उदयपुर, 08 अप्रैल। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 2081 का आरंभ उदयपुर में विशाल शोभायात्रा व धर्मसभा के साथ होगा। शंखनाद व मंगलाचार के साथ निकलने वाली शोभायात्रा में मातृशक्ति मंगल कलश से नवसम्वत्सर की शुभकामनाओं का मंगल संदेश देती चलेंगी, तो शाम को होने वाली धर्मसभा में सीहोर धाम के प्रख्यात शिवकथा मर्मज्ञ पं. प्रदीप मिश्रा और महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द (उत्तम स्वामी) महाराज का आशीर्वचन प्राप्त होगा। आयोजन की तैयारियों को सोमवार देर रात तक अंतिम रूप देने का क्रम जारी रहा। आयोजन के तहत यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से भी स्कूलों को अवकाश 2 घंटे पहले करने की सलाह दी गई है। भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के संयोजक रविकांत त्रिपाठी ने बताया कि गत दो वर्षों की भांति इस वर्ष भी समिति व नगर निगम के संयुक्त तत्ववावधान में नगर निगम प्रांगण से दोपहर तीन बजे विशाल शोभायात्रा शुरू होगी। सौ शंखवादकों द्वारा शंखवादन के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। इससे पहले, फतह स्कूल के मैदान में दोपहर एक बजे से कलश वितरण किया जाएगा, तीन बजे यहां से कलश यात्रा शुरू होगी जो आगे बढ़ते हुए सूरजपोल पर मुख्य शोभायात्रा में जुड़ेगी। शोभायात्रा में विभिन्न समाज-संगठनों की ओर से सौ से अधिक झांकियां शामिल होंगी। झांकियां भी फतह स्कूल मार्ग पर खड़ी रहेंगी और यहीं से आगे बढ़ते हुए मुख्य शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगी। टाउन हॉल से निकलने वाली शोभायात्रा में बुलेट सवार, अश्व सवार, डीजे, डांडिया नृत्य करते दल आदि शामिल होंगे। झांकियों में सबसे आगे धर्म ग्रंथ की झांकी, उसके बाद यज्ञ हवन करते हुए झांकी रहेगी। उसके बाद मेवाड़ का पारंपरिक गवरी नृत्य करते जनजाति बंधुओं का दल होगा। उनके बाद संत वृंद रहेंगे। संत समाज के पीछे कलश यात्रा रहेगी। बीच-बीच में डीजे साउंड व अन्य झांकियां रहेंगी। शोभायात्रा नगर निगम प्रांगण से सूरजपोल, बापू बाजार, देहलीगेट, अश्विनी बाजार, हाथीपोल, चेतक सर्कल होते हुए महाराणा भूपाल स्टेडियम पहुंचेगी। पूरी शोभायात्रा में एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी, साथ ही दो मोबाइल वैन में कार्यकर्ता रहेंगे जो किसी भी तरह की जानकारी या आवश्यकता अनुसार सहयोग करेंगे। कुल 2000 कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था में रहेंगे जिसमें बहनें भी शामिल रहेंगी। महाराणा भूपाल स्टेडियम में धर्मसभा के लिए बेरिकेडिंग के साथ ब्लॉक बनाए गए हैं। चारों दिशाओं में पांच बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है ताकि मंच से दूर बैठने वालों को भी कार्यक्रम स्पष्ट दिखाई दे सके। धर्मसभा के बाद महाप्रसाद वितरण -स्टेडियम में धर्मसभा सायंकाल 6 बजे शुरू होगी। धर्मसभा के बाद महाराणा भूपाल स्टेडियम के तीनों द्वारों पर महाप्रसाद पैकेट का वितरण किया जाएगा। कुल एक लाख भोजन पैकेट बनाए जा रहे हैं जिनके वितरण के लिए 800 कार्यकर्ता व्यवस्था संभालेंगे। पार्किंग व्यवस्था -उदयपुर शहर से बाहर से आने वालों के लिए वाहन पार्किंग की व्यवस्था यूआईटी पुलिया, पंचवटी, मीरा गर्ल्स कॉलेज की ओर रहेगी। शहरवासियों से आग्रह किया गया है कि वे शोभायात्रा व धर्मसभा स्थल की ओर पैदल ही पधारें जिससे जाम की स्थिति से बचा जा सके। पेयजल व्यवस्था -वैसे तो शोभायात्रा मार्ग व धर्मसभा स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखी जा रही है, फिर भी तेज गर्मी को देखते हुए पानी की बोतल साथ में रखने का भी आग्रह किया जा रहा है। सादर प्रकाशनार्थ


 भारत में आबादी के मुकाबले स्वास्थ्य सेवाओ की बहुत कमी है, स्वास्थ्य सेवांओ से यह तात्पर्य नहीं है कि केवल डाक्टरों की सुविधा ही, बल्कि डाक्टरों के आने वाली उन कई सहायक सेवाओं से है, जिसकी मदद से डाक्टर इलाज कर पाते हैं। वहीँ चिकित्सा क्षेत्र में विकसित एवं विकासशील देश अरबों रुपए शोध कार्य पर खर्च कर रहे हैं। पर दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि जिन बीमारियों के लिए नयी-नयी दवाईयां खोजी जा रही हैं वे अमीरों की बीमारियां हैं, दिल संबंधी बीमारी, उच्च रक्त चाप, कैंसर, लिवर, किडनी प्रत्यारोपण और, सबसे बड़ी अमीरों की बीमारी है एड्स,। हर साल भारत सहित एशियाई देशों और अफ्रीका में लाखो व्यक्ति मलेरिया, कुपोषण, डायरिया, हैजा, डिहाईड्रेशन और टीकों एवं दवा के अभाव में दम तोड़ देते हैं, और इधर चिकित्सा विज्ञान प्लास्टिक सर्जरी के शोध करने में जुटा हुआ है। यहां यह भी गौर करने की बात है कि जिस तरह से कोरोना नामक महामारी 2019 में आई और लगभग 2024 में चली भी गई। इस‌ अनपेक्षित महामारी ने करोड़ों की संख्या में लोगों की जान ली थी। 

स्वास्थ्य की महत्ता वर्षों पूर्व नेपोलियन बोनापार्ट ने समझकर ही यह कहा था कि "अगर मुझे स्वस्थ्य माएं मिले तो मैं एक सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण कर सकता हूं।" नेपोलियन की यह उक्ति आज भी प्रासंगिक है। किसी भी राष्ट्र के सुदृढ़ निर्माण में स्वस्थ्य मांएं और सुसंस्कृत महिलाओ की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे ही तो आने वाली स्वस्थ्य पीढ़ी की जन्मदात्री हैं। संभवतः इसी सत्य को स्वीकार करते हुए  भारत सहित प्रदेशों की सरकारों ने अपने वृहद स्वास्थ्य कार्यक्रम को क्रियान्वित किया है जिसके केंद्र में महिलाओं एवं बच्चों को रखा गया है, प्रदेशों की स्वास्थ्य क्षेत्र में देखा जाए तो पिछले वर्षों में कोई उल्लखनीय प्रगति नही हो पाई है। जैसे अविभाजित मध्यप्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़े राज्यों में है। 1991 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल लगभग जनसंख्या 66135862 व्यक्ति मानी जाती है। लेकिन राज्य स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं की दृष्टि से अभी भी देश के अनेक राज्यों से काफी पिछड़ा है।

स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से मध्यप्रदेश राज्य के पीछे रह जाने के कारणों में यहां साक्षरता ,शिक्षा की कमी, आर्थिक पिछड़ापन, परिवहन के साधनों की न्यूनता और जनसंख्या में जनजाति संख्या का बाहुल्य है। 1981 के आंकड़ों के अनुसार राज्य में साक्षरता का प्रतिशत 27.87 था, जो देश के साक्षरता प्रतिशत से काफी कम है। गैर शिक्षित लोग अंधविश्वासी और जादू टोनों से बड़ी बड़ी बीमारियों का उपचार करते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में धन नहीं जुट सका है। परिवहन की अपर्याप्त सुविधा के कारण मध्यप्रदेश में पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सालय और औषधालय नहीं खुल सके हैं। राज्य की जनसंसवा में लगभग 22.97 प्रतिशत भाग अनुसूचित जन जातियों का है जो दुर्गम घने वनों और पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती है। इन क्षेत्रों में सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ता है। जनजाति के लोग सभ्य लोगों से मिलना जुलना पसंद नहीं करते हैं। वे अपना इलाज झाड़फूंक और जादू टोनों से करते है। अतः ऐसी स्थिति में यहां स्वास्थ्य सेवाओं का विकास अवरुद्ध रहा, फलतः मध्यप्रदेश देश के अन्य राज्यों की तुलना में स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवाओं में काफी पीछे रह गया। 

 क्या आपको पता है कि सारी दुनिया में रोज पचास हजार से ज्यादा बच्चे मौत के मुंह में जा रहे हैं। वजह अतिसार, निमोनिया, पानी की कमी, कुपोषण जैसी साधारण बीमारियां हैं। सारी दुनिया में हथियारों और फौज के खरचो के हिसाब को देखे तो पता चलेगा कि कई सौ करोड़ डालर रोज खर्च किए जा रहे हैं। हर दिन खर्च होने वाले ये करोड़ों डालर सिर्फ इसलिए कि हमारी दुनिया सुरक्षित रह सके। इसके दूसरी तरफ जिन लोगों के लिए इस दुनिया को बचाया जा रहा है, उनकी बेसमय मौत रोकने के लिए होने वाले खर्च फौजी खर्च के पासंग भी नहीं है। भारत जैसे तीसरी दुनिया के देश में हर वर्ष करीब बीस लाख शिशु अपना पहला जन्मदिन देखे बगैर मौत का ग्रास बन जाते हैं। क्या कारण है कि हमारे पास काफी हंद तक असमय मौत रोकने के चिकित्सकीय सुविधाओं के होने के बावजूद भी हम इन्हें रोकने में नाकामयाब हो रहे हैं। कारण है सामाजिक जागरुकता का अभाव। दरअसल समस्या ,कही यह है कि स्वास्थ्य को बीमारी से जोड़कर देखा जाता है तो कहीं बीमारी की गैर मौजूदगी स्वास्थ्य का लक्षण समझा जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। 

एक स्वस्थ्य व्यक्ति का अर्थ मानसिक, शरीरिक, नैतिक रूप से उसका अपने वातावरण से सही संबंध होना है। स्वास्थ्य की इस पूरी परिभाषा की अनुपस्थिति बहुत सी समस्याओं को जन्म देती है।   भारतीय संदभों में अपने भविष्य की सुरक्षा की जब हम बात करते हैं तो हमे स्वास्थ्य की इस परिभाषा और उसके सामजिक संदभों को केंद्र में रखना होगा। अपने मौजूदा हालात में तथ्यों को सिलसिलेवार देखें तो वे कुछ इस तरह से होंगे। भारत में रोज होने वाली मौतों का कारण है प्रमुख कुछ बीमारियां 1 गलघोंटू  2 काली खांसी 3 टेटनस 4 तपेदिक (टीबी) 5 पोलियो 6 खसरा (मीजल्स)। इन सभी रोगों से बचपन में टीकाकरण द्वारा बचाव हो सकता है। इन तथ्यों की रौशनी में एक बार फिर यदि बच्चों के भविष्य को देख तो तस्वीर उतनी स्याह नही रहती। यदि देश के बच्चों को टीके की सुविधा सामान्य रुप से मिलने लगे तो इससे बच्ची की मृत्युदर में कमी होगी। मृत्यु दर में कमी का अर्थ है कि माता पिता में बच्चों के भविष्य के प्रति विश्वास जागेगा और जन्मदर घटेगी, जन्मदर घटने के साथ वे बहुत सी बुनियादी सुविधाएं लोगों को मुहैया होने लगेगी जो अब तक उपलब्ध नहीं हैं। 

यह बातें जितनी संभव लगते हैं उतनी है नहीं एक वैज्ञानिक सत्य है की तरक्की का एक सीधा असर यह होता है की जनसंख्या पर अपने आप नियंत्रण हो जाता है। इसे वैज्ञानिक डेमोग्राफिक ट्रांजिशन कहते हैं। यदि टीकाकरण और सामान्य स्वस्थ लोगों तक पहुंचाने की कोशिश में यदि इस डेमोग्राफिक ट्रांजिशन की स्थिति में पहुंचते हैं तो एक बड़ा कदम होगा। सर्दी के अंत तक सबके लिए स्वास्थ्य की मुहीम हमारे देश में चलाई जा रही है। इसका पहला‌ मोर्चा टीकाकरण टीकाकरण ही है। इस मोर्चे पर पिछले दिनों काफी कार्य हुआ है। विभिन्न इलाकों में सत्तर से नब्बे प्रतिशत के बीच टीकाकरण होने लगा है। राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान जो 1978 में प्रारंभ किया गया था आज तक की स्थिति तक आते-आते खासा काम कर चुका है। टीकाकरण और इस तरह के दूसरे अभियानों में जो दिक्कतें आती है वह सामाजिक अधिक होती हैं। हमारे देश में स्वास्थ्य और बीमारी जैसी बातें व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्याएं समझी जाती है। सारी वैज्ञानिक समझ के बाद यदि लोगों का सोचने का रवैया नहीं बदलता तो सफलता संदिग्ध हो जाती है। जरूरत इस बात की है कि टीकाकरण जैसी बातों के हर पहलू पर गांव देहात तक के स्तर पर चर्चा हो। सारे देश में जानकारी का ऐसा वातावरण बने जो लोगों के सीखने के तरीकों में बदलाव लाए। 

       दूसरी विडम्बना भी हमारे देश में मौजूत है। प्रायः यह देखते हैं कि हमारे देश में अमीरों के लिए बड़े बड़े अस्पताल हैं। छोटे छोटे शहरों में भी-  प्राइवेट क्लीनिक और नर्सिंग होम खुले हुए हैं। इनमें चिकित्सा की आधुनिकतम सुविधाएं रहती है, साफ सफाई और सेवा सुश्रुषा पर ध्यान दिया जाता है। नर्सिंग होम या अस्पताल में आपरेशन, डीलिवरी, या इलाज इतनी मंहगी होती है कि गरीबों की चादर छोटी पड़ जाती है। जिनके पास पैसे नहीं है, उनकी बीमारियों का इलाज आज भी सरकारी दवाखानों में मुफ्त बंटने वाली लाल और पीली गोलियों से होता है। सरकारी हास्पिटल के जनरल वार्ड एक तरह से धनहीन लोगो के लिए आरक्षित रहते हैं। वहां इतनी गंदगी लापरवाही और धांधली रहती है कि स्वस्थ आदमी भी बीमार पड़ जाए। पर लाचार गरीब आदमी कर ही क्या सकता है। दवाएं और मंहगी होती जा रही हैं। टीबी, टायफाइड, चर्मरोग, कालरा, हैजा आंत्रशोथ जैसी छोटेआदमी की बीमारियों का इलाज खर्चीला हो गया है। और हैरत इस बात पर होती है कि चिकित्सा वैज्ञानिक अपनी तरक्की की दुन्दुभि बजा रहे हैं। आम आदमी‌ सर्दी खांसी में दूध में हल्दी पीता है, पेट दर्द में हींग, फोड़े फुंसी के लिए लिए अंकोर का गरम पत्ता, चोट के लिए कत्था चुना या हल्दी प्याज इस्तेमाल करने वाला गरीब तबका मंहगाई के चलते और क्या कर सकता है। यह है हमारी तरक्की का असली खाका, जो चिकित्सा विज्ञान के दावों को खोखला और कागजी साबित करता है। बहुत बार बड़ी समस्या लगने वाली बातों का निदान एक छोटे कदम की शुरुआत से हो जाती है। एक चीनी कहावत है कि "हजारों मील के सफर की शुरुआत एक छोटे कदम से होती है।" अतः इस समस्या से निजात पाने प्रत्येक व्यक्ति अपने छोटे कदमों से इस पहल के लिए शुरुआत करेगा इन्ही शुभाकांक्षाओं के साथ।

भारतीय नववर्ष पर आज शंखनाद से गूंजेगा उदयपुर, मंगल कलश के साथ निकलेगी विशाल शोभायात्रा

 


उदयपुर, । चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत् 2081 का आरंभ उदयपुर में विशाल शोभायात्रा व धर्मसभा के साथ होगा। शंखनाद व मंगलाचार के साथ निकलने वाली शोभायात्रा में मातृशक्ति मंगल कलश से नवसम्वत्सर की शुभकामनाओं का मंगल संदेश देती चलेंगी, तो शाम को होने वाली धर्मसभा में सीहोर धाम के प्रख्यात शिवकथा मर्मज्ञ पं. प्रदीप मिश्रा और महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द (उत्तम स्वामी) महाराज का आशीर्वचन प्राप्त होगा। आयोजन की तैयारियों को सोमवार देर रात तक अंतिम रूप देने का क्रम जारी रहा। आयोजन के तहत यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से भी स्कूलों को अवकाश 2 घंटे पहले करने की सलाह दी गई है। 
भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के संयोजक रविकांत त्रिपाठी ने बताया कि गत दो वर्षों की भांति इस वर्ष भी समिति व नगर निगम के संयुक्त तत्ववावधान में नगर निगम प्रांगण से दोपहर तीन बजे विशाल शोभायात्रा शुरू होगी। सौ शंखवादकों द्वारा शंखवादन के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। इससे पहले, फतह स्कूल के मैदान में दोपहर एक बजे से कलश वितरण किया जाएगा, तीन बजे यहां से कलश यात्रा शुरू होगी जो आगे बढ़ते हुए सूरजपोल पर मुख्य शोभायात्रा में जुड़ेगी। शोभायात्रा में विभिन्न समाज-संगठनों की ओर से सौ से अधिक झांकियां शामिल होंगी। झांकियां भी फतह स्कूल मार्ग पर खड़ी रहेंगी और यहीं से आगे बढ़ते हुए मुख्य शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगी।
टाउन हॉल से निकलने वाली शोभायात्रा में बुलेट सवार, अश्व सवार, डीजे, डांडिया नृत्य करते दल आदि शामिल होंगे। झांकियों में सबसे आगे धर्म ग्रंथ की झांकी, उसके बाद यज्ञ हवन करते हुए झांकी रहेगी। उसके बाद मेवाड़ का पारंपरिक गवरी नृत्य करते जनजाति बंधुओं का दल होगा। उनके बाद संत वृंद रहेंगे। संत समाज के पीछे कलश यात्रा रहेगी। बीच-बीच में डीजे साउंड व अन्य झांकियां रहेंगी। 
शोभायात्रा नगर निगम प्रांगण से सूरजपोल, बापू बाजार, देहलीगेट, अश्विनी बाजार, हाथीपोल, चेतक सर्कल होते हुए महाराणा भूपाल स्टेडियम पहुंचेगी। पूरी शोभायात्रा में एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी, साथ ही दो मोबाइल वैन में कार्यकर्ता रहेंगे जो किसी भी तरह की जानकारी या आवश्यकता अनुसार सहयोग करेंगे। कुल 2000 कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था में रहेंगे जिसमें बहनें भी शामिल रहेंगी। 
महाराणा भूपाल स्टेडियम में धर्मसभा के लिए बेरिकेडिंग के साथ ब्लॉक बनाए गए हैं। चारों दिशाओं में पांच बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है ताकि मंच से दूर बैठने वालों को भी कार्यक्रम स्पष्ट दिखाई दे सके। 

धर्मसभा के बाद महाप्रसाद वितरण 
-स्टेडियम में धर्मसभा सायंकाल 6 बजे शुरू होगी। धर्मसभा के बाद महाराणा भूपाल स्टेडियम के तीनों द्वारों पर महाप्रसाद पैकेट का वितरण किया जाएगा। कुल एक लाख भोजन पैकेट बनाए जा रहे हैं जिनके वितरण के लिए 800 कार्यकर्ता व्यवस्था संभालेंगे। 

पार्किंग व्यवस्था 
-उदयपुर शहर से बाहर से आने वालों के लिए वाहन पार्किंग की व्यवस्था यूआईटी पुलिया, पंचवटी, मीरा गर्ल्स कॉलेज की ओर रहेगी। शहरवासियों से आग्रह किया गया है कि वे शोभायात्रा व धर्मसभा स्थल की ओर पैदल ही पधारें जिससे जाम की स्थिति से बचा जा सके। 

पेयजल व्यवस्था 
-वैसे तो शोभायात्रा मार्ग व धर्मसभा स्थल पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रखी जा रही है, फिर भी तेज गर्मी को देखते हुए पानी की बोतल साथ में रखने का भी आग्रह किया जा रहा है। 

सादर प्रकाशनार्थ

सुपर स्टार राकेश मिश्रा और शिवानी सिंह का रिकॉर्ड बनाने वाला गाना "केकरा बगईचा में" ने मचाया धमाल


भोजपुरी सुपर स्टार राकेश मिश्रा और वोइस सेंशेसन शिवानी सिंह का रिकॉर्ड बनाने वाला नया गाना "केकरा बगईचा में" रिलीज के साथ वायरल हो रहा है. यह गाना राकेश मिश्रा ऑफिसियल यूट्यूब चैनल से रिलीज हुआ है. गाने को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. इस गाने में राकेश मिश्रा के साथ शिवानी सिंह का लाजवाब केमेस्ट्री श्रोता महसूस कर पा रहे हैं. गाने का म्यूजिक वीडियो भी कमाल का है.  इसमें राकेश मिश्रा और रक्षा गुप्ता ने आग लगाने वाला परफॉरमेंस दिया है. गाना लाजवाब बना है और यही वजह है कि इस गाने को दिल खोल कर पसंद कर रहे हैं. 


गाना "केकरा बगईचा में" को लेकर राकेश मिश्रा ने अपने चाहने वालों से कहा कि यह गाना मस्तीभरा है. इसका खूब आनंद लीजिये. उन्होंने कहा कि इस गाने का कांसेप्ट हमारे देशज गीत संगीत से आया है. इसे हमने आधुनिक तरीके से आकार दिया है और अब यह गाना पब्लिक डोमेन में है. गाने में शिवानी सिंह की आवाज भी दर्शकों के दिलों को छू रही है. हमने मिलकर बेहतरीन काम किया है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अब तक यह गाना नहीं देखा है, वे प्लीज जरुर यूट्यूब पर इसे देखें और रील बना कर अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर पोस्ट करें. उन्होंने कहा कि मैं अपने काम को लेकर सजग हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि आगे भी एक से बढ़ कर एक गाने ले आऊंगा.

आपको बता दें कि राकेश मिश्रा और शिवानी सिंह के इस गाना "केकरा बगईचा में" के गीतकार प्रकाश बारूद हैं. संगीत दिया है मल्हार स्टूडियो के विपुल जी ने. पीआरओ रंजन सिन्हा हैं. निर्देशक आर्यन देव हैं. कांसेप्ट संग्राम सिंह का है और डिजाईन पटेल रवि सिंह का है.

दिल्ली के हर बूथ पर जीत की रणनीति का खाका तैयार: धनखड़


 दिल्ली की जनता मोदी जी के साथ है। हमारे कार्यकर्ता हर बूथ पर कमल खिलाने के संकल्प के साथ चुनावी मैदान में उतर गए हैं। दिल्ली प्रदेश प्रभारी औमप्रकाश धनखड़ ने चुनाव संचालन समिति की बैठक उपरांत यह बात कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता जर्नादन का भरपूर आशीर्वाद भाजपा के प्रत्याशियों को मिल रहा है। वे स्वंय पिछले दो दिन चुनाव प्रचार में रहे हैं। देश की जनता के साथ दिल्ली की जनता ने भी फिर मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का मन बना लिया है। अब पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बनती है कि हर मतदाता के पास पंहुचकर शालीनता के साथ कमल का बटन दबाने का आह्वान करें ।
   धनखड़ ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने अति आत्मविश्वास से बचना है और हर मतदाता तक पंहुचना है। चुनावी मैदान में जो आखिरी तक लड़ता है वहीं जीतता है। दिल्ली प्रदेश प्रभारी ने हर लोकसभा सीट की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और सभी तरह की चुनावी प्रक्रियाओं पर मंथन किया, जो भाजपा को बड़ी जीत की ओर अग्रसर करती हंै। बैठक में सह प्रभारी डॉ अलका गुर्जर,दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, संगठन महामंत्री पवन राणा, संयोजक अजय महावर, सह संयोजक राजीव बब्बर, सहसंयोजक योगिता सिंह, सहसंयोजक गजेंद्र यादव ने अपने अपने विचार रखे।
  दिल्ली प्रदेश प्रभारी श्री धनखड़ ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के  पास मतदाताओं को बताने के लिए केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार के अनेक ऐतिहासिक कार्य हैं जो आजादी के बाद कांग्रेस अपने 60 वर्ष के शासन काल में नहीं कर पाई  और मोदी जी ने पिछले दस वर्षों में ही कर दिखाए। गुलामी के प्रतीक जार्ज पंचम की प्रतिमा को हटाकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करना, राजपथ को कर्तव्य पथ बनाना, शहीद सैनिकों के सम्मान में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक स्थापित करना, हर पात्र के घर रसोई गैस, स्वच्छता अभियान, हर घर शौचालय, जीवन बीमा योजनाएंं, आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों का फ्री ईलाज, किसानों के खातों में सीधे पैसे भेजना, फसलों की एमएसपी बढ़ाना, फसल लागत मूल्य का डेढ़ गुणा लाभकारी मूल्य देना , दिल्ली को द्वारका एक्सप्रेस वे की सौगात, दिल्ली को देश के अन्य शहरों से जोड़ने वाले  राजमार्गों का सुधारीकरण, केजीपी -केएमपी एक्सप्रेस वे सहित अनेक गरीब, युवा, महिला, किसान, मजदूर उत्थान के कार्य हुए हैं। जिनसे इन वर्गों का जीवन सरल हुआ है।  श्री धनखड़ ने कहा कि पिछले दस वर्षों में व्यवस्था परिवर्तन का काम हुआ है और देश का विश्व में मान सम्मान बढ़ा है।  यही वजह है कि देशभर से एक ही आवाज आ रही है, इस बार भाजपा 400 पार और फिर से मोदी सरकार ।

 फोटो: दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यालय में चुनाव संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली प्रदेश प्रभारी औमप्रकाश धनखड़।

सीएचजेयू ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापन, सभी पत्रकारों के मान्यता कार्ड व पूरी पेंशन जारी रखने की मांग


चंडीगढ़, : चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन (सीएचजेयू) ने मुख्यमंत्री नायब सिंह से मुलाकात कर पत्रकारों की मांगों को उनके समक्ष रखा और एक ज्ञापन सौंपा। सीएचजेयू ने मुख्यमंत्री से सांघ्य, दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक, मंथली छपने वाले मध्यम, लघु व स्थानीय समाचार पत्रों, टीवी व डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को पे्रस मान्यता कार्ड को लेकर पेश आ रही दिक्कतों का उल्लेख करते हुए पहले की तरह सीए रिर्पोट पर मान्यता देने की मांग की और मान्यता प्रदान करने व पेंशन योजना के लिए जारी नई अधिसूचना की शर्तों को गैर-तर्कसंगत बताते हुए अधिसूचना को वापस लिए जाने की मांग की है। सीएचजेयू के अध्यक्ष राम सिंह बराड़, प्रदेश चेयरमैन बलवंत तक्षक ने मुख्यमंत्री नायब सिंह को दिए ज्ञापन में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए 10 हजार महीना पेंशन को बढ़ाकर 15 हजार करते समय जो अधिसूचना जारी की है, उसमें कुछ शर्तें ऐसी जोड़ी गई हैं, जो तर्कसंगत नहीं है। प्रतिनिधिमंडल में ललित धीमान, अख्तर फारूखी, पुनीत भास्कर, जगदीश असीजा, राजेश सलूजा, विनोद शर्मा, रविशंकर शर्मा, एचएस चहल, जगवीर, घनश्याम भी शामिल थे। सीएचजेयू प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह को पगड़ी व शाल पहनाकर उनका सम्मान भी किया गया।
सीएचजेयू ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 14 नवंबर, 2023 की अधिसूचना को वापस लिया जाए। सीएचजेयू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पत्रकारों को कर्मचारियों की तरह कैशलैस मेडिकल सुविधा देने का ऐलान किया था। अभी तक पत्रकारों को कैशलैस मेडिकल कार्ड नहीं मिले हैं। सीएचजेयू ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सभी पत्रकारों को यह सुविधा देते हुए पत्रकारों के कैशलेस मेडिकल कार्ड जल्दी बनवाए जाएं और पत्रकारों की निशुल्क बस सुविधा पर लगी किलोमीटर सीमा हटाने सहित पत्रकारों की अन्य लंबित सभी मांगे भी जल्दी लागू करवाएं। सीएचजेयू ने कहा कि विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना अनुसार परिवार के सिर्फ एक सदस्य को ही पेंशन मिल सकेगी। यानि अगर पति व पत्नि दोनों पत्रकार हैं तो उनमें अगर पति को पहले पेंशन शुरू हो गई तो पत्नि को पेंशन नहीं मिलेगी। पुराने नियमों में ऐसी कोई पाबंदी नहीं थी। इसके अलावा पुराने नियमों में यह प्रावधान था कि अगर पेंशन पाने वाले पत्रकार का निधन हो जाता है, तो उसके जीवन साथी (पत्नि अथवा पति) को पूरी पेंशन मिलेगी। यानि उस समय पत्रकार का निधन होने पर उसके जीवन साथी को पूरी 10 हजार रूपए महीना पेंशन मिलती थी। नए नियमों के अनुुसार अब उनके लिए पेंशन 10 हजार से बढक़र 15 हजार होने की बजाय घटाकर 7,500 रूपए कर दी गई है। इन नियमों में एक यह भी प्रावधान किया है कि किसी पत्रकार के खिलाफ कोई भी मामला दर्ज होने पर उसकी पेंशन बंद कर दी जाएगी, यह शर्त भी न्यायसंगत नहीं है। इसके अलावा भी पेंशन प्रदान करने के नियमों को सरल करने की बजाय अब और ज्यादा कड़े व सख्त कर दिए हैं। नए नियमों में यह भी प्रावधान किया है कि पेंशन पाने वाले पत्रकारों के लिए पीपीपी कार्ड जरूरी है। पेंशन पाने वाले चंडीगढ़ व अन्य स्थानों पर रह रहे पत्रकारों के पीपीपी कार्ड बन नहीं रहे हैं। सीएचजेयू प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह ने पत्रकारों की मांगों व उन्हें पेश आ रही दिक्कतों को ध्यान से विस्तारपूर्वक सुना और इस संबंध में उनका रवैया बेहद सकारात्मक रहा।

101 शंखों के नाद से होगा शोभायात्रा का आरंभ


 उदयपुर, भारतीय नवववर्ष समाजोत्सव समिति व नगर निगम के तत्वावधान में भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत 2081 के स्वागत पर 9 अप्रैल को होने वाली विशाल शोभायात्रा का आरंभ 101 शंखों के नाद से होगा। शोभायात्रा के बाद सांध्यवेला में महाराणा भूपाल स्टेडियम में होने वाली विशाल धर्मसभा की तैयारियां भी जोरों पर हैं। धर्मसभा में सीहोर धाम के पं. प्रदीप मिश्रा व महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द (उत्तम स्वामी) महाराज का आशीर्वचन प्राप्त होगा। 


भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के संयोजक रविकांत त्रिपाठी ने बताया कि 9 अप्रैल को नगर निगम प्रांगण से शुरू होने वाली मुख्य शोभायात्रा का आरंभ 101 शंख वादकों द्वारा शंखध्वनि के गुंजार के साथ होगा। मुख्य शोभायात्रा में शामिल होने के लिए दोपहर एक बजे तक पहुंच जाने का आग्रह किया जा रहा है। 

शोभायात्रा में सनातन धर्म ग्रंथों की झांकी, डीजे, बैंड, संतवृंद, समाजजन, बुलेट सवार, झांकियां, डांडिया, गवरी, स्केटर्स आदि दल शामिल होंगे। झांकियों में भीलू राणा, भगवान विश्वकर्मा, सिकलीगर समाज की झांकी, महाराष्ट्र बैंड, शिव-पार्वती की झांकी, राधा-कृष्ण की झांकी सहित सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण आदि का संदेश देने वाली झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों में से श्रेष्ठ तीन झांकियों को पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। 

मुख्य शोभायात्रा के बाद फतह स्कूल से कलश यात्रा निकलेंगी जो मुख्य शोभायात्रा से मिलेगी, बाद में भंडारी दर्शक मंडप पहुंचेगी।

एक लाख भोजन पैकेट, 4 लाख लीटर पेयजल

समाजोत्सव में शामिल होने वाले समाजजनों के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए एक लाख भोजन पैकेट तैयार किए जाएंगे। भोजन पैकेट में सब्जी, पूड़ी, मिठाई व नमकीन होगी। महाराणा भूपाल स्टेडियम में प्रवेश व निकासी तीनों तरफ के द्वार से रहेगी। भोजन पैकेट वितरण की व्यवस्था निकासी के दौरान रहेगी। वितरण के लिए 300 कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है। धर्मसभा स्थल पर 4 लाख लीटर पेयजल की व्यवस्था रहेगी। 

विभिन्न व्यवस्थाओं की बैठकें जारी

नववर्ष शोभायात्रा व धर्मसभा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समिति के अंतर्गत हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। अलग-अलग दल बनाकर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी तरह, विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए बनाई गई सहयोगी उपसमितियों की बैठक भी हुई। इनमें जल व्यवस्था, भोजन निर्माण व्यवस्था, भोजन वितरण व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, झांकी संयोजन, पार्किंग व्यवस्था, मंच व्यवस्था, तिलक व्यवस्था, मैदान की सजावट, रेखांकन, पारितोषिक वितरण समिति, अतिथि स्वागत समिति, चिकित्सा व्यवस्था, शोभायात्रा व्यवस्था समिति आदि शामिल हैं। 

कांग्रेस का घोषणा पत्र कोरी वाणी सेवा : धनखड़


 कांग्रेस का घोषणा पत्र  कोरी वाणी सेवा : धनखड़

-- घोषणाओं के लिए बजटीय प्रावधान नहीं , जनादेश लूटने का प्रयास
-- दिल्ली प्रभारी औमप्रकाश धनखड़ ने दिल्ली में पार्टी पदाधिकारियों और प्रत्याशियों के साथ  की चुनावी रणनीति पर चर्चा
दिल्ली, 5 अपै्रल।  कांग्रेस का घोषणा पत्र कोरी वाणी सेवा है। झूठ का पुलिंदा है। बिना बजटीय प्रावधान के खोखले वादे कर जनादेश लूटने में कांग्रेस माहिर है ।  भाजपा के राष्टï्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने कांग्रेस के घोषणा पत्र पर मीडिया को अपनी  प्र्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक में किसानों की कर्ज माफी का वायदा पूरा नहीं किया, हिमाचल प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने वादा किया था , पूरा नहीं किया, राजस्थान में पिछली बार किसानों के कर्ज माफी का वादा कर जनादेश की लूट की। जनता ने इस बार राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को नकार दिया।
                       धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में बजटीय व्यवहारयिता नहीं हैं । बिना बजटीय प्रावधान के कैसे घोषणाएं पूरी होंगी। कांग्रेस का मंत्र है जनादेश लूटो और आगे बढ़ो। अब जनता समझदार हो चुकी है। इसलिए कांग्रेस पार्टी पर विश्वास नहीं रहा। यहीं कांग्रेस के पतन के कारण हैं।  
                         धनखड़ ने कहा कि देश में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए संविधान के अनुरूप बेहतरीन न्यायिक व्यवस्था कायम है। कांग्रेस कौनसी नई न्याय व्यवस्था की बात कर रही है और  किसको न्याय दिलाने का वादा कर रही है। क्या कांग्रेस देश के खजाने  के लुटेरों व भ्रष्टïाचारियों को न्याय देने की बात कर रही है।  कांग्रेस महिला न्याय की बात करती है, इनके नेताओं के महिलाओं के प्रति ब्यान देखो। कांग्रेस ने तुष्टिïकरण, परिवारवाद, नारी शक्ति के अपमान और भ्रष्टïाचार की राजनीति की है। यही वजह हैं कि  देश की जनता ने कांग्रेेस को नकार दिया है।

                           इससे पहले दिल्ली प्रदेश प्रभारी श्री धनखड़ ने प्रदेश कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों और लोकसभा प्रत्याशियों के साथ लोकसभा चुनाव की अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा बैठक की और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। धनखड़ ने कहा कि देश के साथ दिल्ली में भी राजनीतिक माहौल पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में है। देश की जनता ने मोदी को बड़े जनमत के साथ फिर से पीएम बनाने का मन बना लिया है। इसलिए सभी कार्यकर्ता हर बूथ पर विजय की रणनीति के साथ जुट जाएं।  बैठक में सह प्रभारी डॉ अलका गुर्जर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, संगठन महामंत्री पवन राणा, लोकसभा प्रत्याशी मनोज तिवारी, बांसुरी स्वराज, कमलजीत सहरावत, प्रवीण खंडेलवाल, रामबीर सिंह बिधुड़ी, हर्ष मल्होत्रा, योगेंद्र चांदोलिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन सहित पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
फोटो:  दिल्ली प्रदेश कार्यालय में लोकसभा निमित बैठक में पार्टी पदाधिकारियों  की बैठक लेते हुए दिल्ली प्रदेश प्रभारी औमप्रकाश धनखड़।