कोरोना वायरस: ‘टीवी पर राष्ट्रपति के भाषण से पता चला मैं संक्रमित हूँ’

आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन :


कोरोना वायरस: 'टीवी पर राष्ट्रपति के ...

तेज़ बुखार, उबकाइयाँ और सूखी खांसी. सीता त्यासूतामी को कोरोना संक्रमण के बताये जाने वाले ये तीन लक्षण थे.
वो इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में स्थित एक अस्पताल में भर्ती थीं लेकिन संक्रमण की अब तक पुष्टि नहीं हुई थी.
उनकी माँ मारिया भी जकार्ता के इसी अस्पताल में भर्ती थीं, वैसे ही लक्षण, मगर दोनों के कमरे अलग-अलग थे और दोनों को ही अपनी रिपोर्ट का इंतज़ार था. तभी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने एक बड़ी घोषणा की.
देश के नाम संबोधन में राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कहा कि दो इंडोनेशियाई नागरिक कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गए हैं. उन्होंने कहा कि ‘ये देश में कोविड-19 के पहले दो मामले हैं. दोनों महिलाएं हैं. एक 64 वर्षीय और दूसरी महिला 31 वर्ष की हैं. जकार्ता के एक अस्पताल में दोनों का इलाज किया जा रहा है.’
राष्ट्रपति आवास के बाहर, प्रेस की भीड़ के सामने, राष्ट्रपति ने देश को यह संदेश दिया और जिसका डर था, इंडोनेशिया में भी उसकी पुष्टि हो गई. 
अस्पताल में त्यासूतामी और उनकी माँ ने जब टीवी स्क्रीन पर राष्ट्रपति का संदेश देखा तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि इंडोनेशिया में भी संक्रमण पहुँच गया है.
वो हैरान थीं कि राष्ट्रपति विडोडो ने दो मरीज़ों की बात की जो उन्हीं के अस्पताल में भर्ती हैं, उन्हीं की उम्र की हैं, उन्हीं के जैसे लक्षण और एक जैसी कॉन्टैक्ट हिस्ट्री है.
राष्ट्रपति विडोडो को दोनों मरीज़ों के नाम नहीं बताने थे, इसलिए उन्होंने उनके नाम सार्वजनिक नहीं किये. लेकिन राष्ट्रपति की घोषणा से बेचैन हुईं त्यासूतामी अस्पताल की नर्स से सवाल पूछने से ख़ुद को नहीं रोक पाईं.

‘मैं गुस्से में थी’

उन्होंने पूछा, “क्या इस अस्पताल में किसी कोरोना संक्रमित मरीज़ का इलाज चल रहा है?” इस पर नर्स ने त्यासूतामी को जो जवाब दिया, वो उन्हें पेट में किसी ज़ोरदार मुक्के जैसा लगा.
त्यासूतामी और उनकी माँ इंडोनेशिया में कोरोना वायरस संक्रमण के पहले दो ‘शिकार’ हैं, ये उन्हें स्पष्ट हो चुका था.
सीता त्यासूतामी ने बीबीसी से कहा, “मैं व्याकुल थी, गुस्से में थी और निराश भी. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करना है क्योंकि ये ख़बर मीडिया में हर जगह फैल गई थी.”
संक्रमण की पुष्टि होने से पहले, त्यासूतामी एक पेशेवर डांसर थीं, बढ़िया आर्टिस्ट थीं, एक अच्छी बहन, बेटी, दोस्त थीं. पर बाद में उनकी पहचान घटकर सिर्फ़ ‘कोरोना वायरस केस-1’ रह गई जो उनके लिए बहुत अपमानजनक था.
त्यासूतामी ने बताया कि उनके मेडिकल रिकॉर्ड लीक कर दिये गए थे जिसके आधार पर मीडिया ने काफ़ी भ्रामक रिपोर्टें दिखाईं और देखते ही देखते सोशल मीडिया बहुत सारी अफ़वाहों से भर गया.
इन सब चीज़ों ने मिलकर, कुछ ही घंटों बाद त्यासूतामी को इंडोनेशिया में कोरोना वायरस संक्रमण का चेहरा बना दिया.

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