Rising Bharat Summit 2026: हालात बदले तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील होगी री-बैलेंस — पीयूष गोयल


 देश की आर्थिक दिशा और वैश्विक भूमिका पर केंद्रित Rising Bharat Summit का आगाज 27 फरवरी 2026 से हो गया है। दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में नीति, व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश से जुड़े कई दिग्गज एक मंच पर जुटे हैं।

केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने समिट के मंच से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर वैश्विक या द्विपक्षीय हालात बदलते हैं तो ट्रेड डील को “री-बैलेंस” किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए संतुलित और न्यायसंगत समझौते का पक्षधर है।

समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi के संबोधन से होना है। उम्मीद है कि वे ‘विकसित भारत’ के विज़न, वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका और निवेश आकर्षण पर प्रकाश डालेंगे।

इस मंच पर Jyotiraditya Scindia समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी अपने विचार रखे। व्यवसाय और टेक्नोलॉजी जगत से रमेश दमानी, डेविड टेट, विशाल सिक्का और शशि शेखर वेम्पति जैसे वक्ता भी शामिल हो रहे हैं। सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर गहन चर्चा हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति और वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा दे सकता है।

दिल्ली शराब मामले में बड़ा फैसला: केजरीवाल, सिसोदिया और के. कविता समेत 23 आरोपी बरी


 राजधानी की Rouse Avenue Court ने शुक्रवार को कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia और बीआरएस नेता K. Kavitha समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। पर्याप्त और ठोस सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया गया। यह मामला दिल्ली की कथित आबकारी नीति में अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ा था, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल मचा दी थी।

फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी ने इसे “सच्चाई की जीत” बताया, जबकि विपक्षी दलों ने पूरे प्रकरण की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा लंबी जांच, पूछताछ और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई थी। अदालत के फैसले के साथ ही आरोपियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का असर आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, यह निर्णय दिल्ली की राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

Shiv-Parvati Coded: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना का शाही संगम, अरावली की वादियां बनीं गवाह


 साउथ सिनेमा के चर्चित सितारे Vijay Deverakonda और Rashmika Mandanna शादी के बंधन में बंध गए हैं। अरावली की खूबसूरत वादियों के बीच संपन्न हुए इस शाही समारोह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस इस जोड़ी को “Shiv-Parvati Coded” बताते हुए अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि शादी समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बेहद निजी अंदाज में आयोजित किया गया। दोनों सितारों ने ट्रेडिशनल परिधानों में शाही लुक अपनाया, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। शादी की तस्वीरों में भव्य सजावट, मंत्रोच्चार और पारिवारिक माहौल की झलक साफ नजर आ रही है।

सोशल मीडिया पर फैंस लगातार बधाइयों की बारिश कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इस जोड़ी को परफेक्ट मैच बताते हुए लिखा कि यह संगम किसी पौराणिक कथा से कम नहीं। अरावली की प्राकृतिक सुंदरता ने इस खास मौके को और भी यादगार बना दिया।

फिल्म इंडस्ट्री के कई सेलेब्स ने भी नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दी हैं। फिलहाल यह शाही शादी मनोरंजन जगत की सबसे चर्चित खबर बनी हुई है।

#VijayDeverakonda #RashmikaM

AI से घर बैठे कमाएं हजारों रुपये: इन 7 तरीकों से शुरू करें ऑनलाइन इनकम


 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने कमाई के नए दरवाजे खोल दिए हैं। अब बिना बड़े निवेश के, सिर्फ लैपटॉप और इंटरनेट की मदद से घर बैठे हजारों रुपये कमाए जा सकते हैं। कंटेंट क्रिएशन से लेकर डिजाइनिंग और वीडियो प्रोडक्शन तक, AI टूल्स ने काम को आसान और तेज बना दिया है।

यहां जानिए 7 तरीके जिनसे आप AI की मदद से कमाई शुरू कर सकते हैं:

  1. कंटेंट राइटिंग और ब्लॉगिंग – AI टूल्स की मदद से आर्टिकल, स्क्रिप्ट और सोशल मीडिया पोस्ट तैयार कर फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म पर बेच सकते हैं।

  2. यूट्यूब ऑटोमेशन – स्क्रिप्ट, वॉइसओवर और वीडियो एडिटिंग में AI की सहायता लेकर फेसलेस यूट्यूब चैनल शुरू किया जा सकता है।

  3. ग्राफिक डिजाइन – AI डिजाइन टूल्स से लोगो, पोस्टर और सोशल मीडिया क्रिएटिव बनाकर क्लाइंट्स को सेवाएं दें।

  4. ऑनलाइन कोर्स बनाना – AI से रिसर्च और कंटेंट तैयार कर अपना डिजिटल कोर्स लॉन्च करें।

  5. चैटबॉट सर्विस – छोटे बिजनेस के लिए AI चैटबॉट सेटअप कर सर्विस फीस कमा सकते हैं।

  6. ई-बुक पब्लिशिंग – AI की मदद से ई-बुक लिखकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचें।

  7. डिजिटल मार्केटिंग – AI टूल्स से SEO, एड कॉपी और डेटा एनालिसिस कर क्लाइंट्स को बेहतर रिजल्ट दें।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित स्किल्स की मांग और बढ़ेगी। सही ट्रेनिंग और लगातार अभ्यास से यह कमाई का मजबूत जरिया बन सकता है।

Rinku Singh Father Death: रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह का निधन, स्टेज-4 लिवर कैंसर से थे पीड़ित




 मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्ते एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। Donald Trump के नेतृत्व में United States ने Geneva में हुई अहम बैठक के दौरान Iran के सामने पांच प्रमुख शर्तें रखीं।

सूत्रों के अनुसार, वॉशिंगटन ने तेहरान से परमाणु कार्यक्रम पर सख्त निगरानी स्वीकार करने, मिसाइल विकास पर रोक लगाने, क्षेत्रीय मिलिशिया समूहों को समर्थन बंद करने, अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के लिए पूर्ण पारदर्शिता और भविष्य में परमाणु हथियार न बनाने की ठोस गारंटी देने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि अमेरिका ने साफ संकेत दिया है कि यदि इन शर्तों पर सहमति नहीं बनी तो सैन्य विकल्प भी खुला है। वहीं, ईरान ने अपनी संप्रभुता और सुरक्षा हितों का हवाला देते हुए दबाव की राजनीति को स्वीकार करने से इनकार किया है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक निर्णायक साबित हो सकती है। अगर समझौता होता है तो क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद बढ़ेगी, लेकिन वार्ता विफल रहने की स्थिति में तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति सफल होगी या हालात टकराव की ओर बढ़ेंगे।

No Income Tax In Dubai: बिना पर्सनल इनकम टैक्स के भी कैसे अमीर है दुबई? जानिए सरकार की कमाई का राज


  दुनिया के सबसे समृद्ध शहरों में गिने जाने वाले Dubai में पर्सनल इनकम टैक्स बिल्कुल नहीं है। यानी यहां काम करने वाले लोगों को अपनी सैलरी पर आयकर नहीं देना पड़ता। इसके बावजूद दुबई की अर्थव्यवस्था मजबूत है और सरकार का खजाना लगातार बढ़ता रहता है। आखिर ऐसा कैसे संभव है?

दरअसल, दुबई की कमाई का बड़ा स्रोत तेल नहीं, बल्कि विविधीकृत अर्थव्यवस्था है। दुबई पर्यटन, रियल एस्टेट, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल सर्विसेज से भारी राजस्व अर्जित करता है। हर साल लाखों पर्यटक यहां घूमने आते हैं, जिससे होटल, शॉपिंग, एंटरटेनमेंट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ा फायदा होता है।

इसके अलावा दुबई में 5% वैट (VAT) लागू है, जो वस्तुओं और सेवाओं पर लिया जाता है। सरकार कंपनियों से लाइसेंस फीस, वीज़ा शुल्क, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन फीस और विभिन्न प्रशासनिक शुल्क भी वसूलती है। फ्री ज़ोन मॉडल के तहत विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जाता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बढ़ती हैं और सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से राजस्व मिलता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कम टैक्स और कारोबारी अनुकूल नीतियों ने दुबई को वैश्विक निवेश हब बना दिया है। यही वजह है कि बिना पर्सनल इनकम टैक्स के भी दुबई की अर्थव्यवस्था मजबूत और समृद्ध बनी हुई है।

जगदीप धनखड़ ने तोड़ी चुप्पी: ‘बीमार नहीं था’, इस्तीफे और चूरू दौरे पर उठे सवाल


 देश के पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar ने अपने अचानक दिए गए इस्तीफे को लेकर पहली बार खुलकर बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वे बीमार नहीं थे, बल्कि केवल अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते थे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।

धनखड़ के इस्तीफे के समय स्वास्थ्य कारणों को प्रमुख वजह बताया गया था, लेकिन अब उनके ताजा बयान ने कई अटकलों को जन्म दे दिया है। इसी बीच कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे और पूरे घटनाक्रम की पारदर्शिता पर चर्चा की मांग की थी।

सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे से पहले राजस्थान के चूरू दौरे को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं। बताया जाता है कि उस दौरे के दौरान कुछ अहम मुलाकातें और संदेश राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने। हालांकि आधिकारिक तौर पर इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि धनखड़ का यह बयान राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, उनके इस्तीफे की असली वजह को लेकर सवाल पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं और आने वाले दिनों में इस पर और खुलासे संभव हैं। 

PM SVANidhi Credit Card: योजना की अवधि 2030 तक बढ़ी, 1.15 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा


 केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना की ऋण अवधि को 31 मार्च, 2030 तक बढ़ा दिया है। इसका उद्देश्य देशभर के रेहड़ी-पटरी और ठेला कारोबारियों को सस्ती दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।

इस योजना के लिए कुल ₹7,332 करोड़ का परिव्यय निर्धारित किया गया है। पुनर्गठित योजना के तहत 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस विस्तार से छोटे व्यापारियों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी और वे औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

PM SVANidhi योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर भुगतान करने पर ब्याज सब्सिडी और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि योजना की अवधि बढ़ाने से शहरी गरीबों और छोटे व्यापारियों को लंबे समय तक वित्तीय सहायता मिल सकेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

चीन की सेना में हलचल: दो शीर्ष जनरलों पर जांच, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में नेतृत्व सिमटा


  चीन की सैन्य व्यवस्था में हालिया घटनाक्रम ने हलचल मचा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के दो शीर्ष जनरल—झांग यूशिया और हे वेइडोंग—पर जांच और संभावित कार्रवाई की प्रक्रिया ने सत्ता समीकरण को जटिल बना दिया है। इन घटनाओं का असर सीधे तौर पर चीन के सर्वोच्च सैन्य निकाय Central Military Commission (सीएमसी) पर पड़ा है, जो देश की सशस्त्र सेनाओं की कमान संभालता है।

बताया जा रहा है कि जांच के बाद सीएमसी के भीतर सक्रिय नेतृत्व सीमित होकर केवल कुछ अधिकारियों तक रह गया है। इससे निर्णय प्रक्रिया और रणनीतिक योजनाओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सैन्य मामलों के जानकारों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई अक्सर अनुशासनात्मक अभियान या व्यापक आंतरिक पुनर्गठन का संकेत होती है।

हालांकि, आधिकारिक स्तर पर इन जांचों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। फिर भी, घटनाक्रम ने चीन की सैन्य नेतृत्व प्रणाली और शक्ति संतुलन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में इससे सेना की संरचना और कमान व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है।

Delhi Liquor Case: कौन हैं स्पेशल जज जितेंद्र सिंह? केजरीवाल-सिसोदिया को बरी कर CBI को लगाई फटकार


 दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए Rouse Avenue Court ने पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia को बरी कर दिया। यह फैसला स्पेशल जज Jitendra Singh ने सुनाया।

अदालत ने अपने आदेश में केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) की जांच प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि आरोपपत्र में ऐसे ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य पेश नहीं किए गए, जिनसे आरोपों को संदेह से परे साबित किया जा सके। इसी आधार पर अदालत ने सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और दोनों नेताओं को राहत दी।

फैसला सुनाते समय अदालत ने यह भी कहा कि केवल आरोप पर्याप्त नहीं होते, उन्हें प्रमाणित करने के लिए ठोस सबूत जरूरी हैं। कोर्ट रूम में फैसला आते ही भावुक दृश्य देखने को मिला।

स्पेशल जज जितेंद्र सिंह दिल्ली की विशेष CBI अदालत में तैनात हैं और संवेदनशील मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। उनके इस फैसले ने न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस निर्णय का असर आगामी राजनीतिक घटनाक्रम और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है।

तमिलनाडु में बड़ा सियासी उलटफेर: पूर्व CM ओ. पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल

 

विधानसभा चुनाव से पहले Tamil Nadu की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री O. Panneerselvam ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का दामन थाम लिया है। वह पहले All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) से जुड़े थे, लेकिन पार्टी से निष्कासन के बाद से अलग राजनीतिक राह तलाश रहे थे।

पन्नीरसेल्वम का Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) में शामिल होना सियासी समीकरणों को बदलने वाला कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे दक्षिण भारत की राजनीति, खासकर तमिलनाडु में चुनावी रणनीतियों पर सीधा असर पड़ेगा।

सूत्रों के मुताबिक, आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कदम काफी रणनीतिक माना जा रहा है। पन्नीरसेल्वम के समर्थक और उनका जनाधार DMK को कुछ क्षेत्रों में मजबूती दे सकता है। वहीं AIADMK के लिए यह झटका माना जा रहा है।

DMK नेतृत्व ने इस शामिलीकरण को “सकारात्मक और विकासोन्मुख राजनीति” की दिशा में कदम बताया है। हालांकि विपक्षी दलों ने इसे अवसरवादी राजनीति करार दिया है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यह सियासी बदलाव आगामी चुनाव में DMK को बढ़त दिलाएगा या राज्य की राजनीति में नए गठबंधन और समीकरण सामने आएंगे।

Ideas of India Summit 2026: ‘भारत अमेरिका के बहुत ज्यादा करीब न जाए’ — जॉन मियरशाइमर

 

वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन पर चर्चा के बीच Ideas of India Summit में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रख्यात विशेषज्ञ John Mearsheimer ने भारत-अमेरिका संबंधों पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

मियरशाइमर ने कहा कि अमेरिका भारत को एशिया में चीन के संतुलन के लिए एक अहम रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। उनके अनुसार, वॉशिंगटन की इंडो-पैसिफिक रणनीति में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब चीन का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारत के लिए जरूरी है कि वह अमेरिका के बहुत ज्यादा करीब न जाए। मियरशाइमर का मानना है कि भारत को अपनी पारंपरिक रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखनी चाहिए और किसी एक धड़े के साथ अत्यधिक जुड़ाव से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी स्वतंत्र विदेश नीति और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में संतुलन साधने की क्षमता में है। यदि भारत पूरी तरह अमेरिकी खेमे में चला जाता है, तो इससे उसकी कूटनीतिक लचीलापन प्रभावित हो सकता है।

समिट में यह चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत कैसे अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखते हुए अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों के साथ संतुलित संबंध कायम रख सकता है।

‘मेरे घर में मेरा कोई फैन नहीं’ — ‘सूबेदार’ ट्रेलर लॉन्च पर Anil Kapoor का खुलासा

 

‘उम्र के इस पड़ाव पर भी अनिल कपूर का स्टारडम बरकरार है, लेकिन अभिनेता का कहना है कि घर के भीतर उनकी कोई खास “फैन फॉलोइंग” नहीं है। अपनी आगामी फिल्म Subedaar के ट्रेलर लॉन्च के दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए यह दिलचस्प खुलासा किया।

मुंबई में आयोजित इवेंट में अनिल कपूर ने बताया कि ट्रेलर लॉन्च के दिन जब वह घर से निकल रहे थे तो उनकी पत्नी को इस बारे में जानकारी तक नहीं थी। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा बाहर जाने से पहले पत्नी से मिलकर जाता हूं। उस दिन उन्होंने पूछा, कहां जा रहे हो? मैंने कहा, फिल्म का ट्रेलर लॉन्च है। फिर उन्होंने पूछा—कौन सी फिल्म? मैंने कहा—‘सूबेदार’। तो मेरे घर में मेरा कोई स्टारडम नहीं है।”

फिल्म ‘सूबेदार’ में अनिल कपूर एक रिटायर्ड फौजी के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में Mona Singh निगेटिव रोल निभा रही हैं, जबकि Radhika Madan और Faisal Malik भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी।

अनिल कपूर ने हंसते हुए कहा कि बाहर लोग उन्हें सुपरस्टार मानते हैं, लेकिन घर में वह बिल्कुल सामान्य सदस्य की तरह हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस इसे काफी पसंद कर रहे हैं।

मेरठ की दलित बेटी का मामला गरमाया: योगी सरकार के सख्त एक्शन के संकेत, पुराने केस भी खंगाले जाएंगे

 



पश्चिमी उत्तर प्रदेश के Meerut में दलित युवती से जुड़े मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब इस पर सियासत भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार ने मामले में सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन न सिर्फ मौजूदा मामले की गहन जांच कर रहा है, बल्कि आरोपियों से जुड़े पुराने मामलों को भी खंगालने की तैयारी है, ताकि किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं सामाजिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं।

स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। सामाजिक संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग की है।

फिलहाल, मामले की जांच जारी है और सरकार के सख्त रुख के चलते आने वाले दिनों में बड़े प्रशासनिक कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

Ideas of India Summit 2026: ‘जंग भारत के हित में नहीं, यूरोप से रिश्ते फायदेमंद’ — अतिदेब सरकार

 

देश और दुनिया के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच Ideas of India Summit के मंच से एबीपी नेटवर्क के चीफ एडिटर Atideb Sarkar ने अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी सूरत में भारत के हित में नहीं है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यूरोप के साथ मजबूत संबंध भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

अतिदेब सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को संतुलित विदेश नीति अपनाते हुए अपने आर्थिक और कूटनीतिक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका मानना है कि वैश्विक तनाव और संघर्ष की स्थिति में भारत को शांति, स्थिरता और बहुपक्षीय सहयोग की दिशा में भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप के साथ व्यापार, तकनीक, ग्रीन एनर्जी और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं पुनर्गठित हो रही हैं, भारत के पास अवसर है कि वह खुद को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित करे।

समिट में नीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक रणनीति से जुड़े कई विशेषज्ञों ने भी विचार साझा किए। चर्चा का केंद्र बिंदु रहा कि बदलती विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका क्या होनी चाहिए और किस तरह देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए वैश्विक साझेदारियों को मजबूत कर सकता है।

विश्व के प्रमुख धर्माचार्य दिल्ली में होंगे एकत्रित

 


नई दिल्ली, योगराज शर्मा : 37वां अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन 28 फरवरी, 2026 से शुरू हो रहा है। जिसमें विश्वभर के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक गुरु दो दिन के ध्यान-अभ्यास, सेमिनार और आध्यात्मिक जानकारी के विचार-विमर्श के लिए दिल्ली के कृपाल बाग़ में इकट्ठा होंगे। हर साल, सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्दर सिंह जी महाराज की अध्यक्षता में होने वाले इस वार्षिक सम्मेलन में भारत और दुनिया भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

यह सम्मेलन प्रत्येक वर्ष फरवरी में परम संत कृपाल सिंह जी महाराज (1894-1974) के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करने के लिए आयोजित किया जाता है, जिनका प्रकाश पर्व 6 फरवरी को होता है। परम संत कृपाल सिंह जी महाराज विश्व धर्म परिषद के संस्थापक अध्यक्ष थे, जिन्होंने फरवरी 1974 में पहला मानव एकता सम्मेलन आयोजित किया था।
मानव एकता विषय पर आधारित, 37वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन में आध्यात्मिक सेमिनार, प्रतिदिन ध्यान-अभ्यास की कार्यशालाएं और कई तरह की मानव-कल्याण से संबंधित गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
सम्मेलन के पहले दिन की शुरुआत संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के ‘ध्यान-अभ्यास-एक आनंदमय जीवन का कुंजी’ विषय पर प्रवचन से होगी। इसके अलावा दुनिया भर के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरुओं के साथ-साथ अनेक धर्मों के धार्मिक नेता और कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे, जो ध्यान-अभ्यास विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
37वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन के आखिरी दिन, 1 मार्च, 2026 को, संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ‘कृपाल - आध्यात्मिकता के प्रकाश स्तंभ’ विषय पर अपना प्रभावशाली प्रवचन देंगे, जिसमें वे परम संत कृपाल सिंह जी महाराज के आदर्श जीवन पर प्रकाश डालेंगे। उनके पश्चात अन्य वक्ता और विदेशों से आए प्रतिनिधि भी सम्मेलन में अपने विचार रखेंगे और महान संत कृपाल सिंह जी महाराज की याद को ताज़ा करेंगे।

37वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन के दौरान समाज की निःस्वार्थ सेवा की भावना से कई तरह की मानव-कल्याण से संबंधित गतिविधियाँ भी आयोजित जाएंगी। 22 फरवरी को 42वां निःशुल्क नेत्र जाँच और मोतियाबिन्द ऑपरेशन शिविर कृपाल बाग में आयोजित किया गया, जहाँ अमेरिका के वॉलंटियर डॉक्टरों ने आई केयर, आँखों के अस्पताल, नोएडा के डॉक्टरों के साथ मिलकर फ्री में मरीजों की आँखों का ऑपरेशन किया, जिससे लोगों की आँखों की रोशनी वापिस आई। पिछले कुछ सालों में, आँखों के इन शिविरों से 19,000 से ज्यादा लोगों को फायदा हुआ है।

सावन कृपाल रूहानी मिशन की ओर से 28 फरवरी, 2026 को वस्त्र वितरण शिविर और 1 मार्च, 2026 को 66वें रक्तदान शिविर का भी आयोजन कृपाल बाग में किया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली के गैर सरकारी संगठनों और कई वृद्धाश्रमों में मुफ्त दवाइयाँ, फल और अन्य दूसरी जरूरी चीजें बाँटी जाएँगी।

स्वर्ण मंदिर और वैष्णो देवी यात्रियों के लिए खुशखबरी, दिल्ली से कटरा सिर्फ 6 घंटे में


  नई दिल्ली. दरबार साहिब यानी Golden Temple और Vaishno Devi जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। बहुप्रतीक्षित Delhi–Amritsar–Katra Expressway अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

National Highways Authority of India (NHAI) के अनुसार, एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य मार्च तक पूरा होने की संभावना है। इसके शुरू होते ही दिल्ली से अमृतसर की दूरी महज 4 घंटे में और कटरा का सफर लगभग 6 घंटे में तय किया जा सकेगा।

यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2021 में शुरू हुआ था। तय समय से पहले पूरा होना था, लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारी बाढ़ के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ, जिससे देरी हुई। अब निर्माण तेज गति से पूरा किया जा रहा है।

इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से करीब 139 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी घटेगी। यात्रियों के लिए सफर अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा और पंजाब व जम्मू-कश्मीर के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

मम्मी मेरे साथ अच्छी थीं’… सलमा से नजरें चुराती थीं हेलेन, बेटे को सुनाई थी दिल छू लेने वाली कहानी


 दोनों की मुलाकात 1963 में एक फिल्म के सेट पर हुई थी, जहां से शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।

हालांकि यह रिश्ता आसान नहीं था। उस समय सलीम खान पहले से ही Salma Khan से शादीशुदा थे। एक इंटरव्यू में हेलेन ने बताया था कि शुरुआत में वे सलमा खान के सामने आने से कतराती थीं। जब भी वह सामने दिख जातीं, हेलेन अपनी कार में छिप जाती थीं। उन्हें डर था कि कहीं किसी को ठेस न पहुंचे।

समय के साथ हालात बदले। सलीम खान ने अपने रिश्ते को नाम और सम्मान देने के लिए 1980 में हेलेन से शादी कर ली। परिवार में शुरुआत में असहजता रही, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में अपनापन आ गया।

हेलेन ने अपने बेटे Arbaaz Khan को एक बार बताया था, “तुम्हारी मम्मी (सलमा) मेरे साथ हमेशा अच्छी रहीं।” यह बात उनके रिश्तों की गहराई और परिपक्वता को दर्शाती है।

आज हेलेन का सलीम खान के सभी बच्चों और गोद ली हुई बेटी Arpita Khan Sharma के साथ बेहद प्रेमपूर्ण और मजबूत रिश्ता है। यह कहानी इस बात की मिसाल है कि समझ, सम्मान और समय के साथ रिश्ते नई दिशा पा सकते हैं।

2014 में पहली शादी, 2 साल में तलाक… फिर नए प्यार से 1 महीने में हुई प्रेग्नेंट और रचाई दूसरी शादी


 पहला प्यार और शादी टूटने के बाद उन्हें लगा था कि अब जिंदगी में दोबारा प्यार की जगह नहीं बचेगी। साल 2014 में उन्होंने पहली शादी की, लेकिन महज दो साल बाद रिश्ता टूट गया और तलाक हो गया। इस दौर ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया।

बताया जाता है कि इसी बीच एक ज्योतिषी से मुलाकात हुई, जिसने भविष्यवाणी की—“तुम 32 साल की उम्र में शादी करोगी।” उस समय यह बात मजाक जैसी लगी। उन्हें लगा कि अब दोबारा शादी करना संभव नहीं।

लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। समय बीता और उनकी जिंदगी में नए शख्स की एंट्री हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्यार परवान चढ़ा। हैरानी की बात यह रही कि डेटिंग शुरू होने के महज एक महीने बाद ही वह प्रेग्नेंट हो गईं।

हालात और भावनाओं को समझते हुए दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। इस तरह 32 साल की उम्र में उन्होंने दूसरी शादी रचाई—बिल्कुल वैसा ही जैसा ज्योतिषी ने कभी कहा था।

यह कहानी बताती है कि जिंदगी में उतार-चढ़ाव के बावजूद उम्मीद की किरण बनी रहती है। कभी-कभी जो बात असंभव लगती है, वही सच बन जाती है।

पहले खुद को बताया पाकिस्तानी, फिर कोर्ट में दिखाया भारतीय पासपोर्ट; तेलंगाना हाईकोर्ट भी हुआ हैरान


 हैदराबाद। तेलंगाना हाईकोर्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां एक शख्स ने पहले खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया, लेकिन सुनवाई के दौरान भारतीय पासपोर्ट पेश कर दिया। विरोधाभासी दस्तावेजों के कारण कोर्ट ने कड़े सवाल उठाए और मामले ने कानूनी हलकों में हलचल मचा दी।

याकूतपुरा निवासी 33 वर्षीय सैयद अली हुसैन इमरान ने पुलिस पूछताछ पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। उनका दावा था कि वह भारत में जन्मे और पले-बढ़े हैं। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में उनकी नागरिकता को लेकर अलग जानकारी सामने आई।

सुनवाई के दौरान इमरान के वकील ने वर्ष 2022 में जारी भारतीय पासपोर्ट कोर्ट में पेश किया। इस पर सरकारी पक्ष ने बताया कि गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड में ऐसे किसी पासपोर्ट का विवरण उपलब्ध नहीं है। इस विसंगति पर अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हर सुनवाई में नए तथ्य सामने आना मामले को और उलझा रहा है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट की प्रामाणिकता की जांच करना अदालत का कार्यक्षेत्र नहीं है। अंततः विरोधाभासी दस्तावेजों के बीच याचिका वापस ले ली गई। अदालत ने जांच एजेंसियों को मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई करने की छूट दे दी है।

यह मामला पहचान, दस्तावेजों की विश्वसनीयता और कानूनी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।c

20 साल बाद परिवार से मिली मां, लेकिन अपनाने से पहले बेटों ने रख दी शर्त; दर्दभरी कहानी ने झकझोरा


  पश्चिम बंगाल से सामने आई एक घटना ने मां-बेटे के रिश्ते को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा जाता है, “भगवान हर जगह नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां को बनाया है”, लेकिन इस कहानी में हालात कुछ और ही बयां करते हैं।

करीब 20 साल पहले पारिवारिक विवाद और आर्थिक तंगी के कारण महिला अपने परिवार से अलग हो गई थी। परिस्थितियों ने उसे अपनों से दूर कर दिया। लंबे समय तक संघर्ष करने के बाद जब वह दोबारा अपने बेटों के संपर्क में आई, तो उसे उम्मीद थी कि बीते सालों की दूरियां मिट जाएंगी।

बताया जा रहा है कि बेटों ने मां को अपनाने से पहले कुछ शर्तें रख दीं। इनमें संपत्ति से जुड़े मुद्दे और रहने की व्यवस्था को लेकर स्पष्टता शामिल थी। मां के लिए यह पल भावनात्मक रूप से बेहद भारी था। एक ओर वर्षों बाद अपनों से मिलने की खुशी, तो दूसरी ओर अपनाए जाने की शर्तों का दर्द—इन दोनों के बीच वह टूटती नजर आई।

स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवारों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। मां-बेटे का रिश्ता शर्तों पर नहीं, बल्कि विश्वास और स्नेह पर टिका होता है।

यह घटना समाज के सामने यह सवाल छोड़ जाती है कि बदलते समय में रिश्तों की परिभाषा क्या रह गई है? क्या आर्थिक और सामाजिक दबाव भावनात्मक संबंधों से बड़े हो गए हैं?

इंद्रप्रस्थ से नई दिल्ली तक: इतिहास में कितनी बार बदला राजधानी का नाम?


 राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि इतिहास बताता है कि इस शहर की पहचान समय-समय पर बदलती रही है। प्राचीन ग्रंथ महाभारत में वर्णित इंद्रप्रस्थ को पांडवों की राजधानी माना जाता है, जिसे वर्तमान दिल्ली क्षेत्र से जोड़ा जाता है।

मध्यकाल में तोमर वंश के शासकों ने ‘ढिल्लिका’ नामक नगर बसाया, जिससे ‘दिल्ली’ शब्द की उत्पत्ति मानी जाती है। 12वीं सदी में पृथ्वीराज चौहान ने किला राय पिथौरा का विस्तार किया, जो उस दौर का प्रमुख केंद्र बना।

इसके बाद दिल्ली सल्तनत के शासकों ने सीरी, तुगलकाबाद और फिरोजाबाद जैसे नए शहर बसाए। 17वीं सदी में मुगल सम्राट शाहजहां ने शाहजहानाबाद की स्थापना की, जो आज पुरानी दिल्ली के रूप में जानी जाती है।

ब्रिटिश शासनकाल में 1911 में राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित किया गया और ‘नई दिल्ली’ नाम दिया गया, जिसका औपचारिक उद्घाटन 1931 में हुआ।

इतिहासकारों के अनुसार, दिल्ली केवल एक शहर नहीं बल्कि सभ्यताओं का संगम है, जिसने अलग-अलग कालखंडों में अलग नाम और पहचान पाई।

एआई समिट केस: 20 घंटे का हाईवोल्टेज ड्रामा, हिमाचल पुलिस से टकराव के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली रवाना हुई टीम


  शिमला। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 19 फरवरी को आयोजित एआई समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले ने दो राज्यों की पुलिस को आमने-सामने ला खड़ा किया। राजधानी शिमला में करीब 20 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला, जिसका अंत गुरुवार सुबह हुआ।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की 20 सदस्यीय टीम ने शिमला जिले के रोहड़ू के चिड़गांव स्थित एक होटल से सौरभ सिंह, अरबाज़ खान और सिद्धार्थ अवधूत को गिरफ्तार किया। ये तीनों एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन के आरोपी बताए गए हैं।

जब दिल्ली पुलिस टीम आरोपियों को लेकर वापस जा रही थी, तभी सोलन जिले के धर्मपुर में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों को हिरासत में ले लिया। हिमाचल पुलिस का आरोप था कि गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना की गई।

इसके बाद आरोपियों और दिल्ली पुलिस कर्मियों को शिमला लाया गया और अदालत में पेश किया गया। कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड की मांग की गई। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच शोघी बैरियर पर तीखी बहस भी देखने को मिली।

आखिरकार, सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय और कानूनी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या आप भी गिनकर बनाते हैं रोटियां? वास्तु के अनुसार क्यों माना जाता है इसे अशुभ संकेत


 Vastu Tips For Kitchen: घर की रसोई को सिर्फ भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार रसोई से जुड़ी छोटी-छोटी आदतें भी घर की सुख-समृद्धि पर असर डालती हैं। इन्हीं में से एक आदत है रोटियां गिनकर बनाना।

भोपाल के ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, जितने सदस्य उतनी ही रोटियां बनाना अभाव की मानसिकता का प्रतीक माना जाता है। वास्तु मान्यताओं में अन्न को देवी का रूप माना गया है। अन्नपूर्णा को अन्न की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, इसलिए रसोई में कमी या गणना की भावना रखना शुभ नहीं समझा जाता।

  • अभाव की सोच का संकेत: गिनकर रोटियां बनाना इस बात का प्रतीक माना जाता है कि घर में अन्न सीमित है।

  • बरकत पर प्रभाव: मान्यता है कि इससे घर की समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।

  • अतिथि सत्कार की भावना: भारतीय परंपरा में अतिथि को देवता माना गया है, इसलिए 1-2 रोटियां अतिरिक्त बनाना उदारता का प्रतीक है।

  • रोटियां 1-2 अधिक बनाएं।

  • ताजा आटे का उपयोग करें।

  • शांत मन से भोजन पकाएं।

  • बचा हुआ भोजन जरूरतमंदों को दान करें।

मान्यताओं के अनुसार, अन्न का सम्मान और सकारात्मक सोच घर में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।

कांटेदार और साधारण दिखने वाला ऐलोवेरा, लेकिन फायदे जानकर रह जाएंगे दंग


 अक्सर घरों में गमले में लगा कांटेदार सा दिखने वाला ऐलोवेरा नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यही पौधा सेहत और सुंदरता का खजाना है। Aloe vera की पत्तियों के अंदर पाया जाने वाला पारदर्शी जेल विटामिन A, C, E, B12, फोलिक एसिड, एंजाइम, मिनरल और अमीनो एसिड से भरपूर होता है। सही मात्रा में इसका उपयोग कई समस्याओं में लाभ पहुंचा सकता है।

  • नेचुरल मॉइश्चराइज़र: त्वचा को बिना चिपचिपाहट के हाइड्रेट रखता है।

  • सनबर्न में राहत: इसकी ठंडी तासीर धूप से झुलसी त्वचा को आराम देती है।

  • मुहांसों में असरदार: एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पिंपल्स कम करने में मदद करते हैं।

  • एंटी-एजिंग प्रभाव: एंटीऑक्सीडेंट झुर्रियों को कम कर त्वचा में निखार लाते हैं।

  • डैंड्रफ से छुटकारा: एंटीफंगल गुण खुजली और रूसी को कम करते हैं।

  • बालों की मजबूती: स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर जड़ों को मजबूत करता है।

  • नेचुरल कंडीशनर: बालों को मुलायम और चमकदार बनाता है।

ऐलोवेरा जूस सीमित मात्रा में लेने से पाचन बेहतर होता है, कब्ज में राहत मिलती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। कुछ शोधों में यह वजन और ब्लड शुगर नियंत्रण में भी सहायक माना गया है।

ध्यान रखें: अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदेह हो सकता है। गर्भवती महिलाएं या किसी बीमारी से ग्रसित लोग डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

बिना स्नान पूजा क्यों नहीं मानी जाती पूर्ण? शास्त्र और विज्ञान दोनों बताते हैं स्नान का महत्व


  मिर्जापुर। पूजा-पाठ और मंत्रोच्चार से पहले स्नान करना क्यों जरूरी माना गया है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है। विंध्यधाम के विद्वान ज्योतिषाचार्य अखिलेश अग्रहरि के अनुसार, शास्त्रों में स्नान को नित्यकर्म का अनिवार्य हिस्सा बताया गया है।

गरुड़ पुराणमनुस्मृति और एकलव्य स्मृति जैसे ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि बिना स्नान के देव पूजन, जप या हवन करने से पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं होती। शास्त्रों के अनुसार स्नान शरीर और मन की शुद्धि का माध्यम है। जब मन शुद्ध होता है, तब भक्ति, एकाग्रता और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होती है।

ज्योतिषाचार्य का कहना है कि स्नान से केवल बाहरी स्वच्छता ही नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता का भी अनुभव होता है। जल तत्व को पवित्रता और ऊर्जा का स्रोत माना गया है। स्नान के बाद शरीर में नई चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे पूजा का प्रभाव बढ़ता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी स्नान को लाभकारी माना गया है। सुबह स्नान करने से रक्तसंचार बेहतर होता है, मानसिक ताजगी मिलती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। यही कारण है कि स्नान को पूजा का पहला और महत्वपूर्ण कदम माना गया है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है प्रोटीन? जानिए शाकाहारियों के लिए बेस्ट सोर्स, कमजोरी होगी दूर


  स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है। विटामिन और मिनरल्स के साथ-साथ प्रोटीन भी एक ऐसा पोषक तत्व है, जिसकी कमी से शरीर कमजोर होने लगता है। प्रोटीन मांसपेशियों (मसल्स) के निर्माण, त्वचा की सेहत, बालों और नाखूनों की मजबूती के लिए अहम भूमिका निभाता है। बच्चों की ग्रोथ, टिश्यू रिपेयर, एंजाइम और हार्मोन बनाने में भी इसकी महत्वपूर्ण भागीदारी होती है।

अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, थकान महसूस होती है और इम्यून सिस्टम भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में रोजाना की डाइट में सही मात्रा में प्रोटीन शामिल करना जरूरी है।

शाकाहारी लोगों को प्रोटीन के लिए नॉनवेज पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। कई पौध-आधारित खाद्य पदार्थों में भरपूर प्रोटीन पाया जाता है, जैसे:

बाप रे बाप! 9 साल की मेहनत से तैयार ‘अजय राज’ गेहूं, 6.5 फीट ऊंची फसल, आंधी-बारिश में भी अडिग


 नई दिल्ली/सीकर। गेहूं उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान के सीकर निवासी किसान विकास कुमार सैनी ने 9 वर्षों की मेहनत के बाद ‘अजय राज’ नामक गेहूं की नई वैरायटी विकसित की है। यह किस्म करीब 6.5 फीट ऊंची बताई जा रही है और दावा किया जा रहा है कि आंधी, बारिश और तेज हवाओं में भी फसल आसानी से नहीं गिरती।

विकास कुमार सैनी हाल ही में अपनी इस विशेष किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान लेकर पहुंचे, जहां इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बताया जा रहा है कि यह गेहूं पोषण से भरपूर, स्वाद में बेहतर और मौसम के प्रतिकूल प्रभावों को सहन करने में सक्षम है।

किसान का दावा है कि यदि यह किस्म बड़े स्तर पर अपनाई जाती है तो पारंपरिक किस्मों की तुलना में किसानों को दोगुना नहीं बल्कि तीन गुना तक लाभ मिल सकता है। यही वजह है कि इसे ‘सुपर फूड’ गेहूं भी कहा जा रहा है।

विकास सैनी ने इस वैरायटी पर अपने अधिकार सुरक्षित रखने के लिए प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैराइटीज एंड फार्मर्स राइट्स अथॉरिटी में आवेदन भी किया है, ताकि भविष्य में इस पर उनका स्वामित्व सुनिश्चित रहे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह किस्म सभी परीक्षणों पर खरी उतरती है, तो यह गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।

‘शतक’ रिव्यू: टेक्नोलॉजी के दम पर उभरी विचारधारा की कहानी, VFX से सजी एक सदी की यात्रा


 फिल्म ‘शतक’ एक विजुअली भव्य और वैचारिक रूप से केंद्रित प्रस्तुति है, जो आधुनिक तकनीक, VFX और CGI के सहारे Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के लगभग सौ वर्षों के सफर को पर्दे पर उतारती है। 1925 में नागपुर से शुरू हुए एक संगठन के विस्तार और प्रभाव को फिल्म सिनेमाई अंदाज़ में दिखाती है।

निर्देशक Ashish Mool ने कहानी को ऐतिहासिक घटनाओं के साथ जोड़ा है—K. B. Hedgewar के दौर से लेकर M. S. Golwalkar (श्री गुरुजी) के नेतृत्व काल और देश विभाजन के उथल-पुथल भरे समय तक। फिल्म में संगठन के विस्तार, चुनौतियों और वैचारिक आधार को नाटकीय और तकनीकी प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया गया है।

‘शतक’ की सबसे बड़ी खासियत इसका तकनीकी पक्ष है। ऐतिहासिक दृश्यों को CGI और विजुअल इफेक्ट्स की मदद से जीवंत बनाया गया है। 1920 और 1940 के दशक का माहौल, विभाजन के दृश्य और बड़े जनसमूहों की झलकियां प्रभावशाली लगती हैं।

फिल्म स्पष्ट रूप से एक विचारधारा और संगठन की यात्रा पर केंद्रित है। जो दर्शक आधुनिक भारतीय इतिहास और वैचारिक आंदोलनों को समझना चाहते हैं, उनके लिए यह फिल्म दिलचस्प हो सकती है। हालांकि, फिल्म का दृष्टिकोण एकतरफा प्रतीत हो सकता है, इसलिए इसे एक सिनेमाई प्रस्तुति के रूप में देखना अधिक उपयुक्त रहेगा।

कुल मिलाकर, ‘शतक’ तकनीक और राष्ट्रवाद के संगम का एक महत्वाकांक्षी प्रयास है, जो इतिहास को बड़े परदे पर प्रभावशाली अंदाज़ में पेश करता है।

कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 127 किलो सोना तस्करी केस में चार्जशीट


 प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने कन्नड़ अभिनेत्री Ranya Rao और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ कथित सोना तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेंगलुरु की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।

चार्जशीट में रान्या राव के अलावा उनके सहयोगी तरुण कोंडूरू और बेल्लारी के सोना व्यापारी साहिल सकरिया जैन का नाम शामिल है। मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया गया है।

ईडी के अनुसार, मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 127.28 किलोग्राम सोना अवैध रूप से भारत लाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 102.55 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह सोना हैंडलर्स और ज्वैलर्स के नेटवर्क के जरिए घरेलू बाजार में खपाया गया।

इससे पहले राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 3 मार्च 2025 को रान्या राव को दुबई से लौटने पर बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। उस समय उनके पास से 14.2 किलो सोने की ईंटें बरामद हुई थीं, जिनकी कीमत लगभग 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

ईडी ने जांच के दौरान करीब 34 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां कथित अवैध कमाई से खरीदी गई थीं।

फिलहाल मामले की सुनवाई विशेष PMLA अदालत में जारी है और आगे की जांच भी प्रगति पर है।

‘स्प्लिट्सविला 7’ स्टार मयंक पवार का निधन, 37 की उम्र में ली आखिरी सांस, फिटनेस जगत में शोक


 रियलिटी शो MTV Splitsvilla से पहचान बनाने वाले फिटनेस आइकॉन Mayank Pawar का 37 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। इस खबर से टेलीविजन और फिटनेस इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।

मयंक पवार सात बार ‘मिस्टर इंडिया’ का खिताब जीत चुके थे और बॉडीबिल्डिंग व फिटनेस जगत का बड़ा नाम माने जाते थे। उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 23 फरवरी 2026 को एक भावुक पोस्ट के जरिए उनके निधन की पुष्टि की गई। हालांकि, अभी तक उनकी मौत के कारण का खुलासा नहीं किया गया है।

पोस्ट में लिखा गया,
“एक भाई, एक चैंपियन, एक मेंटर और कई लोगों के लिए प्रेरणा… मयंक पवार हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। कृपया उन्हें अपनी प्रार्थनाओं में याद रखें। ॐ शांति।”

मयंक का जन्म 1 जनवरी 1989 को हुआ था। उन्होंने हाल ही में 1 जनवरी 2026 को अपना 37वां जन्मदिन मनाया था। उनके अचानक निधन की खबर ने फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं।

परिवार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, श्रद्धांजलि सभा 25 फरवरी 2026 को शाम 5 बजे से 6 बजे तक दिल्ली के संग्राम पार्क, राणा प्रताप बाग स्थित वाल्मीकि मंदिर में आयोजित की जाएगी।

फिटनेस की दुनिया में मयंक पवार का नाम हमेशा एक प्रेरणा के रूप में याद किया जाएगा। 

करण कुंद्रा के सीने पर तेजस्वी का टैटू! असली इश्क या एआई ट्रिक? एक्टर ने खुद बताई सच्चाई


 


 टीवी इंडस्ट्री के चर्चित कपल Karan Kundrra और Tejasswi Prakash एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें करण कुंद्रा के सीने पर तेजस्वी प्रकाश का चेहरा टैटू के रूप में नजर आया।

वीडियो सामने आते ही फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई। किसी ने इसे सच्चे प्यार की निशानी बताया तो कुछ लोगों ने इसे एआई जनरेटेड इमेज करार दिया। ‘तेजरन’ की जोड़ी पहले ही फैंस की फेवरेट है, ऐसे में यह रोमांटिक जेस्चर तेजी से वायरल हो गया।

मामले पर बढ़ती अटकलों के बीच करण कुंद्रा ने खुद इस टैटू की सच्चाई साफ की। उन्होंने बताया कि यह परमानेंट टैटू नहीं है, बल्कि एक क्रिएटिव इफेक्ट था, जिसे वीडियो के लिए इस्तेमाल किया गया। यानी यह एआई या डिजिटल एडिटिंग का कमाल था, असली टैटू नहीं।

हालांकि सच सामने आने के बाद भी फैंस का उत्साह कम नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर लोग करण के इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं और दोनों की केमिस्ट्री को सराह रहे हैं।

लिवर कैंसर के बाद फिर बढ़ी चिंता: पेट में सिस्ट के चलते दीपिका कक्कड़ की होगी दूसरी सर्जरी


 


 टीवी एक्ट्रेस Dipika Kakar एक बार फिर सेहत को लेकर चर्चा में हैं। पिछले साल लिवर कैंसर से जंग जीतने के बाद अब वह पेट से जुड़ी गंभीर समस्या का सामना कर रही हैं। उनके पति Shoaib Ibrahim ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में फैंस को हेल्थ अपडेट देते हुए बताया कि दीपिका के पेट में सिस्ट पाया गया है, जिसके लिए जल्द ही सर्जरी की जाएगी।

शोएब ने बताया कि हाल ही में दोनों एक बर्थडे पार्टी में शामिल हुए थे, जहां अचानक दीपिका की तबीयत बिगड़ गई। पिछले दो दिनों से उन्हें हल्का पेट दर्द था, लेकिन शुक्रवार रात यह दर्द काफी तेज हो गया। इसके बाद उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया।

जांच के दौरान सीटी स्कैन में 13 मिमी का नया सिस्ट सामने आया। दीपिका ने यह भी बताया कि उन्हें पेट दर्द के साथ-साथ बाएं कंधे में भी तकलीफ महसूस हो रही थी। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि कंधे का दर्द सिस्ट से सीधे तौर पर जुड़ा नहीं है।

लंबे कैंसर उपचार के बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ था, लेकिन अब दोबारा सर्जरी की खबर से फैंस चिंतित हैं। शोएब ने भरोसा दिलाया है कि डॉक्टरों की निगरानी में जल्द ऑपरेशन किया जाएगा और उम्मीद है कि दीपिका जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होंगी।

एक दौर की शान, आज वीरान… दिल्ली का पहला मॉल अंसल प्लाजा क्यों बन गया ‘भूतिया शहर’?

 

दिल्ली में मॉल कल्चर की शुरुआत करने वाला अंसल प्लाजा आज अपनी जर्जर हालत के कारण चर्चा में है। 1999 में खुला Ansal Plaza कभी राजधानी की शान हुआ करता था। साउथ दिल्ली में स्थित यह मॉल युवाओं और परिवारों की पसंदीदा जगह हुआ करता था, जहां ब्रांडेड स्टोर, फूड कोर्ट और मल्टीप्लेक्स की रौनक रहती थी।

समय के साथ बदलते ट्रेंड, नए और बड़े मॉल्स की एंट्री और ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव ने इसकी चमक फीकी कर दी। आसपास के इलाकों में आधुनिक सुविधाओं से लैस कई बड़े शॉपिंग मॉल खुल गए, जिससे यहां फुटफॉल लगातार घटता गया। रखरखाव की कमी और ब्रांड्स के एक-एक कर बंद होने से स्थिति और बिगड़ती चली गई।

आज हालात यह हैं कि मॉल के अधिकांश शटर बंद हैं। इक्का-दुक्का आउटलेट ही बचे हैं, जिनमें McDonald's और कुछ स्पा सेंटर शामिल हैं। वीरान गलियारों और खाली दुकानों के कारण स्थानीय लोग इसे ‘भूतिया मॉल’ तक कहने लगे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट प्लानिंग, समय पर आधुनिकीकरण की कमी और बदलते उपभोक्ता व्यवहार ने अंसल प्लाजा को पीछे छोड़ दिया। कभी दिल्ली की पहचान रहा यह मॉल अब शहरी विकास और बाजार की प्रतिस्पर्धा की कहानी बयान करता नजर आता है।

BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर IT की रेड, किन ‘सीक्रेट फाइलों’ की तलाश?

 

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब लखनऊ के गोमती नगर स्थित आवास पर बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा। जानकारी के मुताबिक 50 से ज्यादा अधिकारी कई गाड़ियों में पहुंचकर पूरे परिसर को घेर लिया और अंदर-बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी।

Uma Shankar Singh बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक हैं और वर्तमान में Bahujan Samaj Party (BSP) के इकलौते विधायक बताए जा रहे हैं। वे पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी के कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों और विधानसभा सत्र से दूर हैं।

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और कुछ कथित ‘सीक्रेट फाइलों’ से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर विभाग ने अभी तक जांच के दायरे या बरामदगी को लेकर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।

राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। विपक्षी दल इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि छापेमारी पूरी तरह से वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है।

फिलहाल आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल में जुटी है। मामले में आगे क्या खुलासा होता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।