योगराज शर्मा
दिल्ली के व्यापारी 1 अक्तूबर,2022 से 28 फरवरी, 2023 तक दिल्ली में डीजल वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के दिल्ली सरकार के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं। दिल्ली सरकार का यह निर्णय दिल्ली के व्यापार को ऐसे समय में बंद कर देगा जब दिल्ली में यह पाँच महीने त्योहार और शादी का सीज़न होने के कारण व्यापार के लिए बहुत ही अच्छे होते हैं । दिल्ली सरकार के इस तुगलकी फरमान का दिल्ली के व्यापारी कड़ा विरोध करेंगे- कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ ( कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल तथा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री विपिन आहूजा ने यह कहते हुए कहा की इससे इन पाँच महीनों में दिल्ली का व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा । इस गंभीर मुद्दे पर भविष्य की रणनीति तय करने के लिए कैट ने अगले सप्ताह दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों की एक मीटिंग 29 जून को बुलाई है । यह मुद्दा क्योंकि ट्रांसपोर्ट व्यापार को भी बुरी तरह प्रभावित करेगा इसलिए कैट इस संबंध में ट्रांसपोर्ट संगठनों से चर्चा कर उनके साथ संयुक्त रूप से यह लड़ाई लड़ेगा ।
श्री खंडेलवाल एवं श्री आहूजा ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना वास्तव में बेहद ज़रूरी है किंतु इसके साथ यह भी देखा जाना चाहिए की सरकार के किसी भी निर्णय से किसी भी व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े । उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पाँच महीने तक दिल्ली में कोई भी सामान नहीं आ पाएगा क्योंकि दिल्ली में सारा माल अन्य राज्यों से ट्रकों में आता है और ट्रक डीज़ल से चलते हैं । लम्बी दूरी होने के कारण कोई भी ट्रक इलेक्ट्रिक या सीएनजी से नहीं चल सकते ।इस दृष्टि से सरकार का यह निर्णय यह निर्णय बेमानी है और इसके परिणाम को सोचे समझे बिना लिया गया है । कैट इस मामले में शीघ्र ही दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना से मिलेगा और इस निर्णय को रोके जाने का आग्रह करेगा और यदि आवश्यकता पड़ी तो केंद्र सरकार के दख़ल दिए जाने का भी प्रयास करेगा ।
कैट के प्रदेश महामंत्री श्री देवराज बवेज़ा एवं आशीष ग्रोवर ने कहा की सरकार का यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल के के व्यापारी विरोधी रवैये को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली देश का सबसे बड़ा वितरण केंद्र है और दिल्ली सरकार का राजस्व काफी हद तक व्यापारिक गतिविधियों पर निर्भर है। अगर यह आदेश लागू होता है तो दिल्ली में दूसरे राज्यों से और दिल्ली से दूसरे राज्यों में माल की ढुलाई पर बड़ा रोड़ा बन जाएगा।सवाल यह है की इस निर्णय के लागू होने से क्या दिल्ली के व्यापारी दिल्ली से सटे अन्य राज्यों की सीमा में प्रवेश कर वहाँ पर माल लेंगे या देंगे क्योंकि डीज़ल वाले ट्रकों का दिल्ली में प्रवेश निषेध होगा तथा यह किसी भी हालत में व्यावहारिक नहीं है । यदि ऐसा है भी तो इस पर जीएसटी कर के अंतर्गत व्यापारियों को अनावश्यक कर क़ानून की पेचीदगियों का सामना करना पड़ेगा और दिल्ली में माल महँगा हो जाएगा ।यदि यह निर्णय लागू होता है तो बेहतर यही होगा की दिल्ली का व्यापार अन्य राज्यों में स्थान्तरित हो जाए ।
हरिद्वार से दिल्ली गांजा सप्लाई करता था, गिरफ्तार, 850 ग्राम गांजा बरामद ।
थाना सुल्तान पुरी के सतर्क स्टाफ ने 01 ड्रग तस्कर सुरेश पुत्र राम स्वरूप निवासी एम-38, कृष्ण विहार, सुल्तान पुरी, दिल्ली, उम्र 37 वर्ष को 850 ग्राम गांजा की बरामदगी के साथ गिरफ्तार किया ।
*घटना का संक्षिप्त विवरण और गिरफ्तारी*
बाहरी जिले के क्षेत्र में अवैध ड्रग्स/शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए, श्री समीर शर्मा, DCP/OD द्वारा संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के निर्देश जारी किए गए थे I
निर्देश का पालन करते हुए दिनांक 02.07.2022 को थाना सुल्तान पुरी के बीट स्टाफ Hc जय भगवान अपराध का पता लगाने और रोकथाम के लिए बीट क्षेत्र में मौजूद था। शाम करीब 7:50 बजे जब वह लखी राम चौक, पूठ कलां के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति एक संदिग्ध पॉलीथिन ले जा रहा है, जिसने पुलिस पार्टी को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस पार्टी ने पीछा किया और उसे काबू कर लिया. उससे पुलिस से भागने का कारण पूछा गया लेकिन उसने गुमराह करने की कोशिश की और बात पर नहीं आया। आगे उससे बैग के बारे में पूछा गया लेकिन उसने पॉलिथीन बैग के बारे में बदलते बयान दिए और बैग नहीं खोला। उसका विवरण सुरेश पुत्र राम स्वरूप निवासी एम-38, कृष्ण विहार, सुल्तान पुरी, दिल्ली, उम्र 37 वर्ष पाया गया और उसके बैग की तलाशी के दौरान उसके बैग से 850 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
तदनुसार, थाना सुल्तान पुरी में FIR No. 593/22, U/s 20(b)(ii)A NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उक्त आरोपित को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है।
*पूछताछ*
निरंतर पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह उक्त पते पर रहता है और राजस्थान के सीकर जिले का रहने वाला है। वह अशिक्षित है और मजदूरी का काम करता है। उसने खुलासा किया कि अपने काम के पेशे के कारण, वह बहुत थक जाता था और एक बार वह हरिद्वार गया, जहाँ उसकी मुलाकात किसी अज्ञात व्यक्ति से हुई जिसने उसे गांजा दिया। गांजे का सेवन करने के बाद उसने महसूस किया कि इसके सेवन से उनकी थकान कम हो जाती है। इसलिए हर महीने वो हरिद्वार जाने लगा और वहीं से वो अपने लिए गांजा खरीदाता था । उसने आगे खुलासा किया कि हरिद्वार में कोई निश्चित व्यक्ति या जगह नहीं थी जहां से वो गांजा खरीदा था और बताया कि वह घाट के पास बैठते थे, जहां नशा तस्कर आते थे। उसने गांजा बेचने से पैसे कमाने का फैसला किया और उसके लिए उसने हरिद्वार से अधिक मात्रा में गांजा सस्ती दरों पर खरीदकर इसे दिल्ली में राहगीरों को अधिक कीमत पर बेचने की योजना बनाई। जिसके लिए उसने 850 ग्राम गांजा 4000 रुपये नकद में हरिद्वार से खरीदा, लेकिन इससे पहले कि वह उसे अंजाम दे पाता, उसे पकड़ लिया गया।
*आरोपी व्यक्ति की प्रोफाइल*
• सुरेश पुत्र राम स्वरूप निवासी एम-38, कृष्ण विहार, सुल्तान पुरी, दिल्ली, उम्र 37 वर्ष। वह नशे का आदी है, अशिक्षित है और मजदूरी का काम करता है। वह पहले दिल्ली आबकारी अधिनियम के 02 आपराधिक मामलों में शामिल है।
*बरामदगी*
• 850 ग्राम गांजा।
LADY DRUG PEDDLER SELLING ILLEGAL DRUG INJECTIONS NABBED RED-HANDED BY THE VIGILANT STAFF OF PS RAJ PARK
The vigilant staff of PS Raj Park have arrested 01 lady drug peddler namely Nisha @ Laxmi W/o Ballu R/o Jhuggi No 124, F-6/W-49, HGI Labour Colony, Sultan Puri, Delhi, age 37 yrs along with the recovery of 20 needles, 20 syringes, 20 avil injections, 20 buprenorphine (2 ml- 5 X 4 ) injections from her possession.
*BRIEF OF THE INCIDENT & ARREST*
In order to curb the selling of illegal Drugs/Liquor in the area of Outer District, directions have been issued by Sh Sameer Sharma, DCP/OD for zero tolerance against the organised crime. It has also came into the notice that illegal injections are being sold to young students/Juveniles who are made drug addict and later these drug addicts indulge in crime and become habitual criminal. So, the main purpose is to curb the root cause of this evil practice.
Following the directions, the staff of PS Raj Park deployed secret informers and starting developing information about these kinds of drug peddlers. On 02.02.2022, the beat staff of PS Raj Park ASI Subhash, HC Jadgish and W/Ct. Neeraj were present in area for detection and prevention of crime. At about 9:30 PM, when they reached near Indus Area Phase – 1, near Mangol Puri under-pass, one secret informer met them and gave information about a lady selling illegal drug injections. Further, it was told that she is a habitual drug peddler and she had also been previously arrested in an NDPS case. The same information was apprised to senior officers and after due approval the team laid a trap on the information of secret informer. At around 10:00 pm, they saw a lady person carrying a suspicious cloth bag, the same was confirmed by the secret informer.
The dedicated team chased her, who after seeing the police party tried to escape but the police party overpowered her. She was asked the reason of running from the police but she beat about the bush and didn’t come to the point. Further she was asked about her bag but she gave changing statements about the bag and she was very much unwilling to open her bag. Her details were found to be Nisha @ Laxmi W/o Ballu R/o Jhuggi No 124, F-6/W-49, HGI Labour Colony, Sultan Puri, Delhi, age 37 yrs and during the search of her bag 20 needles, 20 syringe, 20 Avil injections, 20 Buprenorphine (2 ml- 5 X 4) injections were recovered from her bag.
Accordingly, a case vide FIR No. 494/22, U/s 20(c) NDPS Act was registered in Raj Park. The said accused was arrested and investigation was initiated.
*INTERROGATION*
During sustained interrogation, the accused disclosed that she lives at the address on rent and she is uneducated and unemployed. Her financial condition is very poor and to earn money for a living, she started selling drug injections. She is also found involved in an NDPS case vide FIR NO 603/202 U/s 20(B)(ii)A NDPS Act, PS Raj Park. She disclosed that after that case she stopped that practice but 02-03 months before she again started selling drug injections. On further enquiry, she disclosed that she buys the injections from one person namely Sonu who used to meet her at Udhyog Nagar Metro Station. The whereabouts of the alleged Sonu are not known to her. Moreover, all the possible hideouts of this alleged supplier are raided but he is not arrested yet.
*PROFILE OF ACCUSED PERSON*
• Nisha @ Laxmi W/o Ballu R/o Jhuggi No 124, F-6/W-49, HGI Labour Colony, Sultan Puri, Delhi, age 37 yrs. She is previously involved in 01 criminal case of NDPS Act. She is uneducated and unemployed.
*RECOVERY*
• 20 needles, 20 syringe, 20 avil injections, 20 buprenorphine (2 ml - 5 X 4) injections recovered.
Further investigation is being carried out to nab the drug supplier Sonu.
Regards
*(SAMEER SHARMA) IPS*
*DEPUTY COMMISSIONER OF POLICE*
*OUTER DISTRICT: DELHI*
उपायुक्त एसडीएम व सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारियों को निर्देशित करें कि वे मौके पर जाकर बाढ़ नियंत्रण कार्यों का निरीक्षण करें – संजीव कौशल
नई दिल्ली 24 जून - हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने सभी जिला उपायुक्तों को 30 जून से पहले अपने अधिकार क्षेत्र में ड्रेनों व सीवरेज लाइनों की सफाई और अन्य बाढ़ नियंत्रण कार्यों को सुनिश्चित करने और इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
श्री कौशल ने ये निर्देश सभी मंडलआयुक्तों और जिला उपायुक्तों के वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नई एवं चल रही बाढ़ सुरक्षा योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए दिये।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए पूर्व व्यवस्था की जानी चाहिए । उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से संबंधित सभी कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ये सभी समय से पहले पूरी हो जाएं। उन्होंने अधिकारियों को राज्य में अतिप्रवाहित पानी के चैनलों की पहचान करने और पंपों के माध्यम से अतिरिक्त पानी की निकासी के आवश्यक प्रबंध करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा, नालों की सफाई और गाद निकालने का कार्य भी तुरंत किया जाए।
नालों की जल्द से जल्द सफाई सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला उपायुक्त बाढ़ नियंत्रण कार्यों में तेजी लाने के लिए उपमंडल अधिकारियों और सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारियों को नियुक्त करें और ये अधिकारी व्यक्तिगत रूप से नालों और बाढ़ नियंत्रण कार्य स्थलों की सफाई का निरीक्षण करें। उन्होंने अधिकारियों को किए गए कार्यों के सत्यापन के बाद रिपोर्ट सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपने के निर्देश दिए।
आगामी मानसून सीजन में भारी बारिश के दौरान राज्यभर में जलमग्न क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए श्री कौशल ने संबंधित अधिकारियों को पंपसैट की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने लघु, मध्यम और दीर्घकालीन बाढ़ सुरक्षा योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के पास बाढ़ नियंत्रण के लिए उपलब्ध मशीनरी की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि मानसून सीजन के दौरान सिंचाई विभाग को जहां भी बिजली कनेक्शन की आवश्यकता हो, उन्हें उपलब्ध होने चाहिए ।
बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, सीईओ एचडब्ल्यूआरए डॉ. सतबीर सिंह कादियान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नशे के खिलाफ सरकार व सामाजिक संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा - अरोड़ा
नई दिल्ली चण्डीगढ़ , 24 जून - हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश के 12 जिलों के नागरिक अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं और शेष बचे जिला नागरिक अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्र शीघ्र खोले जाएंगे। इसके अलावा, नशा मुक्ति केंद्र में मैनपावर बढ़ाई जाएगी।
श्री राजीव अरोड़ा ने यह बात आज पंचकूला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग व पुलिस आयुक्तालय पंचकूला के सयुक्त तत्वाधान में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में ‘प्रेविंटिग ड्रग एब्यूज’ विषय पर आयोजित सेमिनार में सम्बोधन के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि नशे को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार के साथ-साथ एन.जी.ओ व सामाजिक संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा। स्थानीय निकाय व पंचायत स्तर के साथ-साथ स्कूल, काॅलेज के विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कैंप लगाए जाने चाहिए ताकि लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए और उन्हें बताया जाए कि नशा दीमक की तरह है जो शरीर के साथ पैसे की भी बर्बादी है। हमें यह भी सोचना होगा कि अपने आस-पास फैले नशे को कैसे खत्म कर सकते हैं।
श्री अरोड़ा ने कहा कि पुलिस द्वारा नशाखोरी में संलिप्त लोगों को पकडने के अलावा ऐसे लोगों की प्रोपर्टी भी जब्त की जा रही हैं । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे को खत्म करने, सप्लाई चैन को तोड़ने और नशा बेचने वाले व्यक्तियों को पकड़ने के लिए हरियाणा नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि भारत युवाओं का देश है और युवाओं को नशे से बचाकर और उन्हें सही दिशा देकर अपने देश को नई बुलंदियों पर ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ- साथ समाज व देश के लिये भी घातक है। श्री अरोड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और स्वास्थ्य विभाग नशे को लेकर लगातार लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं । नशे की सप्लाई चैन को तोड़ने में पुलिस विभाग अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश से नशे को खत्म करने के लिये सरकार के स्तर पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है । सेमिनार के दौरान लघु फिल्म के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आज का युवा कैसे नशे की गिरफ्त में आकर शरीर व पैसे की बर्बादी कर रहा है।
पुलिस आयुक्त डाॅ. हनीफ कुरैशी ने कहा कि नशा एक ऐसी समस्या है, जो युवाओं के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करता है । उन्होंने नशे को खत्म करने के लिये लोगों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नशे बेचने वाले स़्त्रोतों तक पहुंचना बहुत आवश्यक है ताकि नशे की सप्लाई चैन को तोडा जा सके ।
उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस नशे के विरुद्ध पूरी ततपरता से लडाई लड़ रही है और एक विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक 86 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 83 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, जिला पुलिस द्वारा स्कूल, काॅलेजो के साथ-साथ मार्केंट व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता फैलाने का काम कर रही है।
सेमिनार में डाॅ आदित्य कौशिक, डाॅ अभिमन्यु रामपाल, डाॅ मनोज, एडवोकेट प्रतीक गुप्ता, अतुल लखनपाल ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री सुरेंद्र पाल सिंह सहित सामाजिक न्याय अधिकारिता, स्वास्थ्य, पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व एनजीओ और सामाजिक कार्यों से जुड़े लोग भी उपस्थित थे।
भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने में हरियाणा के खिलाड़ियों का अहम योगदान - राज्यपाल
नई दिल्ली चण्डीगढ, 23 जून - हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दतात्रेय ने कहा कि भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने में हरियाणा के खिलाड़ियों का अहम योगदान है। सरकार की नई खेल नीति युवाओं के लिए बड़ी कारगर सिद्व हुई है। इसमें युवाओं को नकद पुरस्कार के साथ साथ नौकरियां भी प्रदान की जा रही हैं ।
राज्यपाल आज पंचकूला के इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस पर आयोजित समारोह में खिलाड़ियों को राज्य के सर्वश्रेष्ठ भीम अवार्ड से सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के 52 खिलाड़ियों को भीम अवार्ड, 5 लाख रुपए की नकद राशि, ब्लेजर और अलंकरण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें 19 विशेष पैरा खिलाड़ी भी शामिल हैं।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, खेल एवं युवा मामले मंत्री सरदार संदीप सिंह, मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, एसीएस डा. महाबीर सिंह, खेल एवं युवा मामले विभाग के निदेशक पंकज नैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल ने कहा कि ओलंपिक, राष्ट्रमंडल जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में हरियाणा की रैंकिंग देखने योग्य होती है। हरियाणा को खेलों का पर्याय समझा जाने लगा है। जहां भी खेलों की चर्चा होती है तो सबसे ऊपर हरियाणा का नाम आता है। उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने खेलों में निरन्तर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनको भीम अवार्ड से नवाजा जाता है। इसके अलावा उन्हें हर माह 5 हजार रुपए की राशि मानदेय के रूप में भी प्रदान की जाती है।
श्री दतात्रेय ने कहा कि सरकार की पदक लाओ पद पाओ नीति के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं । इस नीति के तहत अब तक पदक लाने वाले 190 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं । इसके अलावा खिलाड़ियों की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुरस्कार राशि में भी बढौतरी की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने लगभग 12 हजार खिलाड़ियों को 425 करोड़ रुपए की राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान करने का कार्य किया है। खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से तैयार करने के लिए 1100 खेल नर्सरियां तथा 1100 गांवों में योग एवं व्यायामशालाएं खोली गई हैं । राज्यपाल ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को पर्वतारोहण की चढाई करने पर 5 लाख रुपए की राशि व ग्रेड सी का प्रमाण पत्र पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया जाता है। इसके अलावा खिलाड़ियों को 700 से 1000 रुपए तक की मासिक छात्रवृति देने का भी प्रावधान किया है।
भीम अवार्ड को पारदर्शी ढंग से ऑनलाईन दर्शा कर देने वाला पहला राज्य-संदीप सिंह
खेल एवं युवा मामले मंत्री सरदार संदीप सिंह ने भीम अवार्डियों को अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को मेडल जीतते समय जो खुशी होती है उससे ज्यादा खुशी अवार्ड लेते समय होती है। अर्जुन अवार्ड व भीम अवार्ड से सम्मानित होना गौरव की बात है। इन अवार्ड की मेहनत में अभिभावक व कोच की भी अहम भूमिक होती है। उन्होंने कहा कि भीम अवार्ड को पारदर्शी ढंग से ऑनलाईन दर्शाने वाला हरियाणा पहला राज्य है जिसमें सभी लोगों के समाने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को रखकर भीम अवार्डियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाता है।
खेल मंत्री ने कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों की डाईट बढाकर 400 रुपए करने का कार्य किया है और 2020 से अर्जुन अवार्ड, भीम अवार्ड, खेल रत्न, तेंजिंग नेशनल अवार्ड वालों को 20 हजार रुपए की राशि भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि खेलों को बढावा देने के लिए खेलो इंडिया यूथ गेम की तर्ज पर मण्डल, जिला, उपमण्डल व खण्ड स्तर पर खेलों का आयोजन करवाया जाएगा। खेलों में घायल होने वाले युवाओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए पंचकूला में नार्थ इंडिया का पहला स्पोर्ट्स रिहेबिलेशन सैंटर बनकर तैयार हो चुका है। इसके अलावा चार अन्य स्थानों पर भी ऐसे सेंटर खोले जाएगें। उन्होंने कहा कि नेशनल स्तर के खिलाड़ियों को खेल नर्सरियां दी जाएगीं ताकि वे अच्छे खिलाड़ी तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 12 रिकॉर्ड बने, उनमें 11 हरियाणा के खिलाड़ियों के नाम हैं ।
खेल क्षेत्र में हरियाणा के युवा रच रहे इतिहास-संजीव कौशल
हरियाणा के मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि हरियाणा के युवा खेल क्षेत्र में नया इतिहास रच रहे हैं। हरियाणा सरकार भी खेलों को बढावा देने के लिए कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 250 करोड़ रुपए की लागत से विश्व स्तर का खेलों का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। युवाओं को बेहतर सहुलियतें प्रदान करने में हरियाणा अग्रणी राज्य है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को ग्रुप डी की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया में हरियाणा के खिलाड़ियों ने बड़े राज्य महाराष्ट्र को पछाड़ने का कार्य किया। यह गौरवान्वित करने वाली उपलब्धि हैं।
खेल एवं युवा मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. महावीर सिंह ने कहा कि ग्रामीण आंचल में खेलों के प्रति जुनून है। इसीलिए प्रदेश के खिलाड़ियों ने हरियाणा ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम फहराकर हिन्दुस्तान का सिर गर्व से ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पदक लाने वालों का भविष्य सुनिश्चित करने का कार्य किया है। मुख्य सलाहकार योगेन्द्र चौधरी, खेल एवं युवा मामले विभाग के निदेशक पंकज नैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आगामी 3 माह में सर्वे के बाद जेलों में शुरू होगा फायर सेफ्टी का कार्य
नई दिल्ली चंडीगढ़, 23 जून - हरियाणा की जेलों को आग की घटनाओं से सुरक्षित करने के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुरूप फायर फाइटिंग स्कीम बनाई जाएगी। मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने जेल अधिकारियों को आगामी 3 माह में जेलों में फायर सेफटी मानदंडों को पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आज यहाँ जेलों में फायर सेफ्टी ऑडिट को लेकर बैठक कर रहे थे।
श्री संजीव कौशल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार प्रदेश में सभी सरकारी भवनों जैसे लघु सचिवालयभवनो, नागरिक अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों, नगर निकायों और जेल भवनों में आग से बचाव की घटनाओं के सभी प्रबंध होने चाहिए।
श्री कौशल ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला जेलों में जो भी आवश्यक बदलाव किए जाने हैं, उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाए और जल्द संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कार्य योजना बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी सरकारी भवनों में आग की घटनाओं से बचाव के लिए फायर सेफटी के प्रबंधों को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। इसलिए जेलों को भी जल्द से जल्द फायर सेफ्टी उपकरणों से सुसज्जित किया जाए, ताकि आग की घटनाओं पर रोक लग सके और किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न हो।
महानिदेशक, जेल मुहम्मद अकील ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि कुछ भवन में फायर सेफ्टी उपकरण लगे हुए हैं और कुछ स्थानों पर और अधिक उपकरणों की आवश्यकता है। तदनुसार सर्वे करवाकर पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के माध्यम से 3 माह के अंदर अंदर सभी जिलों में फायर सेफ्टी के मानदंड पूर्ण कर लिए जाएंगे।
बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, महानिदेशक, अग्निशमन सेवाएं, हरियाणा श्री अशोक कुमार मीणा सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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