गुरुग्राम: योगराज शर्मा। गुरुग्राम के GNH कन्वेंशन सेंटर में विश्व-विख्यात आध्यात्मिक गुरु, सुप्रसिद्ध लेखक और ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाने वाले प्रमुख शिक्षक संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने अपने एक व्याख्यान में सैकड़ों भाई-बहनों को संबोधित किया। “एक बहुत ज्यादा जुड़े हुए संसार में शांति कैसे पाएं?” (Find Peace in a Hyperconnected World) विषय पर एक खास कार्यक्रम में, साइंस ऑफ स्पिरिचुएलिटी (Science of Spirituality) के प्रमुख ने तेजी से जुड़ती हुई दुनिया की लगातार होने वाली हलचल के बीच स्थायी शांति और आनंद पाने का तरीका बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत में संत राजिन्दर सिंह जी महाराज का फूलों के गुलदस्ते देकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उसके बाद उन्होंने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने इस बात पर चर्चा की कि आज की डिजिटल दुनिया में हमारे पास पहले से कहीं ज्यादा जानकारी, सुविधाएँ और एक-दूसरे से जुड़ने के साधन हैं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल्स के आने से जगह और समय की सीमाएँ काफी कम हो गई हैं लेकिन क्या इनमें से किसी चीज ने हमें आंतरिक शांति के करीब पहुँचाया है?
आगे संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने कहा कि, “टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के शहर गुरुग्राम में आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। जैसे-जैसे हम ज्यादा टेक्नोलॉजी से जुड़ते जा रहे हैं, हम ये सोचें कि क्या गैजेट्स के साथ हमारे ये सभी कनेक्शन हमें वह शांति दे रहे हैं जिसकी हम सभी को जरूरत है।”
“बाहरी साधन होने के बावजूद, हम सभी शांति और संतोष की तलाश में हैं। जैसे कस्तूरी मृग अपने ही शरीर से निकलने वाली मीठी खुशबू की तलाश में हर तरफ भागता है, ठीक वैसे ही हम भी खुशी और शांति पाने के लिए सिर्फ बाहरी दुनिया पर ही ध्यान देते हैं। असल में, सारी शांति और संतुष्टि हमारे अंदर ही है। जब हम मुश्किल दौर से गुजरते हैं, तो हम उस परम शक्ति (ईश्वर) की मौजूदगी को पहचानते हैं और अपना ध्यान उसकी ओर लगाते हैं। गैजेट्स और टेक्नोलॉजी के साथ हमारा जुड़ाव तो मजबूत हो रहा है, लेकिन अफसोस की बात है कि ईश्वर के साथ हमारा जुड़ाव अभी तक मजबूत नहीं हुआ है।”
आधुनिक दुनिया के विरोधाभास पर बात करते हुए, जहाँ बातचीत कभी नहीं रुकती, संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने समझाया कि शांति की शुरूआत तब होती है, जब हम खुद को सुनना सीखते हैं। आज की आधुनिक तकनीक ने हमें लोगों, समाचारों और जानकारी से जोड़ा है, लेकिन फिर भी हम अकेलापन, तनाव और मानसिक थकान महसूस करते हैं। इसके विपरीत जब हम शांत होकर ध्यान-अभ्यास में बैठते हैं और अपने भीतर मौजूद ईश्वर की ज्योति और श्रुति से जुड़ते हैं, तो हम अपने अंदर ही स्थायी शांति और आनंद का अनुभव कर सकते हैं, जो बाहर की दुनिया से मिलने वाली किसी भी चीज से अलग है।
संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने आगे कहा कि, “ध्यान-अभ्यास हमें अपने आंतरिक स्वरूप से जुड़ने और आधुनिक जीवन में पूरी तरह से शामिल रहते हुए आंतरिक शांति, स्पष्टता और जुड़ाव की गहरी भावना का अनुभव करने में मदद करता है।”
ध्यान-अभ्यास हमें संतुलित जीवन जीने और जीवन के विभिन्न पहलुओं में सफलता पाने में भी मदद करता है, जिससे हम शांति और आनंद की स्थिति तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने कहा कि ध्यान-अभ्यास के माध्यम से अपने आंतरिक आध्यात्मिक खजाने से जुड़कर, हम स्थायी खुशी और शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं।
अंत में संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने सभी भाई-बहनों को ध्यान-अभ्यास की एक छोटी सी बैठक में बिठाया, जिससे कि उन्हेंे इसके प्रत्यक्ष अनुभव हुए।
संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने उपस्थित भाई-बहनों के सवालों के जवाब भी दिए और जीवन के समाधान, शांति और ध्यान-अभ्यास पर अपने विचार साझा किए। यह कार्यक्रम बहुत ही सुखद माहौल में संपन्न हुआ, जब संत राजिन्दर सिंह जी ने दर्शकों के बीच आकर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनसे बातचीत की, जिससे सभी का मन और हृदय तृप्त हो गया।
संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ’सावन कृपाल रूहानी मिशन‘ (जिसे ’साइंस ऑफ स्पिरिचुएलिटी‘ के नाम से भी जाना जाता है) नामक गैर-लाभकारी संस्था के प्रमुख हैं। संत राजिन्दर सिंह जी महाराज को लाखों लोगों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है। वे ध्यान-अभ्यास पर आधारित सेमिनारों और पुस्तकों (जैसे ’डिटॉक्स द माइंड‘, ’मेडिटेशन एज मेडिकेशन फॉर द सोल‘, और ’इनर एंड आउटर पीस थ्रू मेडिटेशन‘), डीवीडी, ऑडियोबुक, लेखों, टीवी, रेडियो और इंटरनेट प्रसारणों और सोशल मीडिया के माध्यम से ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाते हैं। संत राजिन्दर सिंह जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तकें और लेख विश्व की 55 से ज्यादा भाषाओं में उपलब्ध हैं।
सावन कृपाल रूहानी मिशन के संपूर्ण विश्वभर में 3500 से अधिक केन्द्र स्थापित हैं। इसका मुख्यालय विजय नगर, दिल्ली में है तथा अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय नेपरविले, शिकागो, अमेरिका में स्थित है।
सौरव नरूला
मीडिया प्रभारी

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