चीन को छोड़कर भारत में यहां निवेश कर सकती हैं विदेशी कंपनियां, चल रही तैयारी!

आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन 

UNCOVERED: The Prospects and Pitfalls of 'Make in India' - Trade ...

नई दिल्ली. असम (Assam) चीन से बाहर निकलने की इच्छुक बहुराष्ट्रीय कंपनियों (Multi-National Companies) को लुभाने का प्रयास कर रहा है. असम के उद्योग मंत्री चंद्र मोहन पटवारी (Chandra Mohan Patowary) ने बुधवार को कहा कि जो बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन से बाहर निकलना चाहती हैं, उन्हें असम की ओर देखना चाहिए. पटवारी ने कहा असम में प्राकृतिक संसाधन बहुतायत में हैं. साथ ही यह एक रणनीतिक गंतव्य है और यहां औद्योगिक ढांचा काफी मजबूत है.

इन देशों की कंपनियां चीन से निकलना चाहती हैं
पटवारी ने गुवाहाटी संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका, जापान और कोरिया की कई कंपनियां अपनी उत्पादन सुविधा चीन से भारत स्थानांतरित करना चाहती हैं. हम इन कंपनियों को असम में आकर्षण करने का प्रयास करेंगे.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), इन्वेस्ट इंडिया, जापान विदेश व्यापार संगठन (जेट्रो), अमेरिका-भारत व्यापार परिषद और US चैंबर ऑफ कॉमर्स से कंपनियों को इस बारे में सलाह देने को कहा है.
मौके को भुनाना चाहता है भारत
बता दें कि केंद्र सरकार भी इस बात पर विशेष ध्यान दे रही है कि कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बाद चीन से निकलने के बाद वो भारत में निवेश करें. वैश्विक स्तर की कई बड़ी कंपनियों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि चीन से वो अपने उत्पादन फैसिलिटी (Production Facility) को निकालना चहती हैं. भारत की नजर इस मौके को भुनाकर विदेशी निवेश बढ़ाने पर है. कुछ दिन पहले की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा था कि दुनिया फिलहाल चीन को 'घृणा' की नजर से देख रहा है. ऐसे में भारत इसे मौके के तौर पर ले सकता है.

भारतीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने का मौका
बुधवार को ही एक कॉन्फेडरेशन के सदस्यों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करते हुए गडकरी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के इस संकट में हमारे लिए बेहतर मौका है. वैश्विक बाजार में हम पकड़ बना सकते हैं. उन्होंने कहा, 'कोरोना वायरस आउटब्रेक की वजह अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में संकट की स्थिति है. हमें इसे एक नए मौके के रूप में देखना होगा क्योंकि फिलहाल चीन से कोई डील नहीं करना चाहता है. जापानी प्रधानमंत्री इस बात पर जोर दे रहे हैं कि ​कंपनियां चीन से बाहर निवेश करें. ऐसे में हम भारतीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट कर सकते हैं.'

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