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भारत-अमेरिका की बढ़ती नजदीकियों से पाकिस्तान और चीन बेचैन: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का साल में दूसरा भारत दौरा; रणनीतिक प्राथमिकताओं से इस्लामाबाद पूरी तरह गायब


नई दिल्ली: 
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के लगातार भारत दौरों ने दक्षिण एशियाई भू-राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2026 में मार्को रुबियो का यह दूसरा भारत दौरा है, जबकि पाकिस्तान अब तक उनकी आधिकारिक यात्रा सूची में जगह बनाने में पूरी तरह नाकाम रहा है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री की बैठकों और द्विपक्षीय संबंधों की प्रगाढ़ता ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वाशिंगटन की रणनीतिक प्राथमिकताओं में भारत सर्वोच्च स्थान पर है। वहीं, अमेरिका की इस नीति से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और चीन की कूटनीतिक चिंताएं बढ़ गई हैं।


ट्रंप-मुनीर संपर्कों के बावजूद भारत ही अमेरिका की पहली प्राथमिकता

कूटनीतिक जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से औपचारिक मुलाकातों और संपर्कों के बावजूद अमेरिका की दीर्घकालिक दक्षिण एशिया नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। अमेरिका रक्षा, उन्नत तकनीक, सेमीकंडक्टर और आपूर्ति श्रृंखला के मामले में भारत को एक अपरिहार्य और भरोसेमंद साझेदार मानता है। पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता और कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण अमेरिका उसे केवल सीमित सुरक्षा मुद्दों तक ही सीमित रख रहा है।

इंडो-पैसिफिक में चीन की घेराबंदी मुख्य केंद्र

विशेषज्ञों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के आक्रामक विस्तारवाद पर अंकुश लगाने के लिए भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। मार्को रुबियो का यह दौरा इस बात को पुख्ता करता है कि अमेरिका चीन को संतुलित करने के लिए भारत के साथ व्यापक रणनीतिक और औद्योगिक सहयोग को तेजी से विस्तार दे रहा है।

पाकिस्तानी कूटनीतिज्ञों में निराशा का माहौल

अमेरिका की इस स्पष्ट प्राथमिकता पर पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक तौकीर हुसैन सहित कई विश्लेषकों ने चिंता जताई है। पाकिस्तानी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या अमेरिका ने दक्षिण एशिया नीति में पाकिस्तान को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया है? राजनयिकों का मानना है कि वैश्विक मंच पर भारत का आर्थिक और कूटनीतिक कद इतना बढ़ चुका है कि अमेरिका अब भारत और पाकिस्तान को एक ही तराजू में तौलने (De-hyphenation) की पुरानी नीति को पूरी तरह छोड़ चुका है।

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महिलाओं के लिए खास मंच बना ‘The Social Edit’, आपसी जुड़ाव और सकारात्मकता पर जो

 रास रानी – ग्लैम डांडिया रास’ में NCR की करीब 100 महिलाओं ने लिया हिस्सा, संगीत और डांडिया के साथ मनाया उत्सव

नई दिल्ली। महिलाओं को एक-दूसरे से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को मंच देने और सकारात्मक माहौल बनाने के उद्देश्य से अशिमा नरूला की नई पहल ‘The Social Edit’ महिलाओं के लिए एक खास मंच बनकर उभर रही है। 16 वर्षों से ‘Glam Girls Meet’ नामक महिला समुदाय का संचालन कर रहीं अशिमा नरूला अब इस नए प्लेटफॉर्म के माध्यम से महिलाओं के बीच सार्थक रिश्तों, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना चाहती हैं।

हाल ही में राजौरी गार्डन स्थित एलिया (Elia) में आयोजित ‘रास रानी – ग्लैम डांडिया रास’ कार्यक्रम में एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 100 महिलाओं ने हिस्सा लिया। इनमें फैशन डिजाइनर, इंटीरियर डिजाइनर, टैरो रीडर और कई अन्य क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिभाशाली महिलाएं शामिल थीं। कार्यक्रम में मिसेज शालू जिंदल, दिल्ली डार्लिंग्स और मिसेज रीना मित्तल की उपस्थिति भी रही।

कार्यक्रम में कोरियोग्राफी, डांसर्स और ढोल की थाप ने उत्सव का माहौल बनाया। इस दौरान एक महिला ढोल वादक की विशेष प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को रोजमर्रा की जिम्मेदारियों से इतर अपने लिए समय निकालने, अपनी पहचान का जश्न मनाने और स्वतंत्रता के साथ जीवन का आनंद लेने का अवसर देना था।

अशिमा नरूला का कहना है कि ‘The Social Edit’ का उद्देश्य बड़ी भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि महिलाओं के बीच वास्तविक जुड़ाव और सकारात्मक संबंध स्थापित करना है। यह ऐसा मंच है, जहां महिलाएं अपनी बात रख सकें, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकें और एक-दूसरे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकें।

सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी अशिमा की सक्रिय भागीदारी है। वह विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और सामाजिक पहलों से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा, वह न्यूमरोलॉजी, ज्योतिष, वास्तु परामर्श, आकाशिक रीडिंग, IFT हीलिंग, फेस रीडिंग और पाम रीडिंग के क्षेत्र में भी कार्य करती हैं। वह सकारात्मक सोच, आध्यात्मिकता और इस सिद्धांत में विश्वास रखती हैं कि हम ब्रह्मांड को जो देते हैं, वह किसी न किसी रूप में हमारे पास लौटकर आता है।

अशिमा नरूला का मानना है कि जब कोई महिला भीतर से खुश और संतुष्ट होती है, तो वह अपने आसपास के लोगों के जीवन में भी खुशियां लाती है। इसी सोच के साथ वह ‘The Social Edit’ के माध्यम से महिलाओं के लिए सार्थक आयोजनों, मजबूत रिश्तों और सामूहिक विकास के नए अवसर तैयार करना चाहती हैं।

भारत मंडपम में 'चिन्मय अमृत महोत्सव' का भव्य आगाज: स्वामी चिन्मयानंद को याद कर भावुक हुए PM मोदी, कहा- '1993 की वडोदरा मुलाकात आज भी मन में जीवंत'


नई दिल्ली: 
राजधानी के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित 'चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन' के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गहरे आध्यात्मिक भावों से भर उठे। सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री ने चिन्मय मिशन के संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद के साथ 33 वर्ष पूर्व हुई अपनी ऐतिहासिक भेंट को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव का स्नेह, प्रेरक संवाद और दिव्य आशीर्वाद आज भी उनके अंतःकरण में पूरी तरह ताजा है।


कार्यक्रम के दौरान आधुनिक तकनीक के समन्वय से प्रस्तुत किए गए स्वामी चिन्मयानंद के जीवंत होलोग्राफिक प्रोजेक्शन ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। मंच पर गुरुदेव का डिजिटल स्वरूप देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक होते हुए कहा, "कुछ मुलाकातें समय बीतने के साथ धुंधली नहीं होतीं, बल्कि स्मृतियों में और गहरी उतर जाती हैं। गुरुदेव के इस स्वरूप को देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो मैं 33 वर्ष पूर्व 1993 के वडोदरा के उस क्षण में पुनः लौट गया हूँ। उनका स्नेह, उनके साथ हुई बातचीत और उनका आशीर्वाद एक बार फिर आँखों के सम्मुख साक्षात हो गया।"

'संतों का विशेष स्नेह और एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव'

प्रधानमंत्री ने चिन्मय मिशन के अमृत महोत्सव में अपनी सहभागिता को एक असाधारण और प्रेरणादायी आध्यात्मिक अनुभव बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और संत समाज के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। पीएम मोदी ने कहा कि संतों के इस निरंतर सानिध्य और आशीर्वाद ने उन्हें जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ाने की ऊर्जा दी है।

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पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड: दिल्ली की बसों में अब बिना गुलाबी टिकट सफर, जानिए कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया


 नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में सफर को और अधिक सुगम व आधुनिक बना दिया गया है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर के लिए अब पारंपरिक 'गुलाबी टिकट' लेने की व्यवस्था खत्म की जा रही है। इसकी जगह आधुनिक 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' की शुरुआत कर दी गई है।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा औपचारिक रूप से लॉन्च किए गए इस स्मार्ट कार्ड के माध्यम से अब महिलाएं और ट्रांसजेंडर यात्री मेट्रो कार्ड की तरह ही सुगमता से बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगे।

क्या है 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड'?

पूर्व में दिल्ली में महिलाओं को बसों में यात्रा के दौरान कंडक्टर से भौतिक गुलाबी टिकट लेना पड़ता था, जिसका भुगतान सरकार निगम को करती थी। नई व्यवस्था के तहत अब हर बार टिकट लेने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) आधारित स्मार्ट कार्ड है, जिसे बस में यात्रा के दौरान कंडक्टर को केवल दिखाना या टैप करना होगा।

कार्ड की प्रमुख विशेषताएं

  • ऑनलाइन और डिजिटल प्रक्रिया: बार-बार टिकट कटवाने के झंझट से मुक्ति।

  • मेट्रो कार्ड जैसी सुविधा: एक बार कार्ड बन जाने के बाद महिलाएं दिल्ली की सभी डीटीसी और क्लस्टर बसों में आसानी से फ्री यात्रा कर सकेंगी।

  • ट्रांसजेंडर वर्ग को भी लाभ: इस योजना का विस्तार कर महिलाओं के साथ-साथ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी इसमें शामिल किया गया है।

कौन बनवा सकता है यह कार्ड? (पात्रता की शर्तें)

  1. निवास: यह कार्ड केवल दिल्ली की स्थायी निवासी महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए मान्य है।

  2. आयु सीमा: आवेदक की आयु 12 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है।

  3. आय सीमा नहीं: इस सुविधा के लिए किसी भी प्रकार की आय सीमा तय नहीं की गई है; सभी आय वर्ग की पात्र महिलाएं इसका लाभ उठा सकती हैं।

कैसे बनेगा पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड?

  • 50 विशेष केंद्र: दिल्लीभर में स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए 50 प्रमुख लोकेशन तय की गई हैं।

  • समय: ये केंद्र सप्ताह के सभी सातों दिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुले रहेंगे।

  • आवश्यक दस्तावेज:

    • पहचान प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड)

    • दिल्ली का वैध निवास प्रमाण पत्र (रेजिडेंस प्रूफ)

    • पासपोर्ट साइज फोटो

निर्धारित केंद्रों पर इन दस्तावेजों के साथ पहुंचकर बायोमेट्रिक/सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है, जिसके तुरंत बाद 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' जारी कर दिया जाता है।