नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के क्रियान्वयन की पूरी रूपरेखा तय कर दी है। रक्षाबंधन के अवसर पर पात्र महिलाओं को सरकार की ओर से वित्तीय सहायता का तोहफा दिया जाएगा। योजना के तहत पात्र लाभार्थी महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। 1 अगस्त से इसके लिए आधिकारिक पोर्टल लाइव हो चुका है, जिसके जरिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 26 अगस्त को चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र (लेटर) सौंपे जाएंगे और 1 सितंबर से खातों में राशि का अंतरण शुरू हो जाएगा।
'महिला समृद्धि' से बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' हुआ नाम
पूर्व में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी योजना का नाम 'महिला समृद्धि योजना' रखा गया था। बाद में दिल्ली की पहचान और महिलाओं के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए इसे 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का नाम दिया गया। यह योजना मध्य प्रदेश की लाडली बहना, महाराष्ट्र की लाडकी बहिण और हरियाणा की लाडो लक्ष्मी योजना की तर्ज पर तैयार की गई है। दिल्ली में 2025 के विधानसभा चुनाव से पूर्व किए गए इस प्रमुख वादे को अब धरातल पर उतारा जा रहा है।
₹5,100 करोड़ का बजट, पहले चरण में 17 लाख महिलाओं को लाभ
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। विस्तृत गाइडलाइंस तैयार होने के बाद अब इसे अंतिम रूप दिया जा चुका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती चरण में दिल्ली की करीब 17 लाख जरूरतमंद एवं पात्र महिलाओं को इस वित्तीय सहायता का सीधा लाभ मिलेगा।
महत्वपूर्ण तिथियां:
- आवेदन प्रारंभ: 1 अगस्त से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से।
- स्वीकृति पत्र वितरण: 26 अगस्त (रक्षाबंधन के अवसर पर)।
- राशि का अंतरण: 1 सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹2,500 प्रति माह।
पात्रता व आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए महिला का दिल्ली की स्थायी निवासी होना और जरूरतमंद श्रेणी में आना आवश्यक है। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, दिल्ली का वैध निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण (आधार व मोबाइल से लिंक) और आय प्रमाण से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।

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