुमार ने श्री सत्य सांई ऑडिटोरियम मे आयोजित संगोष्ठी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुऐ लौह महिला स्वः श्रीमती इन्दिरा गांधी जी की 104वीं जयन्ती के उपलक्ष में उनके बलिदान व योगदान के बारे में बताते हुऐ कहा कि हम सभी को इन्दिरा जी के आर्दशों को मानते हुऐ उनके द्वारा बताए गए रास्ते पर चलना चाहिए। चौ. अनिल कुमार ने कहा कि श्रीमती इन्दिरा गांधी जी ने किसानों को बहुत सम्मान दिया था लेकिन मोदी सरकार ने तीन काले किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने के बारे में तब सोचा जब लगभग 700 किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि प्रधान मंत्री के रूप में इंदिरा जी के शासनकाल के दौरान, उन्होंने देश की सैन्य शक्ति को साबित करने के लिए परमाणु परीक्षण किए। उन्होंने बताया कि श्रीमती इन्दिरा जी महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए दुनिया भर से प्रशंसा मिली। इन्दिरा जी ने अपने प्रगतिशील नीतियों और कार्यक्रमों के कारण हर भारतीय के दिलों में एक स्थायी स्थान बनाया।
श्री मुकुल वासनिक ने कहा कि इंदिरा जी को गरीबों के प्रति बड़ी दया थी और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जेजे क्लस्टर में रहने वालों को आवासीय भूखंड देने के उनके निर्णय ने झोंपड़ियों में रहने वाले लाखों गरीब लोगों के जीवन को एक नया अर्थ और दिशा दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी जैसी पार्टियों के पास गरीबों के लिए कोई योजना नहीं है, कांग्रेस हमेशा दलितों को बेहतर जीवन देने के लिए मदद करती आई है और करती रहेगी।
इस अवसर पर चौ. अनिल कुमार ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पर भी स्वः श्रीमती इन्दिरा जी को पुष्पांजलि अर्पित की और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुऐ कहा कि आज कांग्रेस पार्टी व भारत के अन्नदाता किसानों की जीत का भी जश्न है क्योंकि अखिल भारतीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी के लगातार तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण आज केन्द्र की मोदी सरकार को झूकना पड़ा और लगभग 700 अन्नदाता किसानों की शहादत के बाद इन तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेना ही पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर केन्द्र की मोदी सरकार समय रहते हमारे आदरणीय नेता श्री राहुल गांधी जी की बात मान लेती तो आज लगभग 700 किसान शहीद न होते। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ भारत के उन अन्नदाता किसानों की जीत है जो भगभग पिछले 11 महीने से इन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के बोर्डरों पर खुले आसमान के नीचे हर मौसम का सामना करते हुऐ धरने पर बैठे थे।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार के अलावा स्वः श्रीमती इन्दिरा गांधी जी को पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में पूर्व सांसद श्री रामेश कुमार व श्री जगदीश टाईटर, पूर्व विधायक श्रीमती किरन वालिया, श्री अनिल भारद्वाज, श्री अमरीश सिंह गौतम, डा. नरेश कुमार, कुवंर करन सिंह, श्री विजय लोचव, जिला अध्यक्ष एडवोकेट दीनेश कुमार, श्री मदन खोरवाल, श्री विष्णु स्वरूप, श्री राजेश चौहान, श्री मिर्जा जावेद, श्री धर्मवपाल चंदेला, श्री सतबीर शर्मा, श्री आदेश भारद्वाज, श्री जुवैर अहमद, मीडिया संचार विभाग के वाईस-चैयरमेन श्री परवेज आलम व श्री अनुज अत्रेय, महिला कांग्रेस की अध्यक्षा अमृता धवन, दिल्ली सेवादल चीफ श्री सुनील कुमार तथा दिल्ली कांग्रेस किसान सेल के चैयरमेन राजबीर सोलंकी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
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गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व
- संत राजिन्दर सिंह जी महाराज
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भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक गुरु को महत्त्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यहाँ तक कि सभी धर्मों में पूर्ण गुरु को परमात्मा के समान माना गया है। आज दुनियाभर में हम सब गुरु नानक देव जी महाराज का प्रकाश पर्व मना रहे हैं। उन जैसे पूर्ण गुरु सृष्टि की शुरूआत से ही इस धरती पर हमारी आत्मा को पिता-परमेश्वर से मिलाने के लिए आते रहे हैं। गुरु नानक देव जी महाराज का जन्म सन् 1469 ई0 को कार्तिक मास की पूर्णिमा को तलवंडी शहर (पाकिस्तान) में हुआ था।
गुरु नानक देव जी महाराज सिर्फ सिक्खों के लिए ही नहीं थे, बल्कि वे संपूर्ण मनुष्य जाति के लिए थे जैसे संपूर्ण मनुष्य जाति उनके लिए थी। ऐसे महापुरुष इस धरती पर रोशनी की एक किरण बनकर आते हैं और अपने रूहानी नूर से 84 लाख जियाजून में फंसी हुई आत्माओं को पिता-परमेश्वर से एकमेक कर देते हैं। उनके मुख्य उपदेशों में “किरत करो, नाम जपो और वंड छको” प्रमुख हैं। जिससे तात्पर्य है कि इंसान अपनी मेहनत की कमाई करता हुआ प्रभु का सिमरन करे और सबके साथ मिल-बाँटकर खाए।
गुरुबाणी में गुरु नानक देव जी महाराज इस संसार के बारे में फ़रमाते हैं, “नानक दुखिया सब संसार” कि इस दुनिया में हरेक इंसान दुःखों से घिरा हुआ है। कोई न कोई दुःख सबको लगा हुआ है। हर इंसान सोचता है कि सबसे ज़्यादा दुःख मुझे है। अगर देखा जाए तो जब तकलीफ आती है तभी हम प्रभु को याद करते हैं और जब सब कुछ ठीक हो जाता है, फिर हम अपने कार्यों में मस्त हो जाते हैं। ये दुःख और सुख का चक्र हमारे जीवन में चलता रहता है। तो अब ये सवाल उठता है कि हम हमेशा-हमेशा के सुख को कैसे पा सकते हैं? इस बारे में परम संत कृपाल सिंह जी महाराज अक्सर फ़रमाया करते थे कि “सो सुखिया जो नाम आधार।” यानि जो व्यक्ति पिता-परमेश्वर के नाम के साथ जुड़ गया वही सुखी है। नाम के साथ जुड़ने के लिए हमें किसी पूर्ण गुरु की शरण में जाना होगा, जो हमें अपनी दयामेहर से प्रभु की ज्योति और श्रुति से जोड़ देते हैं, जिसे गुरुबाणी में ‘नाम’ कहा गया है और जिसका अनुभव हम अपने अंतर ध्यान-अभ्यास के द्वारा कर सकते हैं।
ध्यान-अभ्यास के द्वारा हमें अपने आपको असली रूप में देखते हैं। यह वो रूप है जो शारीरिक नहीं बल्कि आत्मिक है। वो आत्मा जो पिता-परमेश्वर का अंश है और उनके प्रेम से भरपूर है। वो आत्मा जो चेतन है, और जो हमें जान दे रही है। जब हमारी आत्मा पिता-परमेश्वर के प्रेम का अनुभव करती है तो वो हर समय प्रभु-प्रेम की मस्ती की अवस्था में रहती है।
मस्ती की इस अवस्था को गुरु नानक देव जी महाराज ने अपनी बाणी में कहा है कि, “नाम खुमारी नानका, चढ़ी रहे दिन रात”। जो नाम की खुमारी है, जो प्रभु का अमृत हमारे अंदर बरस रहा है, जब ध्यान-अभ्यास के द्वारा हम अपने अंतर में उसका अनुभव करते हैं तो उसकी मस्ती और उसका आनंद दिन-रात चौबीस घंटे हमारे साथ रहता है और जब हमारी आत्मा यह अनुभव करती है तो उसका मिलाप पिता-परमेश्वर से हो जाता है।
गुरु नानक देव जी महाराज ने “एक पिता एकस के हम बारिक” के संदेश को भी समस्त संसार में फैलाया। उनके इस उपदेश के अनुसार हम सब एक ही पिता-परमेश्वर के परिवार के सदस्य हैं। इसलिए हम आपस में प्रेम-प्यार से रहें और एक-दूसरे की मदद करें। जब हम ऐसा जीवन व्यतीत करते हैं तो हम अपने भीतर प्रभु के प्रेम का अनुभव करते हैं और ऐसे महापुरुष इसी प्रभु के प्रेम को हम सबको बांटने के लिए इस धरा पर आते हैं। जिससे कि हमें जिंदगी जीने की सही राह मिलती है। ऐसे पूर्ण गुरु हमें समझाते हैं कि हम अपने जीवन के परम लक्ष्य अपने आपको जानना और पिता-परमेश्वर को पाना को इसी जीवन में पूरा कर सकते हैं।
आईये! गुरु नानक देव जी महाराज के प्रकाश पर्व को हम सही मायनों में तभी मना सकते हैं, जब हम उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में ढालें और उन पर अमल करें।
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