मर्डरबाद: इमोशन, थ्रिल और रहस्य की चक्रव्यूह में फंसी एक रोमांचक कहानी


 विशाखा पाल छजलाना यकीनन आप यह जानकर हैरान होंगे कि इस हफ्ते रिलीज हुई मर्डरबाद के निर्माता , निर्देशक , लेखक अर्नब चटर्जी ने अपनी इस फिल्म की स्क्रिप्ट पर करीब 14 साल की उम्र ने काम शुरू किया और 18 साल के होने पर फिल्म की शूटिंग पिछले साल शुरू की , राजस्थान, वेस्ट बंगाल की कई आउटडोर लोकेशन पर शूट अपनी इस फिल्म के लिए साठ की उम्र पार कर चुके अंजन श्रीवास्तव , अमोल गुप्ते के साथ साथ अनुभवी एक्टर मनीष चौधरी को भी निर्देशित किया 

इस फिल्म की मीडिया स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म का शो खत्म होने के बाद क्रिटिक्स का रिस्पॉन्स लेने दिल्ली के लग्जरी डिलाइट डायमंड सिनेमा में अर्नब खास तौर से कोलकाता से दिल्ली आए उनका यहीं जुनून बताता है कि आने वाले दिनों में उनका नाम बॉलीवुड के नामी निर्देशकों की लिस्ट में शामिल होगा , यहां उनसे विशेष बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि 8 साल की उम्र से ही शार्ट फिल्मे बनाने का ऐसा शिक्षा लगा कि मर्डरबाद जैसी फीचर बनाई , अर्नब कहते है मैने फिल्म को किसी स्टूडियो में सेट लगवाकर  आराम से शूट करने की बजाय रियल लोकेशन पर शूट किया , राजस्थान के जयपुर शहर से यहां की कई आउटडोर लोकेशन और एक पैलेस के अलावा न्यू जलगपाई गुड्डी की कई लोकेशन पर शूट किया । 


मेरी नजर में  यह फिल्म आपको  भयावह और कुछ वीभत्स दृश्यों को दिखाती है जिन्हें देखना आप शायद पसंद नहीं करे लेकिन स्क्रिप्ट की डिमांड इन सींस की थी और यह स्टोरी का अहम हिस्सा बने।

प्रश्न से जकड़ लेता है, जयपुर के होटल में अलग अलग शहरों से आए टूरिस्ट का एक ग्रुप  रुका हुआ है उनमें लंदन की टूरिस्ट भी शामिल है , गाइड और बस का ड्राइवर इन टूरिस्ट के साथ इसी होटल में रुका है अचानक एक टूरिस्ट यहां से गायब हो जाती है " इस राजस्थानी महल में बने होटल की शांत लेकिन भयावह पृष्ठभूमि के इर्द गिर्द घूमती यह कहानी मर्डर, पोस्टमार्टम हाउस के घिनौने सच और श्मशान से घूमती इस थ्रिलर फिल्म का क्लाइमेक्स आपको बेचैन कर देगा। होटल से गायब हुई एक टूरिस्ट के गायब होने की यह कहानी जल्दी ही रहस्यों और एक कुंठा ग्रसित युवक का वीभत्स चेहरा पेश करती है जो आपको चौंका देगा ।



रोमांस इमोशनळ भावनाओं और रहस्य से भरी फिल्म की कहानी बाद में एक खतरनाक रूप में बदलकर एक ऐसी भूलभुलैया में प्रवेश करती है जहां से निकलना आसान नहीं है। निर्देशक अर्नब की कहानी और किरदारों पर फिल्म की शुरुआत में पकड़ कमजोर है लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म आपको सीट से बांध सी देती है, अर्नब ने मंझे हुए दिग्गज कलाकारो के साथ न्यू कमर्स स्टार्स से अच्छा काम लिया है, नकुल सहदेव और कनिका कपूर की जोड़ी जमी है लेकिन फिल्म नगरी में लंबी पारी खेलने के लिए इन्हें अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है, अर्नब की यह फिल्म क्लाइमेक्स के दौरान बांग्ला बैकग्राउंड में एंट्री करती है लेकिन फिल्म का अहम मोड है। फिल्म का क्लाईमेक्स हम आपको बिल्कुल नहीं बताएंगे इसके लिए आपको सिनेमाघर जाना होगा लेकिन फैमिली क्लास की कसौटी पर फिल्म फिट नहीं रहेगी लेकिन कुछ बिल्कुल नया और थ्रिलर देखने वाले दर्शक फिल्म को पसंद करेंगे

कलाकार: शाकिर हाशमी, नकुल रोशन सहदेव,  कनिका कपूर, मनीष चौधरी,अमोल गुप्ते,मसूद अख्तर,सलोनी बत्रा,निर्माता, लेखक, निर्देशक: अर्नब चटर्जी, सेंसर सर्टिफिकेट: यू ए, अवधि:  143 मिनट

भाषायी विवादों के बीच प्रेम और समरसता का संदेश देती 'संत तुकाराम'

 


विशाखा पाल छजलाना छत्रपति शिवाजी महाराज के समकालीन महान संत और कवि तुकाराम के जीवन पर आधारित यह फिल्म आपकी 16 वी शताब्दी में लेकर जाती है, लंबी रिसर्च और धार्मिक विद्वानों से लंबी चर्चा के बाद बनीं यह फिल्म उस महान कवि और समाज सुधारक संत तुकाराम की जीवनी और उनके कार्यों को पूरी ईमानदारी के साथ पेश करती है, फिल्म की पूरी यूनिट फिल्म के कलाकारों ने महाराष्ट्र के छोटे से गांव में लंबा वक्त इस लिए गुजारा की फिल्म उस दौर और माहौल को जीवंत कर सके, निर्देशक आदित्य ओम और फिल्म के लीड और सहयोगी कलाकारों की मेहनत साफ दिखाई देती है, यह इत्तफाक ही है कि फिल्म की रिलीज ऐसे वक्त हुई जब महाराष्ट्र और साउथ के कुछ राज्यों में सत्ता की राजनीति करने वाले हिंदी विरोध करके अपनी राजनीति चमकाने में लगे है उन्हें इस फिल्म के मेकर से सीखना चाहिए़ कि उन्होंने इस महान मराठी  संत की फिल्म को हिंदी में बनाया।

फिल्म की मीडिया स्क्रीनिंग से पहले मीडिया से बात करते हुए फिल्म के युवा निर्देशक आदित्य ओम ने कहा महान संत पर फिल्म बनाना मेरे लिए गर्व का विषय है मैं चाहता हु आज की युवा पीढ़ी को हमारे इन महान संत समुदाय का ज्ञान होना चाहिए आगे भी संत कबीर, संत तुलसी दास और कबीर पर फिल्में बनाई जाए ।

स्टोरी प्लॉट 

महाराष्ट्र के कोल्हापुर से कुछ दूर एक गांव में स्टार्ट टू लास्ट यहां के ग्रामीण समुदाय के साथ शूट हुई यह फिल्म तुकाराम के भक्ति आंदोलन और उनकी  सामाजिक क्रांतिकारी का पूरी ईमानदारी के साथ पेश करती है , अपने छोटे बच्चों और पत्नी का मोह छोड़ कर अपने विट्ठल की भक्ति में तल्लीन हो चुके  तुकाराम को घर में अपनी पत्नी के ताने और गांव में रूढ़ीवादी पंडित समुदाय के विरोध का सामना करना होता है लेकिन वह अपनी रचनाओं, अभंगों के माध्यम से समाज में व्याप्त छुआछूत, जातिगत भेदभाव, अंधविश्वास और रूढ़ियों के खिलाफ आवाज उठाने में लगे रहते है।

अभिनय , निर्देशन 

मराठी सुपर स्टार सुबोध भावे का अभिनय इस फिल्म की यूएसपी है, अपने बेहतरीन अभिनय से उन्होंने तुकाराम के किरदार को पर्दे पर जीवंत किया है। भगवान विट्ठल की भूमिका में अरुण गोविल छा गए, छोटी सी भूमिका के बावजूद संजय मिश्रा प्रभावशाली रहे, तुकाराम की पत्नी के किरदार में शीना चौहान का जवाब नहीं, फिल्म के सहयोगी कलाकारों ने अपनी अपनी भूमिका को अच्छे ढंग से निभाया, निर्देशक आदित्य ओम ने स्क्रिप्ट के साथ न्याय किया है ।

ओवर ऑल 

 संत तुकाराम महाराज पर पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ युवा निर्देशक आदित्य की यह फिल्म उनकी ऐतिहासिक और सामाजिक भूमिका को गहराई से पेश करने के साथ साथ दिखाती है  कि किस प्रकार यह महान संत  महाराष्ट्र का यह संत अपने कीर्तन और भजनों के माध्यम से गांव-गांव में लोगों को जोड़ते और भक्ति के माध्यम से समाज में समानता का वातावरण निर्मित करने की मुहिम में लगे थे फिल्म को देख कर आपको लगेगा कि महाराज का व्यक्तित्व विद्रोही था, लेकिन ये विद्रोह प्रेम और करुणा से प्रेरित था। मराठी बायोपिक फिल्मों के किंग माने जाने वाले मराठी सुपर स्टार सुबोध भावे ने अपने सशक्त अभिनय से संत तुकाराम को स्क्रीन पर जीवंत कर दिखाया है, अगर आप साफ सुथरी और हमारी प्राचीन धार्मिक विरासत से जुड़ी फिल्मों को पसंद करते है और इस महान संत के बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो अपने परिवार के साथ संत तुकाराम से मिलने अपने पास के सिनेमाघर जाए।

कलाकार: सुबोध भावे, शीना चौहान, संजय मिश्रा, अरुण गोविल, हेमंत पांडे, गणेश यादव, ललित तिवारी,मुकेश भट्ट, शिव सूर्यवंशी , और मुकेश खन्ना सूत्रधार, निर्माता: निर्देशक , लेखन:  आदित्य ओम , अवधि:  135 मिनट ,सेंसर:  यू,

दिल्ली को विकसित नहीं, कर्ज में डूबी दिल्ली बना रही है रेखा गुप्ता सरकार - श्री देवेंद्र यादव


 नई दिल्ली, / विशाखा पाल छजलाना कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही एस.ए.एस.सी.आई. (राज्यों को पूंजीगत व्यय हेतु विशेष सहायता) योजना के अंतर्गत दिल्ली सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्तावों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।


उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने पर्यटन परियोजनाओं के लिए 600 करोड़ परुपये के कर्ज का प्रस्ताव केंद्र को भेजा हैजबकि दिल्ली की प्राथमिक ज़रूरतें जैसे झुग्गी बस्तियों में रहने वाले नागरिकों के लिए आवासपीने का साफ पानीऔर राशन आदि योजनाएं आज भी अधूरी हैं।


श्री यादव ने आगाह किया कि यह कर्ज अंततः दिल्ली की जनता से ही टैक्स के रूप में वसूला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली बजट में घोषित एक लाख करोड़ रुपये की वास्तविकता अब उजागर हो रही हैऔर कल मुख्यमंत्री रेखा गुप्तावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं अधिकारियों के बीच हुई बैठक उसी रणनीति का हिस्सा थीजिसके तहत दिल्ली को धीरे-धीरे कर्ज के बोझ में डुबोया जा रहा है।


श्री यादव ने भाजपा सांसदों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे पिछले वर्षों में दिल्ली के लिए कोई विशेष अनुदान तक नहीं ला सके। श्री यादव ने पहले भी चेताया था कि यह बजट वास्तव में दिल्ली की जनता पर कर्ज और टैक्स का बोझ डालने वाला है। दिल्ली को विकसित नहीं कर्ज में डूबी दिल्ली बना रही है रेखा गुप्ता सरकार।


उन्होंने स्पष्ट किया कि एक लाख करोड़ रुपये के तथाकथित बजट में से 15,000 करोड़ रुपये कर्ज और 9,950 करोड़ रुपये अतिरिक्त टैक्स के रूप में दिल्लीवासियों से वसूले जाएंगे। कल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 600 करोड़ रुपये की कर्ज राशि भी दिल्ली पर लाद दी गई है - वह भी पर्यटन विकास के नाम परन कि प्रचारित विकास कार्यों” के लिए।


श्री देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे स्पष्ट करें कि अब तक एस.ए.एस.सी.आई. योजना के तहत केंद्र को कौन-कौन से प्रस्ताव भेजे गए हैंऔर उनमें से कितने वास्तव में दिल्ली की आम जनता की ज़रूरतों से जुड़े हैं।


श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि केजरीवाल सरकार की ग़लत आर्थिक नीतियों के चलते दिल्ली पहले ही 36,000 करोड़ रुपये के कर्ज तले दबी है। दिल्ली जल बोर्ड पर 75,000 करोड़ और डीटीसी पर 65,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। रेखा गुप्ता सरकार के आने के बाद यह बोझ और बढ़ गया है। जनता को उम्मीद थी कि नई सरकार टैक्स और कर्ज से राहत देगीलेकिन जिस मोदी सरकार की नीतियों ने देश को 200 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज में डुबो दिया है उसी प्रकार से रेखा गुप्ता की निति दिल्ली को कर्ज में डूबो रही है। उन्होंने मोदी सरकार से दिल्ली को कर्ज की जगह सहायता तथा टैक्स में हिस्सेदारी की मांग की।


उन्होंने बताया कि 2020 में शुरू हुई एस.ए.एस.सी.आई. योजना के तहत अब तक 23 राज्यों की लगभग 40 पर्यटन परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी हैलेकिन दिल्ली को अब तक कोई स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में उन्होंने मांग की कि पिछले वर्षों में दिल्ली सरकार ने एस.ए.एस.सी.आई. योजना के तहत जो भी प्रस्ताव भेजेउनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

गुरु तेग बहादुर 'शहीदी संदेश यात्रा' निकालना सराहनीय प्रयास: जगदीप सिंह काहलों

 


नई दिल्ली, विशाखा पाल छजलाना : नौवें पातशाह गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत और उनके अंतिम संस्कार जैसी विलक्षण घटना की मानव इतिहास में कोई तुलना नहीं मिलती। यह बात दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कही।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित 'शहीदी संदेश यात्रा' को रवाना किए जाने के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए काहलों ने कहा कि किसी भी धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देना और फिर शहादत के पश्चात सिर और शरीर का अंतिम संस्कार दो अलग-अलग स्थानों पर होना – यह एक ऐसी अद्वितीय घटना है जिसकी मानव इतिहास में कोई मिसाल नहीं है।

उन्होंने कहा कि उस समय के क्रूर शासक औरंगज़ेब ने तिलक और जनेऊ समाप्त करने की कसम खाई थी, लेकिन गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने शहादत देकर न केवल धर्म की रक्षा की, बल्कि देश और समाज की भी रक्षा की।

उन्होंने यह भी बताया कि 2022 में गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में लाल किले पर मनाया गया था और इस बार गुरु साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर भी लाल किले पर एक विशाल समारोह आयोजित किया जा रहा है। काहलों ने कहा, “यह समय का चक्र है कि जिस लाल किले से औरंगज़ेब ने गुरु साहिब को शहीद करने का आदेश दिया था, उसी लाल किले पर आज गुरु साहिब का शहीदी दिवस बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है, जबकि औरंगज़ेब की मजार पर आज एक दीपक भी नहीं जलता।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सिख धर्म और सिख समुदाय को सदैव सम्मान मिला है।

काहलों ने बताया कि यह 'शहीदी संदेश यात्रा' लखनऊ से शुरू होकर गुरु का ताल, आगरा से होते हुए आज गुरुद्वारा सीसगंज साहिब, चांदनी चौक, दिल्ली पहुंचेगी, जहाँ एक विशाल कीर्तन समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने तिलक और जनेऊ की रक्षा कर हिंदू धर्म की रक्षा की, इसलिए उन्हें 'हिंद की चादर' कहा जाता है। उन्होंने कहा कि औरंगज़ेब की धमकियों से न तो गुरु साहिब डरे, और न ही भाई मती दास, भाई सती दास, या भाई दियाला जी, बल्कि उन्होंने अपनी शहादत देकर उसकी विचारधारा को गलत साबित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस बड़े स्तर पर मना कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। 

खालिस्तान के खिलाफ बोलने पर एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य को गोलियों से भून कर मारने की धमकी

 


चंडीगढ़: विशाखा पाल छजलाना  टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य को खालिस्तान के खिलाफ मुखर रहने पर भारतीय नंबर से उनके मोबाइल पर कॉल कर गोलियाओं से भून कर मारने की धमकी मिली हैं जिसमें धमकी देने वाले ने खुद को खालिस्तान समर्थक बताया है।


धमकी देने वाले ने खुद को कुख्यात खालिस्तानी निहंग अमृतपाल सिंह मेहरो से जुड़ा बताया है। यही नहीं, उसने यह भी दावा किया है कि वह वही अमृतपाल सिंह मेहरो है से जुड़ा है जिसने हाल ही में पंजाब में यूट्यूबर कमल कौर भाभी की हत्या को अंजाम दिया था। यह दावा बेहद गंभीर चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि यह मामला अब सिर्फ एक धमकी का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी मंशा का संकेत देता है।

वीरेश शांडिल्य ने इस संबंध में हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों की पुलिस को लिखित सूचना भेज दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह कोई सामान्य धमकी नहीं है, बल्कि यह आतंकवाद और खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़ा हुआ एक गंभीर षड्यंत्र हो सकता है।

शांडिल्य का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार पुलिस को धमकियों की जानकारी दी है, लेकिन पुलिस द्वारा न तो एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में सक्रिय मोबाइल नंबरों को ट्रेस करने में भी पुलिस विफल रही है और 2-3 लोगों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति की गई है जो कि गंभीर सुरक्षा चूक है।

शांडिल्य ने यह भी आशंका जताई कि अंबाला के बाहर भी खालिस्तान समर्थक, आतंकी या भिंडरावाला समर्थक उन पर जानलेवा हमला कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच और कार्रवाई शुरू करें।

उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस अक्सर ऐसे धमकी के मामलों में सरकारी नोटिफिकेशन न आने या गैर-संज्ञेय अपराध का हवाला देकर एफआईआर दर्ज करने से बचती है। उनका कहना है कि इसी रवैये की वजह से कट्टरपंथियों को बढ़ावा मिल रहा है और कानून व्यवस्था पर खतरा बढ़ता जा रहा है।

वीरेश शांडिल्य ने राज्य और केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि इस मामले को गंभीर आतंकी खतरे के रूप में देखा जाए और धमकी देने वाले को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर देशद्रोही नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए।

लव जेहाद का आरोपी गिरफ्तार


 दिल्ली के वसंत कुंज साउथ थाने में लव जिहाद जैसा एक मामला सामने आया है… यहां पर हिंदू लड़कियों को टारगेट करके उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार हुआ… रेहान नाम का यह शख्स वसंत कुंज इलाके के शंकर कैंप में रहता है… और यही की एक पड़ोस की लड़की के साथ वह पिछले 7 सालों से शारीरिक संबंध बनता आ रहा था, 18 जून को जब लड़की ने शादी की बात की तो आरोपी ने शादी की बात से मना कर दिया…. जिसके बाद पीड़ित लड़की ने तेजाब पी लिया इसके बाद उसकी हालत को देखते हुए उसकी वसंत कुंज के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया…. और जब उसकी स्थिति वहां भी नहीं सुधरी तो अब उसको दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है…. जहां पर वह आईसीयू में इस समय एडमिट है… परिवार के लोगों ने आरोप लगाया है.. कि उनकी बेटी से पहले भी वह और भी हिंदू लड़कियों के साथ संबंध बन चुका है…. और हिंदू लड़कियों को ही वो टारगेट करता है…. पीड़ित परिवार चाहता है कि इस मामले में आरोपी को सबसे सख्त सजा मिले… वहीं पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि आरोपी के परिवार के लोगों के द्वारा उनको पैसे देने की बात कही जा रही है…. और पैसे लेकर मामला रफा दफा करने को कहा जा रहा है…. वहीं पीड़ित लड़की की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है जो की आईसीयू में भर्ती है…. पुलिस ने 25 जून को मुकदमा दर्ज करके आरोपी रेहान को गिरफ्तार कर लिया है…. तस्वीर हम आपको इस आरोपी की दिखा रहे हैं… जिनको दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है… हाथों में कलावा बांधकर फोटो खींचना और बड़ी ही ठाट वाली जिंदगी जी रहा था… यह आरोपी खुद पिता के साथ भी इस आरोपी के कई सारे फोटो जो है सोशल मीडिया पर है… परिवार की लोगों ने बताया कि पिछले 7 सालों से उनकी बेटी को ब्लैकमेल करके उनकी बेटी के साथ यह आरोपी शारीरिक संबंध भी बना रहा था… और दो बार अर्वोशन भी करवा चुका है… अब पीड़ित परिवार चाहता है कि आरोपी के ऊपर दिल्ली पुलिस सख्त कार्रवाई करें और उनकी बेटी को इंसाफ मिल सके

झुग्गी झौपड़ी की बर्बादी पर दिल्ली कांग्रेस द्वारा पूछे गए 10 सवालों पर केजरीवाल की चुप्पी गरीबों के साथ उनके विश्वासघात को उजागर करती है - देवेंद्र यादव

 


नई दिल्ली
, विशाखा पाल छजलान - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि अरविन्द केजरीवाल के सत्ता में रहते हुए 11 साल से अधिक समय तक झुग्गीवासियों की दुर्दशा और बदहाली की अनदेखी करने के कारण जब दिल्ली के लोगों ने भ्रष्ट आम आदमी पार्टी को सत्ता से बेदखल कर दिया तब केजरीवाल महीनों तक दिल्ली को बेसहारा छोड़ पंजाब चले गए और भाजपा द्वारा हजारों झुग्ग्यिं को ध्वस्त करने के बाद अचानक केजरीवाल झुग्गी वालों के प्रति सहानूभूति प्रकट करके गरीब लोगों की आंखों में धूल झौंक रहे है।


श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि जब रेखा गुप्ता सरकार ने भाजपा की बी टीम आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर झुग्गी झौपड़ी बस्तियों पर बुलडोजर चलाकर उजाड़ना शुरु किया तब केजरीवाल ने जानबूझकर चुप्पी साधे रखी जबकि मीडिया के सामने बड़े-बड़े दावे किए और दिल्ली कांग्रेस द्वारा पूछे गए 10 सवालों का जवाब देने से वह भाग रहे है।

 
प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने न तो 2015 में राजीव रत्न आवास योजना के तहत निर्मित किए गए 45000 फ्लैट्स के आवंटन की परवाह की जो झुग्गी वालों के पुनर्वास के लिए बनाए गए थे और न ही उनकी सरकार ने गरीबों के लिए एक भी फ्लैट का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार द्वारा जे.जे. कलस्टर पर बुलडोजर चलाने की हिम्मत नही पड़ती अगर आम आदमी पार्टी की सरकार अदालत के सामने जेजे कलस्टर के ध्वस्तीकरण के मामल को सही ढंग से प्रस्तुत किया होता और वादा किया होता कि गरीबों के पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।


श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि जब रेलवे लाईन के नजदीक बसी झुग्गी-झोपड़ियों को उजाड़ने का प्रयास किया गया तब कांग्रेस पार्टी ने कोर्ट में जाकर एक स्टे ऑर्डर लिया। उन्होंने कहा कि 2015 से 2025 के बीच झुग्गी-झोपड़ी की जनसंख्या कई गुना बढ़ गई। अगर आम आदमी पार्टी और भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार द्वारा कालकाजी और जेलरवाला बाग में शुरू की गई जहां झुग्गी वहीं मकान की योजना के तहत निर्माण की संवेदनशीलता से पहल की होती तो गरीबों की झुग्गी-झोपड़ी बिना सोचे-समझे नही उजाड़ते और गरीब सड़कों पर नहीं आते। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार झुग्गी-झोपड़ी की बर्बादी को रोकने के लिए अध्यादेश भी ला सकती थीलेकिन केजरीवाल हमेशा लोगों की आँखों में धूल झोंकते रहे और वोट बैंक की राजनीति के तहत उन्हें इस्तेमाल करने के लिए उन्हें भटकाते रहे। केजरीवाल झुग्गी-झोपड़ी के निवासियों के साथ सिर्फ खोखले वादे किए।


श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने भी विधानसभा चुनावों से पहले जेजे क्लस्टरों में रहकर बड़े-बड़े वादे करने की रणनीति अपनाईलेकिन सत्ता में बैठकर भाजपा ने भी झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टरों पर बुलडोजर चलाकर अपना असली गरीब विरोधी चेहरा दिखाना शुरू कर दिया। भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली से गरीबों को बाहर निकालने की एक समान नीति ने इनके बीच आपसी संबंध को उजागर किया।


श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि जब मानसून आया तो दिल्ली में ट्रिपल इंजन“ भाजपा सरकार की निष्क्रियता और अक्षमता उजागर हो गईक्योंकि उसके सभी वादे फेल दिखाई दिए। दिल्ली को मजबूत योजना के साथ नालियों और सीवरों के पूर्ण पुनर्गठन की आवश्यकता हैन तुच्छ अकाल्पिक समाधान की। भाजपा सरकार के पास दूरदर्शितायोजना और चुनौतीपूर्ण कार्यों को अंजाम देने के लिए अभियान के काम करने की आवश्यकता है जैसा कि श्रीमती शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने किया था।


श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी में बिजली और पानी का संकट जारी है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भाजपा की सरकार होने के बावजूद रेखा गुप्ता सरकार पानी के बंटवारे की कोई व्यवस्था नहीं कर सकी और न ही दिल्ली में पानी के 58 प्रतिशत रिसाव को रोक सकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनाव पूर्व के वादे पिछली केजरीवाल सरकार की तरह खोखले साबित हुए हैं।